अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पन्नों पर भारत और वेस्टइंडीज की प्रतिद्वंद्विता हमेशा से बेहद खास रही है। एक दौर था जब कैरेबियाई तेज गेंदबाजों और धाकड़ बल्लेबाजों का पूरी दुनिया में खौफ हुआ करता था और किसी भी टीम के लिए उनके सामने टिकना बहुत बड़ी चुनौती माना जाता था। वक्त का पहिया घूमा और भारतीय क्रिकेट ने ऐसी छलांग लगाई कि आज समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। दोनों देशों के बीच पचास ओवरों के फॉर्मेट में अब तक हुए मुकाबलों का ब्योरा बताता है कि कैसे भारतीय टीम ने शुरुआती संघर्ष के बाद इस प्रतिद्वंद्विता में अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है।
कुल 142 वनडे मैचों का पूरा लेखा-जोखा
सफेद गेंद के इस प्रारूप में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 142 एकदिवसीय मुकाबले खेले जा चुके हैं। इन मैचों के नतीजे बताते हैं कि दोनों के बीच कई मौकों पर बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला है। भारतीय टीम ने इनमें से 72 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि वेस्टइंडीज की टीम 64 मैचों में विजयी रही है। इन आंकड़ों के अलावा 2 मुकाबले ऐसे भी रहे जो टाई पर छूटे, जबकि 4 मैचों का कोई नतीजा नहीं निकल सका। यह आंकड़े गवाही देते हैं कि लंबे समय तक कैरेबियाई टीम ने भारतीय खेमे को कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय टीम ने धीरे-धीरे बढ़त हासिल करते हुए जीत के तराजू को अपने पक्ष में झुका लिया।
रिकॉर्ड बुक में दोनों टीमों की मौजूदा स्थिति
एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास में वेस्टइंडीज को सबसे अधिक मैचों में हराने वाली टीमों की सूची तैयार की जाए, तो भारतीय टीम दुनिया में दूसरे पायदान पर खड़ी दिखती है। इस सूची में पहले स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम काबिज है, जिसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 79 वनडे मैचों में जीत हासिल की है। भारतीय टीम 72 जीतों के साथ ठीक उनके पीछे दूसरे स्थान पर मौजूद है। वहीं दूसरी तरफ, कैरेबियाई टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा मैच गंवाने वाली टीमों की बात करें, तो वहां भी भारत का नाम दूसरे स्थान पर दर्ज है। वेस्टइंडीज से सबसे ज्यादा मैच हारने का अनचाहा रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम है, जिसने उनके खिलाफ कुल 73 मुकाबले गंवाए हैं, जबकि भारत को 64 मैचों में पराजय झेलनी पड़ी है।
साल 2013 के बाद से भारतीय टीम का एकतरफा राज
भले ही कुल मिलाकर 142 मैचों का रिकॉर्ड देखने पर दोनों टीमों का पलड़ा लगभग आसपास दिखाई देता हो, लेकिन पिछले एक दशक से अधिक समय की तस्वीर बिल्कुल अलग कहानी बयां करती है। साल 2013 की शुरुआत से लेकर अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारतीय टीम ने कैरेबियाई टीम के खिलाफ पूरी तरह से एकतरफा राज किया है। इस अवधि के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 34 पूर्ण मुकाबले खेले गए। इन 34 मुकाबलों में से टीम इंडिया ने शानदार खेल दिखाते हुए 26 मैचों में जीत का परचम लहराया। इस दौरान कैरेबियाई टीम केवल 7 मुकाबलों में ही जीत हासिल करने में सफल हो सकी, जबकि एक मैच टाई के रूप में समाप्त हुआ।
लगातार 13 द्विपक्षीय सीरीज जीतकर बनाया दबदबा
द्विपक्षीय श्रृंखलाओं के मामले में टीम इंडिया का रिकॉर्ड और भी ज्यादा हैरान करने वाला है। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपनी पिछली लगातार 13 द्विपक्षीय वनडे सीरीज में जीत हासिल की है। यह अटूट सिलसिला साबित करता है कि मल्टी-गेम सीरीज में कैरेबियाई टीम भारतीय रणनीति का कोई तोड़ नहीं निकाल पा रही है। वेस्टइंडीज की टीम ने भारत के खिलाफ अपनी आखिरी द्विपक्षीय एकदिवसीय सीरीज साल 2006 में जीती थी। तब से लेकर अब तक करीब दो दशक बीत चुके हैं, लेकिन कैरेबियाई टीम भारत के खिलाफ एक भी वनडे सीरीज जीतने में सफल नहीं हो सकी है।
घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज का बढ़ता संघर्ष
भारतीय पिचों पर भी वेस्टइंडीज का प्रदर्शन समय के साथ कमजोर होता चला गया है। कुल रिकॉर्ड को देखें तो भारतीय सरजमीं पर भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 32 मैच जीते हैं, जबकि 28 मुकाबलों में हार का सामना किया है और एक मैच टाई रहा है। हालांकि, साल 2011 के बाद से घरेलू मैदान के आंकड़े पूरी तरह से एकतरफा हो गए। साल 2011 के बाद से वेस्टइंडीज ने भारत में कुल 23 एकदिवसीय मैच खेले हैं, जिनमें से मेहमान टीम को सिर्फ 5 मैचों में जीत मिल सकी। बाकी 17 मैचों में भारत ने जीत हासिल की और एक मैच टाई रहा।
साल 2002 के बाद से भारत में सीरीज जीत का सूखा
कैरेबियाई टीम के लिए भारतीय मैदानों पर सीरीज जीतना कितना मुश्किल रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने भारतीय धरती पर अपनी आखिरी एकदिवसीय सीरीज साल 2002 में जीती थी। इसके बाद से वेस्टइंडीज की टीम यहां की स्पिन और परिस्थितियों के सामने लगातार जूझती रही है। जब साल 2022 में वेस्टइंडीज की टीम आखिरी बार द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेलने के लिए भारत के दौरे पर आई थी, तब भारतीय टीम ने जबर्दस्त खेल दिखाते हुए तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से मेहमानों का पूरी तरह सूपड़ा साफ कर दिया था।



















