गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में चल रहे टेस्ट मैच के पांचवें और अंतिम दिन भारतीय टीम ने केवल अपनी गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि चतुर दिमागी रणनीति के जरिए भी मैच पर अपनी पकड़ मजबूत की। टेस्ट क्रिकेट में विरोधी बल्लेबाजों का ध्यान भटकाने और उन्हें एकाग्रता खोने पर मजबूर करने के लिए स्लेजिंग और दिमागी खेल का अक्सर इस्तेमाल किया जाता है। गॉल टेस्ट के अंतिम दिन भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने इस रणनीति का बेहतरीन इस्तेमाल किया। जायसवाल ने श्रीलंकाई बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को लगातार उकसाकर ऐसा जाल बुना, जिसमें फंसकर श्रीलंकाई खिलाड़ी ने अपना महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिया।
श्रीलंकाई बल्लेबाजों का जुझारू प्रदर्शन और जडेजा का ब्रेकथ्रू
मैच के पांचवें दिन के सुबह के सत्र में श्रीलंकाई टीम ने भारतीय स्पिन आक्रमण के खिलाफ बेहद अनुशासित बल्लेबाजी का परिचय दिया। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा और सोनल दिनुशा ने भारतीय गेंदबाजों को काफी देर तक सफलता से दूर रखा। दोनों ही बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए अपने-अपने अर्धशतक पूरे किए और भारतीय टीम के सामने कड़ी चुनौती पेश की। भारत को इस मजबूत साझेदारी को तोड़ने की सख्त जरूरत थी। सुबह के सत्र के बिल्कुल अंतिम क्षणों में ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने भारत को सफलता दिलाई। जडेजा की गेंद पर धनंजय डी सिल्वा शॉर्ट फाइन लेग पर कैच आउट हो गए। इस बड़े विकेट के गिरते ही क्रीज पर अनुभवी बल्लेबाज निरोशन डिकवेला का आगमन हुआ, जिनसे श्रीलंकाई पारी को संभालने की उम्मीद की जा रही थी।
स्टंप माइक में दर्ज हुई जायसवाल की अनोखी चुनौती
जैसे ही निरोशन डिकवेला बल्लेबाजी करने आए, क्लोज-इन फील्डिंग पोजीशन पर खड़े यशस्वी जायसवाल ने उन पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। जायसवाल ने डिकवेला को उकसाते हुए लेग साइड पर बड़ा शॉट खेलने की चुनौती दी। जायसवाल ने उनसे कहा, "अगर हिम्मत है तो छक्का मारो! अगर तुम इधर छक्का मारोगे तो मैं संगा से बात करूंगा और तुम्हें आईपीएल कॉन्ट्रेक्ट दिलवा दूंगा।" जायसवाल का यह अनोखा तंज मैदान पर लगे स्टंप माइक में पूरी तरह रिकॉर्ड हो गया। इस स्लेजिंग का जवाब देते हुए डिकवेला ने स्लिप फील्डर की तरफ देखकर कहा, "हां, मैं मारूंगा, सर।" यह बातचीत स्पष्ट कर रही थी कि मैदान पर माहौल काफी गर्म हो चुका था और जायसवाल की बातें डिकवेला के दिमाग पर असर डाल रही थीं।
प्रसिद्ध कृष्णा का शॉर्ट बॉल ट्रैप और डिकवेला की विदाई
यशस्वी जायसवाल द्वारा बनाए गए मानसिक दबाव का असर तुरंत अगले ही ओवर में दिखाई दिया। भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने योजना के तहत निरोशन डिकवेला को लगातार बाउंसर फेंकना शुरू कर दिया। जायसवाल की बातों से झुंझलाए डिकवेला ने प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आक्रामक प्रहार करने की कोशिश की। कृष्णा की एक सटीक और तेज शॉर्ट बॉल पर डिकवेला का नियंत्रण हट गया और गेंद बल्ले का किनारा लेती हुई सीधे विकेटकीपर के दस्तानों में चली गई। निरोशन डिकवेला सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए। डिकवेला के आउट होते ही जायसवाल ने एक बार फिर उनके पास जाकर कहा, "तुममें हिम्मत नहीं है!" इस तरह भारतीय टीम ने ना केवल एक अहम विकेट हासिल किया, बल्कि स्लेजिंग की अपनी योजना को भी पूरी तरह से सफल साबित किया।


















