आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही हमारी रोजमर्रा की जिंदगी की ढेरों बातें इन प्लेटफॉर्म्स पर दर्ज हो रही हैं। जब कोई यूजर किसी एआई टूल से लगातार बातचीत करता है, तो यह केवल निजी जानकारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मिलने वाले जवाबों के तौर-तरीके को भी बदल देता है। चैटजीपीटी अब हर संवाद के दौरान एक अदृश्य संदर्भ तैयार करता है, जिससे कई बार यूजर को अनचाहे और भ्रामक जवाब मिलने लगते हैं।
इसे एक साधारण उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर किसी यूजर ने घर का कोई बिजली का स्विच बदलने के लिए हफ्ते भर इंटरनेट पर तरीके खोजे और चैटजीपीटी से सलाह ली, तो चैटबॉट यह मान बैठता है कि उस यूजर को खुद चीजें बनाने या मरम्मत करने का खास शौक है। इसी तरह यदि कोई व्यक्ति छुट्टियों में घूमने जाने के लिए किसी शहर के दर्शनीय स्थलों की सूची मांगता है, तो एआई यह समझ सकता है कि यूजर उसी इलाके में रहता है। इसके बाद यूजर जब भी कोई नया सवाल पूछता है, तो चैटबॉट अपनी बनाई गई इसी पृष्ठभूमि के आधार पर जवाब तैयार करता है।
मेमोरी फीचर की शुरुआत और उसमें आए बड़े बदलाव
चैटजीपीटी में मेमोरी की सुविधा सबसे पहले अप्रैल 2024 में पेश की गई थी। उस शुरुआती दौर में सिस्टम बेहद सीमित था। बॉट से किसी बात को याद रखने के लिए यूजर को सीधे और स्पष्ट निर्देश देने पड़ते थे कि इस तथ्य को याद रखो। अगर ऐसा नहीं कहा जाता था, तो बातचीत आगे बढ़ते ही वह जानकारी गायब हो जाती थी। इसके बाद यूजर जरूरत पड़ने पर ही उस जानकारी का दोबारा इस्तेमाल कर पाते थे।
हालांकि वह शुरुआती व्यवस्था काफी सख्त और अपूर्ण थी। वे यादें समय के साथ बदलती नहीं थीं। उदाहरण के लिए, अगर यूजर ने आने वाले किसी समारोह या पार्टी का जिक्र किया, तो चैटबॉट तारीख बीत जाने के बाद भी उसे भविष्य का ही कार्यक्रम मानता रहता था। जब तक यूजर खुद जाकर उसे यह न बताए कि कार्यक्रम खत्म हो चुका है, चैटबॉट पुरानी बात को ही दोहराता रहता था।
जून के अपडेट के बाद ड्रीमिंग प्रक्रिया
जून में जारी एक महत्वपूर्ण अपडेट के बाद चैटजीपीटी में ड्रीमिंग नामक एक नई प्रक्रिया जोड़ी गई। इसके आने से बॉट की याददाश्त अब लचीली हो गई है। यह समय के साथ जानकारी को अपडेट और संपादित करती रहती है। अब चैटबॉट को यह समझ आ जाता है कि जिस पार्टी की बात पहले हुई थी, वह अब अतीत का हिस्सा बन चुकी है। सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ कि अब यूजर को हर बात याद रखने के लिए अलग से निर्देश नहीं देने पड़ते, बल्कि सिस्टम अपने आप जरूरी जानकारियों को छांटकर सहेजने लगा है।
इसका सीधा अर्थ यह है कि अब चैटबॉट खुद तय करता है कि बातचीत का कौन सा हिस्सा याद रखना चाहिए और किसे छोड़ देना चाहिए। सुविधा के लिहाज से यह भले ही आसान लगे, लेकिन इसके साथ नई मुश्किलें भी जुड़ गई हैं। चैटजीपीटी हर बातचीत के साथ यूजर के बारे में अपनी धारणाओं को बदलता रहता है और कई बार उसका यह आकलन पूरी तरह गलत साबित होता है।
