गूगल अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में लगातार नए प्रयोग करता रहता है और इसी क्रम में उसने गूगल पिक्स नाम से एक नया इमेज एडिटिंग और ग्राफिक्स टूल पेश किया है। यह टूल सीधे गूगल ड्राइव वर्कस्पेस के भीतर गूगल डॉक्स, शीट्स और स्लाइड्स के साथ उपलब्ध कराया गया है। इस नए सॉफ्टवेयर की खासियत यह है कि यह कैनवा की तरह सोशल मीडिया पोस्ट या इवेंट पोस्टर डिजाइन करने और फोटोशॉप की तरह तस्वीरों में मौजूद अवांछित तत्वों को हटाने या बदलने की दोहरी क्षमता रखता है। यदि कोई यूजर पहले से गूगल की प्रीमियम एआई सेवाओं से जुड़ा है, तो यह टूल उनकी रोजमर्रा की विजुअल जरूरतों को एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरा करने की क्षमता रखता है।
यह नया वेब एप्लिकेशन गूगल के नैनो बनाना एआई इमेज जनरेशन मॉडल पर आधारित है। इसे स्टैंडअलोन प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर यह गूगल वर्कस्पेस के अन्य ऐप्स में भी सहजता से काम करता है। यह टूल आम यूजर्स और पेशेवरों को जटिल सॉफ्टवेयर सीखे बिना केवल साधारण भाषा में निर्देश देकर उच्च गुणवत्ता वाले विजुअल तैयार करने की सुविधा प्रदान करता है।
सब्सक्रिप्शन योजनाएं और उपलब्धता की शर्तें
गूगल पिक्स की पहुंच फिलहाल केवल उन यूजर्स तक सीमित रखी गई है जो गूगल के पेड एआई प्लान का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे एक्सेस करने के लिए यूजर के पास गूगल एआई प्रो या गूगल एआई अल्ट्रा का सक्रिय सब्सक्रिप्शन होना जरूरी है। गूगल एआई प्रो प्लान की कीमत 19.99 डॉलर प्रति माह तय की गई है। वहीं अधिक क्षमता चाहने वाले यूजर्स के लिए गूगल एआई अल्ट्रा प्लान 99.99 डॉलर या 199.99 डॉलर प्रति माह के विकल्पों में उपलब्ध कराया गया है।
उपयोग की सीमाओं को लेकर गूगल ने कुछ नियम तय किए हैं। कंपनी के अनुसार, पेड यूजर्स को फरवरी 2027 तक हायर एक्सेस की सुविधा मिलती रहेगी। हालांकि, जनरेट की जाने वाली छवियों के रेजोल्यूशन और जटिलता के आधार पर यूजर की यूसेज लिमिट प्रभावित हो सकती है। उच्च रेजोल्यूशन वाली तस्वीरों पर काम करते समय यह सीमा सामान्य से पहले पूरी हो सकती है।
टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के जरिए नए विजुअल्स का निर्माण
गूगल पिक्स पूरी तरह से टेक्स्ट प्रॉम्प्ट पर आधारित प्रणाली पर काम करता है। किसी भी नए डिजाइन को शून्य से शुरू करने के लिए यूजर को ठीक उसी तरह निर्देश टाइप करने होते हैं जैसे जेमिनी ऐप में किए जाते हैं। चाहे वास्तविक दिखने वाले यथार्थवादी दृश्य तैयार करने हों या प्रिंट करने योग्य प्रचार सामग्री, यह टूल हर तरह के विस्तृत विवरण को समझकर प्रोसेस करता है। प्रॉम्प्ट जितना अधिक सटीक और स्पष्ट होगा, परिणाम भी उतना ही बेहतर निकलकर आता है।
होम स्क्रीन पर यूजर को एक स्टाइल बॉक्स मिलता है, जहां से वे इमेज के समग्र स्वरूप, मूड और कलात्मक शैली का चुनाव कर सकते हैं। इसके अलावा स्क्रीन पर अपलोड, ड्राइव और फोटोज के सीधे लिंक दिए गए हैं, जिनकी मदद से यूजर अपने कंप्यूटर या क्लाउड स्टोरेज से पुरानी तस्वीरें लोड करके उन्हें एडिट कर सकते हैं। सबसे ऊपर एक आस्पेक्ट रेशियो ड्रॉप-डाउन मेनू दिया गया है, जहां से शुरुआत में ही इमेज का अनुपात निर्धारित किया जा सकता है, हालांकि इस अनुपात को प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भी बदला जा सकता है।
