जेब में तो नहीं, लेकिन बैग में आराम से समा जाने वाला Anker Nebula Mars 3 Air एक पोर्टेबल प्रोजेक्टर है जिसे कमरे से कमरे और छोटी-मोटी आउटडोर स्क्रीनिंग के लिए बनाया गया है। इसमें 1080p डीएलपी पैनल एलईडी लाइट सोर्स के साथ दिया गया है, साथ ही बिल्ट-इन बैटरी, कैरी हैंडल, गूगल टीवी, कास्टिंग सपोर्ट और 8 वॉट के दो स्पीकर भी हैं। लेकिन जैसे ही तस्वीर दीवार पर उतरती है, समीक्षा में सामने आया कि इसका अनुभव मिला-जुला है, सुविधा और रंगों के मामले में यह अच्छा है, लेकिन ब्राइटनेस और कंट्रास्ट जैसी उन चीजों में कमजोर है जो तस्वीर को सिनेमाई एहसास देती हैं।
सेटअप आसान, पर वायरिंग सीमित
Mars 3 Air सबसे ज्यादा भरोसा अपने सेटअप फीचर्स पर करता है। इसमें ऑटोफोकस, ऑटोमैटिक कीस्टोन करेक्शन, ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस, ऑटो स्क्रीन फिट और मूवमेंट के बाद खुद ब खुद करेक्शन जैसी सुविधाएं हैं, यानी प्रोजेक्टर को एक कमरे से दूसरे कमरे में ले जाने पर हर बार हाथ से तस्वीर सीधी करने की जरूरत नहीं पड़ती। कनेक्टिविटी के मामले में यह सीधा सादा है, इसमें एक एचडीएमआई पोर्ट, वाई-फाई, ब्लूटूथ और एक यूएसबी-ए पोर्ट दिया गया है, लेकिन कोई ईथरनेट पोर्ट या ऑप्टिकल ऑडियो आउटपुट नहीं है, यानी जो लोग वायर्ड नेटवर्क या ऑप्टिकल केबल से साउंडबार जोड़ना चाहते हैं, उन्हें कहीं और देखना होगा।
फिल्में देखने के लिए अंधेरा कमरा जरूरी
फिल्में देखने के लिहाज से समीक्षा में इस प्रोजेक्टर को औसत से कमतर बताया गया है, और इसकी बड़ी वजह इसकी ब्राइटनेस और कंट्रास्ट है। तस्वीर देखने लायक बनी रहे, इसके लिए कमरा अंधेरा होना चाहिए और स्क्रीन का आकार भी छोटा रखना पड़ता है। अंधेरे सीन ग्रे और फीके दिखते हैं, गहरे या सिनेमाई नहीं लगते। जजर हैंडलिंग भी निराश करती है, यानी फिल्मों में कैमरा पैन के दौरान तस्वीर उन दर्शकों को असमान या झटकेदार लग सकती है जो मोशन को लेकर संवेदनशील हैं। हालांकि, एक पोर्टेबल प्रोजेक्टर के हिसाब से इसका कलर गैमट काफी चौड़ा है, इसलिए रंग बिरंगी फिल्में और एनिमेशन कंटेंट काफी जीवंत दिखते हैं, और ज्यादातर दर्शकों के लिए डिफॉल्ट सेटिंग में एक्यूरेसी भी ठीक ठाक है, हालांकि समीक्षा के मुताबिक कैलिब्रेशन से इसमें ज्यादा सुधार नहीं होता।
गेमिंग चल तो जाएगी, पर तेज गेम्स के लिए नहीं
गेमिंग के मामले में भी यह प्रोजेक्टर फिल्मों जैसा ही औसत दर्जे का साबित होता है। यह सिर्फ 1080p और 60Hz तक सीमित है, और इनपुट लैग भी सिर्फ काम चलाऊ है, यानी धीमी गति वाले गेम्स के लिए ठीक है, लेकिन तेज तर्रार या कॉम्पिटिटिव गेमिंग के लिए नहीं बना। तस्वीर की क्वालिटी भी यहां साथ नहीं देती, क्योंकि इसकी कम रोशनी और कमजोर कंट्रास्ट गेमिंग कंटेंट में भी दिखती है। फिर भी, बिल्ट-इन बैटरी और ऑटोमैटिक सेटअप टूल्स की वजह से इसे रखकर झटपट गेमिंग सेशन शुरू करना आसान है, और चूंकि यह गूगल टीवी पर चलता है, इसलिए इसमें सीधे क्लाउड स्ट्रीमिंग गेमिंग सर्विसेज तक पहुंच मिल जाती है, यानी गेमर्स को साथ में अलग गेमिंग कंसोल ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
ब्राइटनेस इसकी सबसे बड़ी कमजोरी
ब्राइटनेस के मामले में Mars 3 Air सबसे ज्यादा जूझता नजर आता है। यह अंधेरे कमरे में, खासकर छोटी स्क्रीन साइज पर इस्तेमाल लायक है, लेकिन जैसे ही कमरे में हल्की भी रोशनी आती है, तस्वीर का असर तेजी से कम होने लगता है। इस वजह से यह दिन के उजाले में देखने या लाइट जलाकर इस्तेमाल करने के लिए मुफीद नहीं है। हालांकि इसकी एक खासियत जरूर है, इसकी ब्राइटनेस यूनिफॉर्मिटी शानदार है, यानी पूरी स्क्रीन पर तस्वीर एक जैसी साफ और बराबर दिखती है, किनारों पर धुंधली नहीं पड़ती।
कंट्रास्ट भी अंधेरे सीन में कमजोर
कंट्रास्ट परफॉर्मेंस को भी समीक्षा में निराशाजनक बताया गया है। बेहद अंधेरे सीन धुले धुले नजर आते हैं, ब्लैक लेवल उठा हुआ रहता है और शैडो डिटेल सीमित रह जाती है, यानी अंधेरे कमरे में भी यह असली सिनेमाई अनुभव नहीं दे पाता। यह दिक्कत एनिमेशन, स्पोर्ट्स या हल्के फुल्के टीवी कंटेंट जैसे उजले कंटेंट में उतनी नहीं दिखती, लेकिन कुल मिलाकर कंट्रास्ट इसकी मजबूती नहीं कहा जा सकता।
कहां जीतता है, कहां पिछड़ता है
सारी बातों को जोड़कर देखें तो Anker Nebula Mars 3 Air की ताकत रंग, पोर्टेबिलिटी और सुविधा में है। यह ज्यादातर कंटेंट में रंगीन बना रहता है, कैरी हैंडल और बैटरी की वजह से इसे कहीं भी ले जाना आसान है, इसमें स्क्रीन एडजस्टमेंट के पूरे फीचर्स मौजूद हैं, और इसकी ब्राइटनेस यूनिफॉर्मिटी शानदार है। वहीं इसकी कमजोरियां भी उतनी ही साफ हैं, अंधेरे कमरे के अलावा यह ठीक से चमक नहीं पाता, तेज गेम्स के लिए इनपुट लैग पर्याप्त नहीं है, यह सिर्फ 1080p और 60Hz तक सीमित है, बेहद अंधेरे सीन में कंट्रास्ट बुरी तरह जूझता है, डिफॉल्ट एक्यूरेसी ठीक ठाक तो है पर कैलिब्रेशन से बहुत सुधरती नहीं, और जजर को लेकर संवेदनशील दर्शकों को कैमरा पैन झटकेदार लग सकते हैं।













