दक्षिण लेबनान में इजराइली हवाई हमले से 1 की मौत और 12 घायल, मंसूरी में नया निकासी आदेश जारीहोर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर ओमान के साथ बनी सहमति, ईरान ने दिया संकेतकुंभ राशिफल 6 अगस्त 2026: बातचीत में बरतें मिठास, बुध के प्रभाव से काम में बढ़ेगी व्यस्ततातुला राशिफल 6 अगस्त 2026: कार्यक्षेत्र में बढ़ेगा प्रभाव, जानें करियर, धन और सेहत का हालसनी देओल और जूही चावला का 1993 का क्लासिक गाना मुझे ले चल मंदिर आज भी जगाता है पुरानी यादें15 अगस्त से पहले तीन राज्यों में बड़े आतंकी षड्यंत्र का पर्दाफाश, 12 संदिग्धों की धरपकड़ से सामने आए चौंकाने वाले खुलासेमूलांक 2 अंकराशि 6 अगस्त 2026: पारिवारिक चर्चाओं में रखें धैर्य और बरतें समझदारी, जानें करियर और आर्थिक स्थितिनई दिल्ली में अफ्रीका दिवस 2026 समारोह, एस जयशंकर ने भारत और अफ्रीका के ऐतिहासिक संबंधों की सराहना कीसनी देओल और अमृता सिंह की डेब्यू फिल्म बेताब के 43 साल, जानिए 1.5 करोड़ के बजट वाली फिल्म की ऐतिहासिक कमाईदैनिक राशिफल 6 अगस्त 2026: शुक्र के नक्षत्र में चंद्रमा का संचार, जानें सभी 12 राशियों का भविष्य और सटीक उपाय
50 और 100 रुपये के नकली नोट की पहचान करेगा RBI का यह आसान तरीकागाइड
5 अग॰ 2026, 5:22 pm (12 घंटे पहले)· 0

50 और 100 रुपये के नकली नोट की पहचान करेगा RBI का यह आसान तरीका

आरबीआई के आसान 'देखें, तिरछा करें, महसूस करें' तरीके से 50 और 100 रुपये के नोट पर छिपे दर्जनभर से ज्यादा सिक्योरिटी फीचर्स की पहचान की जा सकती है, जिससे नकली नोट पकड़ना आसान हो जाता है।

बाजार में नकली नोट आना कोई नई बात नहीं है और रोजमर्रा के लेन-देन में असली और नकली नोट की पहचान हर किसी के लिए जरूरी हो जाती है, सिर्फ बैंक कर्मचारियों के लिए नहीं। इसी वजह से भारतीय रिजर्व बैंक ने नई महात्मा गांधी सीरीज के नोटों में कई एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स जोड़े हैं। आरबीआई का कहना है कि लोग "देखें, तिरछा करें और महसूस करें" यानी "सी, टिल्ट एंड फील" तरीका अपनाकर आसानी से पता लगा सकते हैं कि उनके पास मौजूद 50 रुपये या 100 रुपये का नोट असली है या नकली।

"सी, टिल्ट एंड फील" तरीका काम कैसे करता है

इस तरीके के तीनों चरण उसके नाम से ही समझ आ जाते हैं। पहला चरण यानी "देखना" उन फीचर्स पर लागू होता है जो नोट को सीधे रोशनी में देखने पर नजर आते हैं, जैसे सी-थ्रू रजिस्टर, गांधी जी की तस्वीर और माइक्रो लेटरिंग। दूसरा चरण "तिरछा करना" उन फीचर्स के लिए है जो नोट को रोशनी के सामने तिरछा करने पर ही दिखते हैं या अपना रंग बदलते हैं, जैसे सिक्योरिटी थ्रेड और कुछ वॉटरमार्क। तीसरा चरण "महसूस करना" उभरी हुई छपाई से जुड़ा है, जिसे उंगली से छूकर पहचाना जा सकता है, यही वजह है कि दृष्टिबाधित लोग भी इन नोटों को इस्तेमाल कर पाते हैं। जब कोई एक साथ तीनों तरीके आजमाता है, तो नोट असली है या नकली, इसका काफी भरोसेमंद अंदाजा लग जाता है।

ये भी पढ़ें

50 रुपये के नोट में कौन-कौन से सिक्योरिटी फीचर्स हैं

महात्मा गांधी (नई) सीरीज के 50 रुपये के नोट का बेस कलर फ्लोरोसेंट ब्लू है और इसका आकार 66 एमएम गुणा 135 एमएम है। नोट को रोशनी के सामने रखने पर सी-थ्रू रजिस्टर में अंक "50" नजर आता है, जो नोट के दोनों तरफ से देखने पर आपस में पूरी तरह मेल खाता है, यही अंक देवनागरी में भी छपा होता है। नोट के बीचोंबीच महात्मा गांधी की जानी-पहचानी तस्वीर है, और नोट पर बारीक अक्षरों यानी माइक्रो लेटरिंग में "RBI", "भारत", "INDIA" और "50" लिखा होता है, जिसे घटिया क्वालिटी में नकल करना नकली नोट बनाने वालों के लिए बेहद मुश्किल है।