जब कोई प्रॉम्प्ट दर्ज किया जाता है, तो गूगल पिक्स बाईं ओर थंबनेल के रूप में चार से पांच अलग-अलग विकल्प दिखाता है। यूजर इनमें से अपनी पसंद का डिजाइन चुन सकते हैं। यदि शुरुआती परिणाम पूरी तरह संतोषजनक न लगें, तो अतिरिक्त यूसेज खर्च करके उसी निर्देश से चार और तस्वीरें जनरेट करने का विकल्प भी उपलब्ध रहता है।
प्रॉम्प्टिंग क्षमता का व्यावहारिक उदाहरण
प्रचार सामग्री तैयार करने के मामले में गूगल पिक्स बहुत तेजी से परिणाम देता है। उदाहरण के लिए, जब इस टूल को निर्देश दिया गया: "जेस के 10वें जन्मदिन के लिए एक ए5 फ्लायर बनाएं, जो रविवार 20 सितंबर को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक विलेज टाउन हॉल में आयोजित होना है। इसमें गुब्बारे, स्ट्रीमर और केक जैसी पार्टी की भरपूर सजावट शामिल करें, साथ ही नीचे छोटे अक्षरों में यह जानकारी जोड़ें कि भोजन और पेय उपलब्ध कराए जाएंगे और आयोजन स्थल पर पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था है।"
इस विस्तृत निर्देश के बाद टूल ने चंद सेकंड में जीवंत और आकर्षक फ्लायर्स के कई विकल्प पेश कर दिए। जनरेट किए गए सभी डिजाइनों में वह आधुनिक एआई फिनिश स्पष्ट रूप से दिखाई देती है जो इन दिनों रेस्टोरेंट मेनू और स्कूल पोस्टरों में आम तौर पर देखने को मिलती है। टूल ने दिए गए सभी जरूरी बिंदुओं, समय और पते को सटीक तरीके से डिजाइन के भीतर सजाया।
तस्वीरों का संपादन और कलात्मक फिल्टर
केवल नए ग्राफिक्स बनाने के अलावा, गूगल पिक्स पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने में भी सक्षम है। जब किसी निजी फोटो को टूल में अपलोड किया जाता है, तो उसे आसानी से वॉटरकलर पेंटिंग या कॉमिक बुक इलस्ट्रेशन में बदला जा सकता है। यह सुविधा यूजर्स को एक असीमित फिल्टर लाइब्रेरी देती है, जिसके लिए पहले जटिल फोटोशॉप एक्शन की जरूरत पड़ती थी। हालांकि परिणाम हर बार बिल्कुल शत-प्रतिशत सटीक नहीं होते, लेकिन आम और सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए वे काफी आकर्षक साबित होते हैं।
इंटरफेस के मामले में यह एप्लिकेशन काफी सरल और बुनियादी रखा गया है। इसमें हाल ही में किए गए बदलावों को अनडू करने, इमेज को जूम इन और जूम आउट करने और आस्पेक्ट रेशियो बदलने जैसी बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा स्क्रीन पर कोई जटिल मेनू नजर नहीं आता। पारंपरिक फोटो एडिटर्स की तरह इसमें हाथ से स्केचिंग करने या बारीक टच-अप करने के लिए ब्रश टूल्स नहीं दिए गए हैं।
सटीक ऑब्जेक्ट पहचान और हिस्से चुनकर बदलाव करना
गूगल पिक्स की वास्तविक ताकत उसके संपादन टूल्स में नजर आती है, जो किसी इमेज को बनाने या अपलोड करने के तुरंत बाद सक्रिय हो जाते हैं। यह सिस्टम पूरी तस्वीर का विश्लेषण करके उसके अलग-अलग हिस्सों को अपने आप पहचान लेता है। उदाहरण के लिए, यह तस्वीर में मौजूद चर्च, आसमान या पहाड़ों जैसे तत्वों को अलग-अलग चिह्नित कर देता है। यूजर इनमें से किसी भी विशेष हिस्से पर क्लिक करके सीधे बदलाव का निर्देश दे सकते हैं।
