टेलीविजन के चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ के घर में इन दिनों जाने-माने अभिनेता और राजनेता मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी लगातार दर्शकों का ध्यान खींच रही हैं। हालिया एपिसोड के दौरान रीति अपनी जिंदगी के बेहद संवेदनशील और निजी दौर को याद करके काफी भावुक नजर आईं। साथी कंटेस्टेंट आम्रपाली दुबे के साथ सुकून के पलों में बातचीत करते हुए उन्होंने अपने माता-पिता के अलगाव, कस्टडी के संघर्ष और बचपन की उन कड़वी-मीठी यादों को साझा किया, जिनसे उनका बीता कल जुड़ा हुआ था।
आठ साल की उम्र में टूटा था परिवार का सहारा
रीति ने आम्रपाली के सामने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए बताया कि जब उनके माता-पिता के रिश्ते में दरार आई और वे अलग रहने लगे, उस वक्त उनकी उम्र केवल 8 साल थी। अलगाव के करीब एक साल बीतने के बाद दोनों का औपचारिक कानूनी तलाक संपन्न हुआ। रीति ने इस बात का गहरा अफसोस जताया कि हालात ऐसे बने कि उन्हें अपने पिता के साथ जितना वक्त बिताना चाहिए था, उतना समय वह नहीं बिता सकीं। बचपन में माता-पिता की दूरियों ने उनके जीवन पर गहरा भावनात्मक असर डाला था।
कस्टडी के लिए पिता ने लड़ी लंबी कानूनी लड़ाई
चर्चा के दौरान जब आम्रपाली दुबे ने सवाल किया कि क्या मनोज तिवारी ने उनकी कस्टडी हासिल करने के लिए कोई कोशिश की थी, तो रीति ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें अपने पास रखने के लिए कस्टडी की लंबी कानूनी जंग लड़ी थी। रीति के अनुसार, उनके पिता को काफी लंबे अरसे तक यही उम्मीद थी कि शायद दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो जाएगा और उनका परिवार फिर से एक हो सकेगा। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने कस्टडी उनकी मां को सौंप दी। रीति ने याद करते हुए कहा कि अलगाव के बाद जब भी उनकी मुलाकात अपने पिता से होती थी, तो दोनों एक-दूसरे को देखकर अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख पाते थे और खूब रोते थे। यह बात बताते हुए शो में भी रीति के आंसू छलक पड़े।
मुलाकात के पलों को संजोना और पिता को अंग्रेजी सिखाना
रीति ने आगे बताया कि उन परिस्थितियों में किसी के हाथ में कुछ ज्यादा नहीं था। इसलिए जब कभी भी उन्हें अपने पिता से मिलने का अवसर मिलता, वह उस वक्त को बेहतरीन तरीके से बिताने की पूरी कोशिश करती थीं। उन्होंने बातचीत में एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि वह अपने पिता को अंग्रेजी सिखाया करती थीं। इस पर आम्रपाली दुबे ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी कि अब समझ आया कि यह सब उनका सिखाया हुआ था, क्योंकि अब उनके पिता काफी अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं।
पिता की दूसरी शादी और परिवार की नई शुरुआत
अपनी बातचीत में रीति ने मनोज तिवारी की दूसरी शादी के दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब सुरभि तिवारी उनके पिता के जीवन में शामिल हुईं, तो उस वक्त सबसे ज्यादा खुशी उन्हें ही महसूस हुई थी। रीति का मानना था कि उनके पिता के जीवन में खुशियां, स्थिरता और सुकून वापस लौटना बेहद जरूरी था। रीति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपनी मां से बेहद प्यार करती हैं, लेकिन पिता का स्थान भी उनके जीवन में उतना ही महत्वपूर्ण है। रीति की इन बातों को सुनकर आम्रपाली दुबे भी काफी भावुक हो गईं।
मनोज तिवारी के वैवाहिक जीवन का सफर
मनोज तिवारी ने साल 1999 में रानी तिवारी के साथ विवाह किया था, जिनसे उनकी बेटी रीति तिवारी का जन्म हुआ। शादी के लगभग 11 वर्षों के बाद दोनों के रिश्ते में अलगाव आ गया और आखिरकार वर्ष 2012 में उनका कानूनी तलाक हो गया। इसके बाद मनोज तिवारी ने 26 अप्रैल 2020 को सुरभि तिवारी के साथ दूसरा विवाह किया। इस दूसरे विवाह से मनोज तिवारी की दो और बेटियां हैं।


















