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असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को अटल पेंशन योजना के तहत मिल सकती है 5,000 रुपये तक की गारंटीड मासिक पेंशन, जानें आवेदन का तरीकागाइड
21 घंटे पहले· 0

असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को अटल पेंशन योजना के तहत मिल सकती है 5,000 रुपये तक की गारंटीड मासिक पेंशन, जानें आवेदन का तरीका

केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 1,000 से 5,000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन देती है, और इसके लिए बैंक या डाकघर में आसानी से खाता खुलवाया जा सकता है।

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले, दिहाड़ी मजदूर और गिग वर्कर्स के लिए केंद्र सरकार एक ऐसी पेंशन स्कीम चला रही है जिसमें 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 5,000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन मिल सकती है, और इसके लिए खाता खुलवाना बेहद आसान है, बस नजदीकी बैंक शाखा या डाकघर जाना होता है। अटल पेंशन योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो औपचारिक पेंशन व्यवस्था के दायरे से बाहर रह जाते हैं, ताकि बुढ़ापे में उनकी एक तय आमदनी बनी रहे।

अटल पेंशन योजना क्या है

अटल पेंशन योजना यानी एपीवाई भारत सरकार की एक स्वैच्छिक पेंशन स्कीम है, जिसे कोई भी भारतीय नागरिक अपना सकता है, हालांकि इसे खासतौर पर गरीब, वंचित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस योजना की निगरानी पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी पीएफआरडीए करती है, जो सब्सक्राइबर्स को 1,000 रुपये, 2,000 रुपये या 5,000 रुपये मासिक की न्यूनतम गारंटीड पेंशन का भरोसा देती है। किसी सब्सक्राइबर को आखिर में कितनी रकम मिलेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसने स्कीम में कितना योगदान करना चुना है। पेंशन का भुगतान तभी शुरू होता है जब सब्सक्राइबर 60 साल की उम्र पूरी करता है, यानी यह किसी तुरंत मिलने वाले फायदे की बजाय लंबे समय की रिटायरमेंट सुरक्षा है।

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कौन खोल सकता है खाता

एपीवाई तकनीकी तौर पर हर भारतीय नागरिक के लिए खुली है, लेकिन इसमें शामिल होने की कुछ तय शर्तें हैं। आवेदक की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए, और उसके नाम पर बैंक या डाकघर में बचत खाता होना जरूरी है। हाल ही में एक और शर्त जोड़ी गई है, 1 अक्टूबर 2022 से ऐसा कोई भी भारतीय नागरिक नया एपीवाई खाता नहीं खुलवा सकता जो आवेदन की तारीख पर आयकर अधिनियम, 1961 के तहत आयकरदाता हो। जिनके पास अभी बचत खाता नहीं है, उन्हें पहले बैंक या डाकघर में खाता खुलवाना होगा, उसके बाद ही वे इस स्कीम से जुड़ सकते हैं।

खाता खुलवाने का तरीका

पात्र भारतीय नागरिकों को बस उस बैंक शाखा या डाकघर में जाना है जहां उनका बचत खाता पहले से चालू है, और वहीं जाकर एपीवाई स्कीम से जुड़ने के लिए आवेदन करना है। जिनके पास ऐसा खाता नहीं है, वे नया खाता खुलवाकर आधार आधारित केवाईसी पूरी कर सकते हैं और इस तरह पेंशन स्कीम का हिस्सा बन सकते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि एपीवाई कोई बिल्कुल नई पहल नहीं है, इसने पहले चल रही स्वावलंबन योजना की जगह ली है, और उस पुरानी स्कीम के लाभार्थियों को अपने आप ही एपीवाई में शामिल कर लिया गया है, उन्हें अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ी।

सब्सक्राइबर्स को क्या फायदे मिलते हैं

एपीवाई के सारे फायदे पाने के लिए सब्सक्राइबर्स को स्कीम में शामिल होने की उम्र से लेकर 60 साल की उम्र तक हर महीने तय योगदान देते रहना होता है। इसके बदले में हर सब्सक्राइबर को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद 1,000 रुपये, 2,000 रुपये या फिर 5,000 रुपये तक मासिक गारंटीड पेंशन मिलती है, यह रकम उसके चुने हुए योगदान स्तर पर निर्भर करती है। यह स्कीम परिवार को भी सुरक्षा देती है, अगर सब्सक्राइबर का निधन हो जाता है, तो उसकी पति या पत्नी को वही मासिक पेंशन राशि मिलती रहती है जब तक उनका भी निधन नहीं हो जाता। आखिर में, जब सब्सक्राइबर और उसके पति या पत्नी दोनों का निधन हो जाता है, तो 60 साल की उम्र तक खाते में जमा हुई पूरी राशि सब्सक्राइबर द्वारा नामित नॉमिनी को दे दी जाती है।

सवाल-जवाब

अटल पेंशन योजना के तहत न्यूनतम कितनी पेंशन मिलती है?
सब्सक्राइबर के योगदान के आधार पर 1,000 रुपये, 2,000 रुपये या 5,000 रुपये मासिक तक गारंटीड पेंशन मिलती है।
अटल पेंशन योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
18 से 40 साल की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक जिसके पास बैंक या डाकघर में बचत खाता है, आवेदन कर सकता है।
क्या आयकरदाता अटल पेंशन योजना में शामिल हो सकते हैं?
1 अक्टूबर 2022 से आयकर अधिनियम, 1961 के तहत आयकरदाता कोई नया एपीवाई खाता नहीं खुलवा सकते।
अटल पेंशन योजना का खाता कैसे खुलवाया जा सकता है?
पात्र नागरिक अपने बैंक शाखा या डाकघर में जाकर आवेदन कर सकते हैं, या नया बचत खाता खुलवाकर आधार आधारित केवाईसी पूरी कर सकते हैं।
पेंशन का भुगतान कब शुरू होता है?
सब्सक्राइबर के 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद पेंशन का भुगतान शुरू होता है।
सब्सक्राइबर की मृत्यु होने पर क्या होता है?
सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद उसके पति या पत्नी को उतनी ही मासिक पेंशन मिलती रहती है जब तक उनका निधन नहीं हो जाता।
सब्सक्राइबर और उनके जीवनसाथी दोनों की मृत्यु के बाद जमा राशि का क्या होता है?
60 साल की उम्र तक जमा हुई पूरी राशि सब्सक्राइबर द्वारा नामित नॉमिनी को दे दी जाती है।
अटल पेंशन योजना पहले किस स्कीम की जगह लाई गई थी?
यह पहले चल रही स्वावलंबन योजना की जगह लाई गई थी, और उसके लाभार्थियों को अपने आप एपीवाई में शामिल कर लिया गया।
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