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यूरोप छोड़िए, 2026 में भारतीयों को वीज़ा-फ्री एंट्री दे रहा है दक्षिण अमेरिकागाइड
3 जुल॰ 2026, 7:24 am (45 दिन पहले)· 0

यूरोप छोड़िए, 2026 में भारतीयों को वीज़ा-फ्री एंट्री दे रहा है दक्षिण अमेरिका

2026 में इक्वाडोर, गयाना, कोलंबिया, पेरू, बोलीविया और सूरीनाम जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए एंट्री के नियम आसान कर दिए हैं, कहीं वीज़ा-फ्री एंट्री तो कहीं वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा मिल रही है।

भारतीय पर्यटकों का रुझान अब यूरोप की भीड़भाड़ वाली छुट्टियों से हटकर दक्षिण अमेरिका की तरफ बढ़ता दिख रहा है। वजह साफ है, 2026 में इस महाद्वीप के कई देशों ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए एंट्री के नियम काफी आसान कर दिए हैं। इक्वाडोर, गयाना, कोलंबिया, पेरू, बोलीविया और सूरीनाम जैसे देशों में अब या तो वीज़ा की जरूरत ही नहीं पड़ती, या फिर एयरपोर्ट पर पहुंचते ही वीज़ा मिल जाता है। जो यात्री कभी कागजी झंझट के डर से लैटिन अमेरिका जाने का प्लान टाल देते थे, उनके लिए अब हालात काफी बदल चुके हैं।

यूरोप की जगह दक्षिण अमेरिका क्यों?

दरअसल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक यूरोप के जाने-पहचाने शहर पहले ही घूम चुके हैं और अब कुछ नया और कम भीड़भाड़ वाला डेस्टिनेशन तलाश रहे हैं। दक्षिण अमेरिका इस मांग को पूरी तरह पूरा करता है, यहां पुराने औपनिवेशिक शहर, घने जंगल और समुद्र तट से लेकर ऊंचे पठार तक की विविधता मिलती है। ज्यादातर देशों में एंट्री के लिए सिर्फ वैध पासपोर्ट और यह साबित करना जरूरी है कि यात्रा के खर्च के लिए पर्याप्त पैसा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि टिकट बुक करने से पहले अपने डेस्टिनेशन देश के नियम अच्छी तरह जांच लें, क्योंकि एयरपोर्ट पर कोई एक शर्त भी छूट गई तो पूरा प्लान बिगड़ सकता है।

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बिना वीज़ा घूम सकते हैं ये देश

इक्वाडोर इस लिस्ट में सबसे आगे है, जहां भारतीय नागरिक बिना किसी वीज़ा के 90 दिनों तक रह सकते हैं। इतना लंबा समय गैलापागोस द्वीपसमूह और वहां के औपनिवेशिक शहरों को आराम से घूमने के लिए काफी है। गयाना का तरीका थोड़ा अलग है, यहां एयरपोर्ट पर पहुंचने पर 30 दिनों के लिए वीज़ा मिल जाता है। दोनों ही देश भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग के पर्यटकों को लुभाने की कोशिश में हैं, और वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा का मतलब है कि यात्री बिना किसी दूतावास का चक्कर लगाए सीधे अमेज़न वर्षावन की ओर निकल सकते हैं।

जहां दूसरे वीज़ा या फीस पर निर्भर करती है एंट्री

कोलंबिया और पेरू की शर्त थोड़ी अलग है, यहां छूट उन्हीं भारतीयों को मिलती है जिनके पास पहले से वैध अमेरिकी वीज़ा है। ज्यादातर मामलों में वैध शेंगेन वीज़ा रखने वालों को भी यही छूट मिल जाती है। जिनके पास इनमें से कोई वीज़ा नहीं है, उनके लिए बोलीविया प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा देता है, लेकिन शर्त यह है कि यात्री के पास वापसी की टिकट और येलो फीवर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जरूर हो, ये दोनों दस्तावेज बिना रुकावट एंट्री के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। वहीं सूरीनाम अब भी एंट्री फीस लेता है, हालांकि फीस चुकाने के बाद वहां 90 दिनों तक रुका जा सकता है।

