स्मार्टफोन और कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य आकर्षण बनाकर पेश किया जा रहा है। सॉफ्टवेयर अपडेट आईओएस 27 और मैकओएस 27 गोल्डन गेट के आने के बाद उपयोगकर्ताओं को सिरी एआई समेत कई तरह के इंटेलिजेंस टूल्स की पेशकश की जा रही है। भले ही कोई उपयोगकर्ता इन नए फीचर्स का प्रतिदिन उपयोग करे या उन्हें नजरअंदाज कर दे, यह तकनीक हार्डवेयर के स्टोरेज पर एक बड़ा हिस्सा घेर रही है। कई मामलों में यह खपत उस सीमा से काफी अधिक दर्ज की गई है जिसकी आधिकारिक तौर पर उम्मीद जताई गई थी।
दावों से कहीं अधिक स्टोरेज की हो रही खपत
आमतौर पर नए ऑपरेटिंग सिस्टम में बदलावों को आजमाने के बाद रोजमर्रा का काम पहले जैसा ही चलने लगता है, लेकिन स्टोरेज आंकड़ों की पड़ताल करने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विभिन्न हार्डवेयर मॉडल पर इस सिस्टम की मेमोरी खपत में बड़ा अंतर देखा गया है। उदाहरण के लिए, आईफोन 17 प्रो पर अकेले इंटेलिजेंस से जुड़े एआई डेटा का आकार 20.65GB दर्ज किया गया है। वहीं एम3 मैकबुक प्रो पर यह आंकड़ा 30GB तक पहुंच गया है।
यह स्थिति हर मशीन पर एक जैसी नहीं है। एम1 आईमैक पर यह एआई सिस्टम 13.88GB जगह लेता हुआ पाया गया। कम क्षमता वाली एसएसडी का उपयोग करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए हर एक गीगाबाइट कीमती होती है। ऐसे में सिस्टम एआई के लिए 30GB तक की मेमोरी आरक्षित हो जाना एक गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। इस मामले में आधिकारिक अनुमानों के अनुसार इंटेलिजेंस टूल्स को अधिकतम 14GB तक की जगह लेनी चाहिए थी, जबकि कुछ उपकरणों के लिए यह आंकड़ा और भी कम तय था। इसके बावजूद कुछ कंप्यूटरों पर यह निर्धारित सीमा के दोगुने से भी अधिक स्टोरेज घेर रहा है।
ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग और भारी मॉडल्स की भूमिका
इस बात का कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण मौजूद नहीं है कि कुछ हार्डवेयर पर यह सिस्टम निर्धारित सीमा से इतना अधिक स्थान क्यों ले रहा है, लेकिन 14GB तक की जगह घेरने के पीछे की तकनीकी वजह को समझा जा सकता है। यह पूरा एआई आर्किटेक्चर स्थानीय स्तर पर यानी डिवाइस के भीतर ही चलने के लिए तैयार किया गया है। हालांकि जटिल और भारी कार्यों को प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट प्लेटफॉर्म पर भेजा जाता है, फिर भी कंपनी की प्राथमिकता यही रहती है कि भाषा और विजन मॉडल्स सीधे फोन या लैपटॉप पर ही निष्पादित हों।
स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग कराने का सबसे बड़ा फायदा उपयोगकर्ता की गोपनीयता सुरक्षित रखना है, क्योंकि डेटा को किसी बाहरी सर्वर पर भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ती। हालांकि प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट भी पूरी सुरक्षा का वादा करता है, फिर भी फोन और कंप्यूटर मॉडल्स को सीधे सिस्टम स्टोरेज में डाउनलोड करते हैं। जब किसी आधुनिक और शक्तिशाली डिवाइस में व्यक्तिगत सिरी आवाज जैसे अधिक संसाधन मांगने वाले फीचर्स चालू होते हैं, तो डिवाइस पर अधिक डेटा डाउनलोड और स्टोर करना पड़ता है। इसी वजह से यह खपत 14GB तक पहुंचती है, लेकिन मैकबुक प्रो जैसे सिस्टम पर इसका 30GB पार कर जाना अभी भी एक अनुत्तरित सवाल बना हुआ है।
सिस्टम सेटिंग्स में स्टोरेज चेक करने की प्रक्रिया
उपयोगकर्ता अपने उपकरण में यह जांच सकते हैं कि एआई मॉडल्स ने कितनी मेमोरी घेर रखी है, हालांकि यह जानकारी सेटिंग्स में सीधे सामने नहीं दिखती। मैक कंप्यूटर पर इसे देखने के लिए सिस्टम सेटिंग्स में जाकर जनरल विकल्प चुनना होता है और फिर स्टोरेज में जाना पड़ता है। आईफोन पर सेटिंग्स खोलकर जनरल में जाएं और फिर आईफोन स्टोरेज के विकल्प पर टैप करें।
इसके बाद स्क्रीन को नीचे स्क्रॉल करके मैकओएस या आईओएस के सिस्टम डेटा सेक्शन में जाएं। वहां सिस्टम स्टोरेज का विस्तृत ब्योरा प्रदर्शित होता है, जिसमें इंटेलिजेंस एआई सिस्टम द्वारा घेरी गई सटीक गीगाबाइट संख्या साफ देखी जा सकती है।
वर्तमान में एआई फाइल्स हटाने का कोई विकल्प नहीं
वर्तमान समय में ऑपरेटिंग सिस्टम के भीतर ऐसा कोई नियंत्रण मौजूद नहीं है जिससे उपयोगकर्ता अनावश्यक एआई मॉडल्स को हटा सके और केवल जरूरी फीचर्स को सुरक्षित रख सके। सिस्टम को सभी कार्यों के लिए प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट पर निर्भर करने का विकल्प भी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
वास्तव में आईओएस 27 या मैकओएस 27 में इस इंटेलिजेंस सिस्टम को पूरी तरह से बंद करने का भी कोई सीधा और पुख्ता तरीका नहीं दिया गया है। सेटिंग्स अथवा सिस्टम सेटिंग्स में जाकर सिरी को बंद करने पर कई संबंधित सुविधाएं निष्क्रिय जरूर हो जाती हैं, लेकिन डिवाइस को रीस्टार्ट करने के बाद भी वे भारी-भरकम मॉडल्स स्टोरेज में पहले की तरह बने रहते हैं। इस समस्या का समाधान किसी आगामी सॉफ्टवेयर अपडेट, संभवतः आईओएस 27.2 के माध्यम से ही संभव हो सकेगा।


















