फुटबॉल जगत के लिए शनिवार का दिन बेहद दुखद साबित हुआ, जब अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। जॉर्ज केवल एक पिता ही नहीं थे, बल्कि लियोनल मेसी के पूरे करियर के मुख्य रणनीतिकार, एजेंट और सबसे बड़े मार्गदर्शक भी थे। उन्होंने ही बचपन से लेकर मेसी को दुनिया का सबसे सफल फुटबॉलर बनाने तक हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया।
अर्जेंटीना से ला मासिया तक का ऐतिहासिक फैसला
साल 2000 के शुरुआती दौर में जब लियोनल मेसी बहुत छोटे थे, तब वे 'ग्रोथ हार्मोन डिफ़िशिएंसी' यानी शारीरिक विकास से जुड़ी बीमारी से पीड़ित थे। अर्जेंटीना में उनके इलाज का खर्च उठा पाना काफी मुश्किल हो रहा था। ऐसे कठिन समय में उनके पिता जॉर्ज मेसी ने एक बेहद साहसी कदम उठाया। वह मेसी को अर्जेंटीना से स्पेन ले गए और बार्सिलोना के मशहूर यूथ एकेडमी 'ला मासिया' में उनका ट्रायल कराया। बार्सिलोना क्लब मेसी के इलाज का खर्च उठाने के लिए तैयार हो गया और यहीं से फुटबॉल इतिहास का सबसे नया और सफल अध्याय शुरू हुआ।
मैदान के बाहर का बिज़नेस और कानूनी चुनौतियां
मैदान के बाहर मेसी के सभी व्यावसायिक, वित्तीय और ट्रांसफर सौदों की जिम्मेदारी जॉर्ज मेसी के कंधों पर ही थी। उन्होंने बार्सिलोना के साथ मेसी के कई ऐतिहासिक करारों पर बातचीत की। इसके बाद जब मेसी का तबादला पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) और फिर अमरीकी क्लब इंटर मियामी में हुआ, तो इन सभी बड़े फैसलों के पीछे जॉर्ज की ही सोची-समझी रणनीति थी।
खिलाड़ी के तौर पर मिलने वाले कॉन्ट्रैक्ट्स के अलावा जॉर्ज ने मेसी के इमेज राइट्स, रियल एस्टेट, लग्जरी होटल और रेस्तरां जैसे बड़े निवेशों का प्रबंधन बेहद कुशलता से संभाला। हालांकि, इस शानदार सफर के दौरान उन्हें कानूनी अड़चनों का भी सामना करना पड़ा। साल 2016 में स्पेन में टैक्स चोरी के एक मामले में अदालत ने मेसी और उनके पिता दोनों को दोषी ठहराया था। लेकिन सजा की अवधि दो साल से कम होने के कारण स्पेनिश कानून के तहत दोनों में से किसी को जेल नहीं जाना पड़ा था।
विश्व कप 2026 का दौर और रिकॉर्ड्स का सफर
हाल ही में अमरीका में संपन्न हुए फीफा विश्व कप 2026 के दौरान भी जॉर्ज मेसी का स्वास्थ्य काफी खराब था और उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा था। उस दौरान सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनकी सेहत को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैल रही थीं। स्थिति को देखते हुए मेसी के परिवार ने सभी से संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की भावुक अपील की थी, ताकि परिवार इस मुश्किल परिस्थिति से शांतिपूर्वक निपट सके।
इसी टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना को स्पेन के खिलाफ अतिरिक्त समय में 1-0 से कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बावजूद लियोनल मेसी ने विश्व कप में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने जर्मनी के दिग्गज खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोस के 16 विश्व कप गोल करने के सर्वकालिक रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। हालांकि, इसी टूर्नामेंट में फ्रांस के युवा स्टार किलियन एम्बापे ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए कुल 22 गोल किए और मेसी को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया।



