एक नजर में एंट्री के नियम

  • इक्वाडोर: बिना वीज़ा एंट्री, अधिकतम 90 दिन तक रुकने की छूट
  • गयाना: वीज़ा ऑन अराइवल, अधिकतम 30 दिन तक रुकने की छूट
  • सूरीनाम: एंट्री फीस अनिवार्य, अधिकतम 90 दिन तक रुकने की छूट
  • बोलीविया: वीज़ा ऑन अराइवल, अधिकतम 30 दिन तक रुकने की छूट

बजट और मौसम के हिसाब से करें प्लानिंग

भारत से दक्षिण अमेरिका तक की फ्लाइट सस्ती नहीं है, इसलिए यात्रा का बजट बनाते समय इसे सबसे पहले जोड़ना जरूरी है। हालांकि वहां पहुंचने के बाद रोजमर्रा का खर्च, जैसे खाना-पीना और लोकल ट्रांसपोर्ट, भारत के कई बड़े शहरों जितना ही पड़ता है, जिससे फ्लाइट के भारी खर्च की भरपाई कुछ हद तक हो जाती है। एंडीज़ इलाके में घूमने के लिए जून से सितंबर के बीच का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है, इसलिए ट्रेकिंग या साइटसीइंग का प्लान इसी समय के आसपास बनाना फायदेमंद रहेगा। साथ ही मल्टी करेंसी कार्ड साथ रखना भी समझदारी है, इससे अलग अलग लोकल करेंसी में कन्वर्जन फीस पर होने वाला खर्च कम हो जाता है।

भारतीय घुमक्कड़ों के लिए क्या है इसका मतलब

बिना वीज़ा एंट्री, वीज़ा ऑन अराइवल और शर्तों वाली छूट का यह मिश्रण भारतीय नागरिकों के लिए दक्षिण अमेरिका पहुंचना पहले से काफी आसान बना रहा है। सही डेस्टिनेशन चुनना, जैसे इक्वाडोर के 90 दिन वाले मौके के साथ गयाना की छोटी ट्रिप जोड़ना या पेरू के सफर में बोलीविया को शामिल कर लेना, वीज़ा के कागजी काम में लगने वाला काफी समय बचा सकता है। इसके बावजूद फ्लाइट बुक करने से पहले ताजा एंट्री नियम एक बार जरूर जांच लेने चाहिए, क्योंकि नियम बदलते रहते हैं। सही दस्तावेज और पहले से तय इटिनरेरी के साथ, 2026 भारतीयों के लिए दक्षिण अमेरिका की यात्रा को यादगार बनाने वाला साल साबित हो सकता है।

सवाल-जवाब

भारतीय बिना वीज़ा के दक्षिण अमेरिका के किस देश में जा सकते हैं?
इक्वाडोर में भारतीय नागरिक बिना किसी वीज़ा के 90 दिनों तक रह सकते हैं।
गयाना में एंट्री के लिए क्या नियम हैं?
गयाना में भारतीयों को एयरपोर्ट पर पहुंचने पर 30 दिनों के लिए वीज़ा ऑन अराइवल मिल जाता है।
कोलंबिया और पेरू जाने के लिए भारतीयों को क्या चाहिए?
जिनके पास वैध अमेरिकी वीज़ा है, या ज्यादातर मामलों में वैध शेंगेन वीज़ा है, उन्हें अलग से वीज़ा लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
बोलीविया में वीज़ा ऑन अराइवल के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है?
यात्री के पास वापसी की टिकट और येलो फीवर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
दक्षिण अमेरिका घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
एंडीज़ इलाके में जून से सितंबर के बीच का मौसम घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
सूरीनाम में एंट्री के लिए क्या शर्त है?
सूरीनाम में एंट्री फीस चुकानी पड़ती है, जिसके बाद वहां 90 दिनों तक रुका जा सकता है।
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