इसके अलावा यूजर स्क्रीन पर किसी भी वस्तु के चारों ओर कर्सर से एक बॉक्स बनाकर सीधे प्रॉम्प्ट दर्ज कर सकते हैं। यदि किसी पार्टी के गुब्बारे के चारों ओर बॉक्स बनाकर "इसे नीला कर दो" लिखा जाए, तो टूल केवल उसी हिस्से का रंग बदल देता है। इसी तरह पारिवारिक वेकेशन फोटो में पीछे खड़े किसी अनजान व्यक्ति को बॉक्स में चुनकर "इस व्यक्ति को हटाओ" का निर्देश दिया जा सकता है। यूजर जिस बदलाव की कल्पना कर सकते हैं, उसे टेक्स्ट बॉक्स में लिखकर आजमाया जा सकता है।
बैकग्राउंड इनपेंटिंग और जटिल बदलावों की सीमाएं
जब किसी तस्वीर से किसी वस्तु या व्यक्ति को हटाया जाता है, तो सॉफ्टवेयर को यह नहीं पता होता कि उसके ठीक पीछे क्या था। इसके बावजूद गूगल पिक्स आसपास के वातावरण और रोशनी का एआई अनुमान लगाकर उस खाली जगह को प्राकृतिक तरीके से भर देता है। सामान्य तस्वीरों में यह बदलाव इतना सहज होता है कि पहली नजर में कोई यह नहीं पकड़ सकता कि वहां कोई ऑब्जेक्ट मौजूद था।
हालांकि, जब अत्यधिक जटिल या भीड़भाड़ वाली तस्वीरों में बड़े बदलाव किए जाते हैं, जैसे किसी सड़क की तस्वीर से पूरी बस या कार को हटाना, तब टूल को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में बैकग्राउंड का अनुमान कभी-कभी अस्वाभाविक दिखाई दे सकता है।
एक बेहद उपयोगी फीचर यह है कि यूजर अलग-अलग हिस्सों में किए जाने वाले कई बदलावों को एक साथ जमा कर सकते हैं और फिर उन्हें एक ही क्लिक में लागू कर सकते हैं। इससे बार-बार इंतजार करने का समय बचता है। उदाहरण के लिए, बर्थडे फ्लायर में कई नई टेक्स्ट लाइनें जोड़ना, अलग-अलग हिस्सों के रंग बदलना और नए तत्व शामिल करना एक साथ संभव है। इसके अलावा फ्लायर में मौजूद टेक्स्ट ब्लॉक को बिना कोई नया प्रॉम्प्ट लिखे सीधे डबल क्लिक करके संपादित किया जा सकता है।
कैनवा और फोटोशॉप के मुकाबले गूगल पिक्स की स्थिति
गूगल पिक्स की मदद से तस्वीरों में ऐसे रचनात्मक प्रयोग किए जा सकते हैं जिन्हें पारंपरिक सॉफ्टवेयर में करने के लिए घंटों के अभ्यास की आवश्यकता होती थी। उदाहरण के लिए, किसी दृश्य में खड़ी कार के लुक को पांच साल पुराना दिखाना एक ऐसा काम है जिसे जटिल फोटो एडिटर्स में अंजाम देने में एक घंटे से अधिक का समय लग सकता है, लेकिन गूगल पिक्स केवल एक टेक्स्ट निर्देश के आधार पर इसे पूरा कर देता है। भले ही अंतिम परिणाम किसी पेशेवर मानव कलाकार जितना परिष्कृत न हो, लेकिन त्वरित संपादन के लिए यह तकनीक नई संभावनाएं खोलती है।
इन तमाम खूबियों के बावजूद, गूगल पिक्स अभी कैनवा और फोटोशॉप का संपूर्ण विकल्प नहीं बन सकता। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इसमें लेयर्स का सपोर्ट मौजूद नहीं है। पेशेवर डिजाइनरों को पिक्सल-लेवल की सटीकता, जटिल कंपोजिटिंग और कई लेयर्स को एक साथ प्रबंधित करने की जरूरत होती है, जो इस प्लेटफॉर्म पर संभव नहीं है। इसलिए गंभीर डिजाइन प्रोजेक्ट्स के लिए फोटोशॉप और कैनवा अभी भी अनिवार्य बने रहेंगे, लेकिन गूगल वर्कस्पेस के साथ गहरे एकीकरण के चलते त्वरित पोस्टर बनाने और फोटो ठीक करने के लिए यह टूल काफी लोकप्रिय साबित हो सकता है।





