नोट के कागज के भीतर एक विंडोड डी-मेटलाइज्ड सिक्योरिटी थ्रेड बुना गया है, यानी एक पतली पॉलिमर-मेटल पट्टी, जिस पर "भारत" और "RBI" लिखा होता है। नोट को तिरछा करने पर महात्मा गांधी का वॉटरमार्क और साथ ही "50" अंक वाला इलेक्ट्रोटाइप वॉटरमार्क दिखाई देता है। नोट के दाईं तरफ अशोक स्तंभ का चिन्ह बना होता है, और नंबर पैनल में अंक बाएं से दाएं आकार में बढ़ते हुए छपे होते हैं ताकि इन्हें जल्दी से पढ़ा जा सके। नोट को पलटने पर उस पर छपाई का साल, स्वच्छ भारत का लोगो और नारा, और अलग-अलग भारतीय भाषाओं में मूल्य दर्शाने वाला भाषा पैनल दिखता है। नोट के पिछले हिस्से पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला हम्पी का रथ भी बना होता है।

100 रुपये के नोट में कौन-कौन से सिक्योरिटी फीचर्स हैं

इसी सीरीज के 100 रुपये के नोट का बेस कलर लैवेंडर है और यह थोड़ा बड़ा, यानी 66 एमएम गुणा 142 एमएम आकार का होता है। इसमें भी 50 रुपये के नोट जैसे कई फीचर्स हैं, जैसे अंक "100" वाला सी-थ्रू रजिस्टर, देवनागरी में लिखा वही अंक, बीच में महात्मा गांधी की तस्वीर, और "RBI", "भारत", "INDIA" व "100" लिखी माइक्रो लेटरिंग।

100 रुपये के नोट की खास बात इसका रंग बदलने वाला सिक्योरिटी थ्रेड है। इस थ्रेड पर छपे "भारत" और "RBI" शब्द नोट को तिरछा करते ही हरे से नीले रंग में बदल जाते हैं, यही "तिरछा करें" वाला तरीका असल में कैसे काम करता है इसका सबसे साफ उदाहरण है। 50 रुपये के नोट की तरह ही यहां भी महात्मा गांधी का वॉटरमार्क और "100" अंक वाला इलेक्ट्रोटाइप वॉटरमार्क अशोक स्तंभ के पास बना होता है। दृष्टिबाधित लोगों के लिए तस्वीर, आरबीआई की मुहर और पहचान चिन्ह पर उभरी हुई इंटैग्लियो छपाई की गई है, साथ ही किनारों के पास उभरी हुई ब्लीड लाइन्स भी हैं जिन्हें उंगली से महसूस किया जा सकता है, यही "महसूस करें" वाला हिस्सा है। यहां भी नंबर पैनल में अंक आकार में बढ़ते हुए छपे होते हैं, और नोट के पीछे छपाई का साल, स्वच्छ भारत का लोगो और भाषा पैनल दिया गया है। नोट के पिछले हिस्से पर मुख्य आकृति रानी की वाव की है, जो इस नोट की अपनी सांस्कृतिक पहचान है।

नोट नकली लगे तो क्या करें

अगर किसी के पास मौजूद नोट नकली होने का शक हो, तो उसे किसी और को थमाने की बजाय नजदीकी बैंक शाखा में जाकर जांच करानी चाहिए। बैंक शाखाएं शक के दायरे में आए नोट को संभालते समय आरबीआई की गाइडलाइंस का पालन करती हैं। जो लोग इन सिक्योरिटी फीचर्स के बारे में और जानना चाहते हैं, वे आरबीआई की पैसा बोलता है पहल से भी जानकारी ले सकते हैं, जो खासतौर पर असली नोटों की पहचान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू की गई है।

सवाल-जवाब

नोट असली है या नकली, यह पता करने के लिए आरबीआई किस तरीके की सलाह देता है?
आरबीआई "सी, टिल्ट एंड फील" यानी "देखें, तिरछा करें, महसूस करें" तरीके की सलाह देता है, जिसमें नोट को देखकर, तिरछा करके और उंगली से छूकर उसके सिक्योरिटी फीचर्स की जांच की जाती है।
50 रुपये के नोट का बेस कलर क्या है?
50 रुपये के नोट का बेस कलर फ्लोरोसेंट ब्लू है।
100 रुपये के नोट का बेस कलर क्या है?
100 रुपये के नोट का बेस कलर लैवेंडर है।
50 और 100 रुपये के नोट का आकार कितना है?
50 रुपये का नोट 66 एमएम गुणा 135 एमएम का है, जबकि 100 रुपये का नोट 66 एमएम गुणा 142 एमएम का है।
100 रुपये के नोट के सिक्योरिटी थ्रेड में क्या खास बात है?
नोट को तिरछा करने पर इसका सिक्योरिटी थ्रेड हरे से नीले रंग में बदल जाता है।
इन नोटों के पिछले हिस्से पर कौन-सी सांस्कृतिक आकृतियां बनी हैं?
50 रुपये के नोट पर हम्पी का रथ बना है, जबकि 100 रुपये के नोट पर रानी की वाव की आकृति है।
अगर लगे कि मिला हुआ नोट नकली है तो क्या करना चाहिए?
उसे खर्च करने की कोशिश करने की बजाय नजदीकी बैंक शाखा में ले जाकर जांच करानी चाहिए, क्योंकि बैंक शक वाले नोटों को संभालते समय आरबीआई की गाइडलाइंस का पालन करते हैं।
क्या नोट के सिक्योरिटी फीचर्स के बारे में जानने के लिए आरबीआई का कोई आधिकारिक जरिया है?
हां, आरबीआई की पैसा बोलता है पहल असली नोटों की पहचान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR