विश्व फुटबॉल के दिग्गज पूर्व मिडफील्डर रहे स्पेन के जावी हर्नांडेज को नीदरलैंड्स की पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। 46 वर्षीय जावी उस रोनाल्ड कोमैन का स्थान लेंगे, जिन्होंने हाल ही में संपन्न हुए फीफा विश्व कप के बाद अपने पद से हटने का निर्णय लिया था। नीदरलैंड्स की राष्ट्रीय टीम का हालिया विश्व कप अभियान उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था, जहां टीम को पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को के हाथों हार का सामना करके राउंड ऑफ 32 से ही बाहर होना पड़ा था।
48 साल बाद नीदरलैंड्स की कमान किसी विदेशी कोच के पास
नीदरलैंड्स फुटबॉल संघ द्वारा उठाया गया यह कदम डच फुटबॉल के इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। साल 1978 के बाद यह पहला अवसर है जब नीदरलैंड्स ने किसी विदेशी रणनीतिकार को अपनी राष्ट्रीय पुरुष टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया है। इस तरह पूरे 48 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी गैर-डच कोच को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिलचस्प तथ्य यह भी है कि 2010 के फीफा विश्व कप के फाइनल मुकाबले में स्पेन ने नीदरलैंड्स को हराकर पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीती थी और 46 वर्षीय जावी उस ऐतिहासिक स्पेनिश टीम के मुख्य मिडफील्डर और अहम खिलाड़ी थे।
डच फुटबॉल दर्शन से जावी का गहरा नाता
नीदरलैंड्स की राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच बनने के बाद जावी हर्नांडेज ने डच फुटबॉल संस्कृति और उसके सिद्धांतों के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया। पदभार ग्रहण करते हुए जावी ने कहा, "डच राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच बनना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है।" इसके साथ ही जावी ने स्पष्ट किया कि बार्सिलोना की ला मेशिया अकादमी में शुरुआती प्रशिक्षण प्राप्त करने और जोहान क्रुफ तथा रिनस मिशेल्स जैसे महान डच दिग्गजों की शैली से प्रभावित होने के कारण वह डच फुटबॉल से एक विशेष जुड़ाव महसूस करते हैं। उन्होंने माना कि वह एक तरह से डच फुटबॉल परंपरा के ही उपज हैं।
जावी ने अन्य महान डच प्रबंधकों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने बताया कि लुई वैन गाल, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने बार्सिलोना के लिए अपना पहला मैच खेला था, और फ्रैंक रिजकार्ड ने भी एक खिलाड़ी और कोच के रूप में उनके व्यक्तित्व को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
बार्सिलोना के बाद दूसरी बार रोनाल्ड कोमैन की ली जगह
यह फुटबॉल इतिहास का एक दिलचस्प संयोग है कि जावी ने अपने कोचिंग करियर में दूसरी बार रोनाल्ड कोमैन का स्थान लिया है। इससे पहले साल 2021 में बार्सिलोना के घरेलू मैदान कैंप नोउ में भी जावी ने कोमैन के हटने के बाद मुख्य कोच की कमान संभाली थी। उस समय पद संभालने के बाद अगले ही सीजन में जावी ने कैटलन क्लब बार्सिलोना को चार साल के लंबे इंतजार के बाद 2022-23 का ला लीगा खिताब जिताया था।
मैदान से डगआउट तक ट्रॉफियों से सजा जावी का सफर
जावी हर्नांडेज का फुटबॉल करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। एक खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने स्पेन के लिए 2010 का विश्व कप तथा 2008 और 2012 में लगातार दो यूरोपीय चैंपियनशिप की ट्रॉफियां जीतीं। स्पेन और बार्सिलोना के लिए अपने ऐतिहासिक खेल जीवन को समाप्त करने के बाद उन्होंने 2019 में कतर के क्लब अल सद्द से अपने कोचिंग करियर की शुरुआत की। कतर में रहते हुए उन्होंने अपनी टीम को कुल 7 ट्रॉफियां जिताईं।
कतर के सफल कार्यकाल के बाद वह अपने गृह नगर लौटे और बार्सिलोना के कठिन दौर में कोमैन की जगह ली। उन्होंने 2022-23 में टीम को ला लीगा का खिताब और 2023 में स्पैनिश सुपरकोपा जिताया। हालांकि, वह इस सफलता को आगे बरकरार नहीं रख सके और 2023-24 का सीजन बिना किसी ट्रॉफी के समाप्त होने पर मई 2024 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद हंसी फ्लिक को कोच बनाया गया था। अब नीदरलैंड्स टीम के साथ जावी एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं।



















