मणिपुर में आगामी जनगणना प्रक्रिया से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस यानी एनआरसी लागू करने की मांग को लेकर रविवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इम्फाल स्थित जनगणना संचालन निदेशालय के बाहर बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्र हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राज्य में आधिकारिक गिनती शुरू होने से पहले अवैध प्रवासियों की पहचान की जाए ताकि स्थानीय नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
पुलिस के साथ झड़प और आंसू गैस का इस्तेमाल
जब प्रदर्शनकारियों का उग्र समूह निदेशालय परिसर के अंदर घुसने का प्रयास करने लगा, तो वहां तैनात सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए मोर्चा संभाला। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ने की कोशिश की। भीड़ को नियंत्रित करने और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान हुई हल्की झड़प में एक प्रदर्शनकारी को मामूली चोटें आने की भी पुष्टि हुई है।
इम्फाल के विभिन्न इलाकों में मशाल रैली
दिनभर चले हंगामे के बाद शाम ढलते ही विरोध प्रदर्शन का दायरा और बढ़ गया। इम्फाल पूर्व और इम्फाल पश्चिम जिलों से आए सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने एक विशाल मशाल रैली निकाली। इस रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में बैनर थामे और एनआरसी लागू करने के पक्ष में नारे लगाते हुए ये लोग शहर के कई प्रमुख हिस्सों से गुजरे।
प्रशासनिक और राजनीतिक ठिकानों के पास प्रदर्शन
इम्फाल पश्चिम के केसम्पत जंक्शन पर सुरक्षा बलों ने मार्च कर रहे लोगों को आगे बढ़ने से रोक दिया। यह स्थान लोक भवन और राज्य भारतीय जनता पार्टी कार्यालय से सौ मीटर से भी कम दूरी पर स्थित है। इसके अलावा, इम्फाल पश्चिम के नौरेंथोंग और इम्फाल पूर्व के खुराई लमलांग में भी प्रदर्शनकारियों ने सड़क के दोनों ओर मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
स्थानीय समुदायों के हितों की रक्षा की मांग
आंदोलनकारियों का तर्क है कि यदि एनआरसी कवायद के बिना ही जनगणना करा दी जाती है, तो पड़ोसी देशों से आए अवैध प्रवासियों को वैध भारतीय नागरिक के रूप में मान्यता मिल सकती है। उनका मानना है कि इससे स्वदेशी समुदायों के संवैधानिक अधिकार खतरे में पड़ जाएंगे और वे भविष्य में अपने ही राज्य में अल्पसंख्यक बनकर रह जाएंगे।
आगामी जनगणना कार्यक्रम और पिछले विरोध प्रदर्शन
यह पूरा घटनाक्रम जनगणना 2027 के घर-सूचीकरण चरण की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले सामने आया है, जिसके तहत स्व-गणना 17 अगस्त से शुरू होनी है। वहीं, मुख्य घर-सूचीकरण का मुख्य चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच निर्धारित किया गया है। इससे पहले शुक्रवार को भी इसी छात्र समूह के सदस्यों ने बिष्णुपुर जिले के मोइरंग कॉलेज में एक गणक और पर्यवेक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम को बाधित किया था। 'नो एनआरसी, नो जनगणना' लिखे तख्तियां लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने सत्र शुरू होने से पहले ही वहां मौजूद प्रशिक्षुओं को बाहर जाने पर मजबूर कर दिया था।
संगठन का आधिकारिक पक्ष
कैंपस फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन स्टूडेंट्स विंग के संयोजक नोरैम वांगम्बा ने स्पष्ट किया कि संगठन लंबे समय से अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए एनआरसी की मांग करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा किए बिना ही जनगणना आगे बढ़ा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षा के लिए एनआरसी बेहद आवश्यक है।


















