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मलक्का जलडमरूमध्य के पास भारत और थाईलैंड का संयुक्त सैन्य अभ्यास, 15वें मैत्री संस्करण का आगाजगुजरात
17 अग॰ 2026, 5:46 pm (72 दिन पहले)· 1

मलक्का जलडमरूमध्य के पास भारत और थाईलैंड का संयुक्त सैन्य अभ्यास, 15वें मैत्री संस्करण का आगाज

भारत और थाईलैंड की सेनाओं ने सूरतथानी में 15वें 'मैत्री' संयुक्त सैन्य अभ्यास का शुभारंभ किया है, जिसमें जंगल और शहरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

भारत और थाईलैंड की सेनाओं ने अपने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को अधिक प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मैत्री' के 15वें संस्करण का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया है। भारतीय सेना का एक विशेष सैन्य दल सोमवार को इस महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए थाईलैंड के लिए रवाना हुआ। 18 अगस्त से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलने वाला यह 14 दिवसीय द्विपक्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम थाईलैंड के सूरतथानी में स्थित विभावादी रंगसिट कैंप में आयोजित किया जा रहा है।

सैन्य टुकड़ियों का गठन और जवानों की भागीदारी

इस संयुक्त युद्धाभ्यास में दोनों देशों की ओर से कुल 170 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। भारतीय सेना और थाई शाही सेना, दोनों पक्षों से 85-85 जवानों की बराबरी की तैनाती की गई है। भारतीय दल का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से प्रसिद्ध 9 गोरखा राइफल्स के अनुभवी सैनिकों द्वारा किया जा रहा है। वहीं मेजबान देश थाईलैंड की ओर से थाई शाही सेना की 5वीं डिवीजन के अंतर्गत आने वाली 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के जवानों को इस सैन्य प्रशिक्षण में शामिल किया गया है।

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जंगल और शहरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी रणनीतियों पर ध्यान

कंपनी स्तर के इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास को मुख्य रूप से घने जंगलों और अर्ध-शहरी इलाकों में उग्रवाद विरोधी तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैयार किया गया है। यह पूरा युद्धाभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय 7 के तहत दिए गए अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियां क्षेत्र अभ्यास, सामरिक चर्चाएं, व्याख्यान, तकनीकी प्रदर्शन और एक अंतिम सत्यापन अभ्यास में हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही दोनों बल आधुनिक हथियारों तथा सैन्य तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए आपस में परिचालन अनुभवों का आदान-प्रदान भी करेंगे।

रणनीतिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से यह अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि थाईलैंड का सूरतथानी क्षेत्र मलक्का जलडमरूमध्य के करीब स्थित है। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। वर्ष 2006 में शुरू हुए 'मैत्री' अभ्यास का 14वां संस्करण सितंबर 2025 में भारत के मेघालय राज्य में उमरोई स्थित सैन्य अड्डे पर आयोजित किया गया था। इस निरंतर जारी रहने वाले सैन्य संवाद से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ, अंतर-संचालन क्षमता और दीर्घकालिक सुरक्षा संबंध मजबूत होते हैं।

सवाल-जवाब

मैत्री युद्धाभ्यास क्या है?
मैत्री अभ्यास भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच वर्ष 2006 से आयोजित होने वाला एक वार्षिक संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास है।
15वां मैत्री अभ्यास कहां और कब आयोजित हो रहा है?
यह 15वां संस्करण 18 अगस्त से 31 अगस्त तक थाईलैंड के सूरतथानी स्थित विभावादी रंगसिट कैंप में आयोजित किया जा रहा है।
इसमें भारत और थाईलैंड की ओर से कौन सी सैन्य इकाइयां शामिल हैं?
भारत की ओर से 9 गोरखा राइफल्स के 85 जवान और थाईलैंड की ओर से 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के 85 जवान भाग ले रहे हैं।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय 7 के तहत जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद तथा उग्रवाद से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है।
मैत्री अभ्यास का पिछला संस्करण कब और कहां हुआ था?
मैत्री का 14वां संस्करण सितंबर 2025 में भारत के मेघालय राज्य स्थित उमरोई में आयोजित किया गया था।
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