हैदराबाद में अपने पारंपरिक जायकों जैसे बिरयानी और ईरानी चाय के बीच अब लोग पौष्टिक आदतों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। शहर के उद्यानों में सुबह सैर करने वालों, कसरत करने वाले फिटनेस प्रेमियों और दफ्तर के लिए निकलने वाले कामकाजी युवाओं में मोटे अनाज से तैयार देसी पेय पदार्थों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खास तौर पर सुबह के व्यायाम अथवा टहलने के तुरंत बाद शरीर को नई शक्ति और स्फूर्ति देने के लिए फॉक्सटेल मिलेट से बना पारंपरिक दलिया यानी कोर्रा जावा लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
स्वास्थ्य के लिए क्यों खास है यह पारंपरिक पेय
दक्षिण भारतीय खानपान में रागी तथा बाजरे से बनने वाली अंबली अथवा जावा सदियों से दैनिक आहार का हिस्सा रही है। उसी कड़ी में अब कंगनी से तैयार यह दलिया अपने पौष्टिक गुणों के चलते खास पहचान बना रहा है। कोर्रा जावा न केवल पचने में बेहद हल्का और सुपाच्य होता है, बल्कि डायबिटीज के मरीजों और बढ़ते वजन पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए एक अत्यंत गुणकारी आहार के रूप में सामने आया है। इसे घर की रसोई में बहुत कम मेहनत और बेहद आसान तरीके से बनाया जा सकता है।
घर पर तैयार करने की आसान सामग्री और विधि
इस पौष्टिक पेय को बनाने के लिए आधा कप दरदरा पिसा हुआ कंगनी का रवा उपयोग में लाया जाता है। सबसे पहले फॉक्सटेल मिलेट को मिक्सी के जार में डालकर हल्का दरदरा पीस लें ताकि यह सूजी अथवा रवे के रूप में आ जाए। इसके बाद इस रवे को करीब 5 से 6 घंटे या फिर पूरी रात के लिए साफ पानी में भिगोकर रख दें, जिससे इसके पोषक तत्व आसानी से पचने योग्य बन जाते हैं।
एक गहरे बर्तन में चार से पांच कप पानी रखकर चूल्हे पर गर्म करें। जैसे ही पानी में उबाल आने लगे, उसमें मूंगफली के दाने और स्वीट कॉर्न डालकर मध्यम आंच पर 3 से 4 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें। इसके बाद पहले से भिगोकर रखे गए कंगनी के रवे का अतिरिक्त पानी अलग कर दें और रवे को धीरे-धीरे उबलते पानी में डालें। बर्तन में रवा डालते समय करछी को बिना रुके लगातार चलाते रहें, ताकि गर्म पानी के संपर्क में आने से घोल के भीतर किसी भी तरह की गांठें या गुठलियां न जमने पाएं।
पकाने का तरीका और परोसने का अंदाज
इस मिश्रण को धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि यह गाढ़ा न हो जाए और दाना पूरी तरह नरम होकर पक न जाए। अच्छी तरह पक जाने के बाद इसमें स्वादानुसार सादा नमक, बारीक कटा हुआ हरा धनिया और दो चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर मिलाएं। सभी चीजों को एकसार करने के बाद आंच बंद कर दें। जब कोर्रा जावा हल्का गुनगुना रह जाए, तब इसे मिट्टी के कुल्हड़ अथवा कांच के ग्लास में निकाल लें। ऊपर से ताजे कटे नींबू का रस निचोड़ें और इसे गर्मागर्म पिएं। सुबह के नाश्ते में इसका सेवन पेट को कई घंटों तक भरा रखता है और दिनभर चुस्ती-फुर्ती बनाए रखता है।

















