मिर्जापुर जिले के किसानों के लिए अपनी फसलों को कीटों के प्रकोप से बचाने का एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। अक्सर खेतों में लगने वाले हानिकारक कीड़े किसानों की मेहनत और फसल को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कृषि क्षेत्र में आधुनिक और सुरक्षित तरीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे न केवल पैदावार सुरक्षित रहती है बल्कि मिट्टी की सेहत पर भी बुरा असर नहीं पड़ता है। प्रशासनिक निर्देशों के तहत अब किसानों को आईपीएम तकनीक पर आधारित विभिन्न आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए भारी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
विभिन्न उपकरणों पर मिल रहा है अनुदान
सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं के तहत किसानों को सोलर लैंप, स्टिकी ट्रैप और फेरोमोन ट्रैप जैसे जरूरी कृषि उपकरण खरीदने पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। जिन अन्नदाताओं को अपने खेतों के लिए ये उपकरण खरीदने हैं, वे अपने नजदीकी विकास खंड कार्यालय यानी ब्लॉक से संपर्क कर सकते हैं। इन यंत्रों का मुख्य उद्देश्य फसलों को रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से बचाना और कम लागत में बेहतर पैदावार सुनिश्चित करना है।
स्टिकी ट्रैप और फेरोमोन ट्रैप के फायदे
एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज से जुड़े शिवम वर्मा ने इस पूरी प्रक्रिया और तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई ऐसी योजनाएं संचालित हैं जिनका मुख्य फोकस कीट नियंत्रण पर है। आईपीएम तकनीक के तहत फसलों को नष्ट होने से बचाने के लिए स्टिकी ट्रैप का उपयोग किया जाता है। यह ट्रैप तीन अलग-अलग रंगों में आता है जो फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले खतरनाक कीटों को अपनी ओर आकर्षित करके चिपका लेता है। इससे खेतों में महंगे केमिकल या दवाइयां छिड़कने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है, जिससे किसानों की लागत में सीधी बचत होती है।
इसी प्रकार फेरोमोन ट्रैप भी कीट नियंत्रण का एक प्रभावी साधन है। इसके काम करने के तरीके को समझाते हुए बताया गया कि इसमें एक विशेष टैबलेट लगाई जाती है जिसकी महक से नर कीट आकर्षित होते हैं। नर कीट यह समझ बैठते हैं कि वहां मादा कीट मौजूद है और वे उस जाल के अंदर आकर फंस जाते हैं और नष्ट हो जाते हैं। इसके बाद उस उपकरण को साफ किया जा सकता है। इस विधि से भी खेतों में रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग की जरूरत नहीं पड़ती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और फसल स्वस्थ रहती है।
सोलर लैंप और उसकी सब्सिडी
कीटों के सफाए के लिए सोलर लैंप का इस्तेमाल भी बेहद कारगर साबित हो रहा है। जब फसल थोड़ी बड़ी हो जाती है तो इस लैंप को खेत के बीच में लगाया जाता है। इसके नीचे पानी से भरा बर्तन रखा जाता है जिसमें हल्का सा तेल मिला दिया जाता है। तेल मिलाने का मुख्य कारण यह होता है कि जब कीट प्रकाश की ओर आकर्षित होकर पानी में गिरते हैं, तो वे वापस उड़कर नहीं जा पाते और उसी तेलयुक्त पानी में मर जाते हैं। शिवम वर्मा ने जानकारी दी कि इन सभी आधुनिक उपकरणों पर सरकार की ओर से 50 से 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिसे किसान बहुत ही उचित दामों पर अपने नजदीकी ब्लॉक से प्राप्त कर सकते हैं।


