ओपनएआई के अनुसार, मेमोरी या ड्रीमिंग प्रक्रिया के मुख्य रूप से तीन मकसद तय किए गए हैं। पहला मकसद बातचीत के जरूरी संदर्भ को आगे बनाए रखना है। दूसरा मकसद यूजर की प्राथमिकताओं और तय की गई सीमाओं का पालन करना है, और तीसरा मकसद समय बीतने के साथ जानकारियों को एकदम नया बनाए रखना है। सैद्धांतिक रूप से इसका फायदा यह होना चाहिए कि यूजर को अपनी पसंद के हिसाब से सटीक जवाब मिलें, लेकिन हकीकत में यूजर के पास इस पूरी व्यवस्था पर उतना नियंत्रण नहीं रहता जितना वह उम्मीद करता है।
मेमोरी की जांच और सेटिंग्स में बदलाव के कदम
अगर आप यह देखना चाहते हैं कि चैटजीपीटी ने आपके बारे में क्या-क्या जानकारियां जमा कर रखी हैं, तो वेब ब्राउजर में अपने प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करें, जो स्क्रीन के निचले बाएं कोने में मौजूद रहता है। इसके बाद पर्सनलाइजेशन विकल्प चुनें और नीचे स्क्रॉल करके मेमोरी अनुभाग में जाएं। अगर आप मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहे हैं, तो सबसे पहले ऊपरी बाएं कोने में दिए गए मेन्यू बटन पर टैप करें, फिर अपने प्रोफाइल आइकन को दबाएं और मेमोरी विकल्प को चुनें।
मेमोरी सेक्शन में पहुंचते ही सबसे पहले इस फीचर को ऑन या ऑफ करने वाला एक टॉगल बटन दिखाई देता है। अगर आप इसे बंद कर देते हैं, तो चैटजीपीटी आगे से आपकी किसी भी बात को याद रखना बंद कर देगा। हालांकि इस स्विच को बंद करने भर से पहले से जमा की गई पुरानी यादें तुरंत खत्म नहीं होती हैं। बॉट नए जवाबों में उनका संदर्भ लेना तो रोक देता है, लेकिन वे जानकारियां सुरक्षित रहती हैं ताकि भविष्य में फीचर चालू करने पर उनका फिर से इस्तेमाल हो सके।
गलत जानकारियों को ठीक करने और हटाने का तरीका
एआई द्वारा तैयार की गई अपनी प्रोफाइल को गहराई से देखने के लिए मेमोरी समरीज के पास दिए गए मैनेज विकल्प पर क्लिक करें। यहां यूजर की रुचियों और जवाब देने के पसंदीदा तरीकों का पूरा ब्योरा दर्ज रहता है। यहां किसी भी बिंदु को चुनकर यूजर सुधार कर सकते हैं या फिर इसे दोबारा मत दोहराना का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा नीचे दिए गए प्रॉम्प्ट बॉक्स में सीधे लिखकर भी निर्देश दिए जा सकते हैं, जैसे कि यह बात भूल जाओ कि मैं एक पत्रकार हूं।
अगर आप अपनी पूरी मेमोरी को एक साथ साफ करना चाहते हैं, तो सबसे ऊपर मौजूद तीन बिंदुओं वाले आइकन पर क्लिक करें। वहां से डिलीट एंड टर्न ऑफ मेमोरी का चयन करें। पुष्टि करते ही चैटजीपीटी की मेमोरी पूरी तरह खाली हो जाएगी और सब कुछ शून्य से शुरू होगा। हालांकि इस कदम से आपकी पुरानी चैट हिस्ट्री डिलीट नहीं होती है। अगर आप भविष्य में मेमोरी फीचर को फिर से चालू करते हैं, तो चैटबॉट पुरानी सभी बातचीत को दोबारा पढ़कर आपकी नई प्रोफाइल तैयार करना शुरू कर देगा।
टेम्परेरी चैट का सुरक्षित उपयोग
मेमोरी के अनचाहे असर से बचने का एक सीधा तरीका यह भी है कि चैटबॉट से बातचीत के दौरान ऐसी कोई निजी बात साझा ही न की जाए जिसे आप सहेजना नहीं चाहते। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर टेम्परेरी चैट की सुविधा भी मिलती है। इस मोड में की गई कोई भी बातचीत मेमोरी में दर्ज नहीं होती और चैट विंडो बंद करते ही सारी बातचीत अपने आप खत्म हो जाती है। वेब ब्राउजर में इस विकल्प को चालू करने के लिए ऊपरी दाएं कोने में दिखने वाले डॉटेड स्पीच बबल आइकन पर क्लिक करके बात शुरू की जा सकती है।


















