बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में स्थित मऊ कस्बा अब ग्रामीण व्यवस्था से निकलकर शहरी विकास की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। करीब दो वर्ष पहले तक मऊ का कामकाज ग्राम पंचायत के अधीन संचालित होता था, जहां बुनियादी जरूरतों के लिए स्थानीय निवासियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था और प्रशासनिक फैसले ग्राम प्रधान चुनावों तक सीमित थे। शासन द्वारा इसे नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के बाद अब इलाके की सूरत संवारने के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण और सुंदरीकरण की योजनाएं जमीन पर उतारी जा रही हैं।
8 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का खाका तैयार
शहरी निकाय का दर्जा मिलने के बाद स्थानीय नागरिकों में बेहतर बुनियादी ढांचे को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। कस्बे को व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से लगभग 8 करोड़ रुपये की विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। इस बजट के माध्यम से नागरिकों से सीधे जुड़ी बुनियादी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। योजना के मुख्य घटकों में कस्बे के हर वार्ड में पक्की सड़कों का निर्माण, शहीद पार्क की स्थापना, युवाओं के लिए एक व्यवस्थित खेल मैदान का विकास और एक आधुनिक श्मशान घाट का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल मां आनंदी माता मंदिर परिसर का सुंदरीकरण भी इसी वित्तीय आवंटन से कराया जा रहा है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
अतिरिक्त 12 करोड़ रुपये की मांग और आगामी योजनाएं
कस्बे में चल रहे इन निर्माण कार्यों को लेकर नगर पंचायत मऊ के अध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी ने बताया कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आनंदी माता मंदिर के सुंदरीकरण, नए पार्कों के निर्माण और सभी वार्डों में पक्की सड़कों के निर्माण पर 8 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इन पर काम भी प्रगति पर है। इसके साथ ही विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष 12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव रखा गया है।
शहरी सुविधाओं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
अध्यक्ष के अनुसार यदि प्रस्तावित 12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत हो जाती है, तो कस्बे में युवाओं के लिए जिम सेंटर, व्यापक स्तर पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था और निर्बाध पेयजल आपूर्ति जैसी जरूरी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। नगर प्रशासन का दावा है कि इन सभी परियोजनाओं के मूर्त रूप लेने के बाद आने वाले कुछ ही महीनों में मऊ एक स्वच्छ, सुंदर और सर्वसुविधायुक्त शहरी केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा।



















