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सुधरने की नसीहत से नाराज पिता ने ली 33 वर्षीय बेटे की जान, राजकोट में पुलिस ने बाबूभाई को किया गिरफ्तारगुजरात
15 अग॰ 2026, 9:14 pm (1 घंटे पहले)· 1

सुधरने की नसीहत से नाराज पिता ने ली 33 वर्षीय बेटे की जान, राजकोट में पुलिस ने बाबूभाई को किया गिरफ्तार

गुजरात के राजकोट में चोरी की आदत छोड़ने की सलाह देने पर पिता ने अपने 33 वर्षीय बेटे राम की हथौड़े से वार कर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

गुजरात के राजकोट शहर में पारिवारिक कलह का एक अत्यंत दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। न्यू नेहरूनगर क्षेत्र में एक पिता ने अपने ही 33 वर्षीय पुत्र की हथौड़े से प्रहार कर हत्या कर दी। पुलिस जांच के अनुसार, मृतक बेटा अपने पिता की चोरी करने की आदत से परेशान था और उन्हें लगातार सही रास्ते पर आने की नसीहत देता था। इसी बात से चिढ़कर पिता ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी खुद पुलिस के समक्ष प्रस्तुत हुआ था, जिसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।

चोरी की आदत और लगातार गहराता पारिवारिक विवाद

यह घटना राजकोट के न्यू नेहरूनगर इलाके में स्थित गली नंबर 7 की है। इस स्थान पर आरोपी बाबूभाई रघाभाई सवसेटा अपने परिवार के सदस्यों के साथ निवास करता था। पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बाबूभाई और उसके 33 वर्षीय पुत्र राम के मध्य काफी समय से गहरा मनमुटाव चला आ रहा था। राम अपने पिता की चोरी करने की आदत से सख्त असहमत था। वह बार-बार अपने पिता को गलत काम त्यागने, आपराधिक प्रवृत्तियों से दूर रहने और एक सम्मानित जीवन जीने की सलाह देता रहता था। हालांकि, पिता को अपने बेटे का यह हस्तक्षेप और सीख देना अत्यंत नागवार गुजरता था। इस मुद्दे को लेकर घर के भीतर अक्सर दोनों के बीच कहासुनी और भारी विवाद की स्थिति बन जाती थी।

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मकान में रखे हथियार और सुरक्षा को लेकर परिजनों की चिंता

जांच के दौरान पुलिस को यह भी ज्ञात हुआ कि बाबूभाई ने अपने आवास में कई तरह के खतरनाक हथियार जमा करके रखे हुए थे। उसके पास लोहे का पाइप, कुल्हाड़ी और हथौड़ा जैसे औजार मौजूद थे। परिवार के अन्य सदस्य इन हथियारों की मौजूदगी को लेकर हमेशा सशंकित रहते थे। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के उद्देश्य से परिजन प्रायः इन हथियारों को घर के भीतर छिपाकर रखने का प्रयास करते थे। इसके बावजूद, पिता और पुत्र के बीच पनप रही कड़वाहट समय के साथ लगातार उग्र रूप धारण करती जा रही थी।

13 अगस्त का घटनाक्रम और वारदात की दर्दनाक शाम

त्रासदी वाले दिन यानी 13 अगस्त की दोपहर भी पिता और पुत्र के मध्य किसी बात पर तीखी बहस हुई थी। इसके पश्चात, शाम लगभग साढ़े सात बजे राम की माता हंसाबेन अपनी बेटी के घर चली गईं। कुछ समय बीतने के बाद हंसाबेन के दामाद राजेशभाई उन्हें वापस लाने के लिए वहां पहुंचे। इसी दौरान घर पर मौजूद बाबूभाई ने कथित रूप से परिवारजनों को यह सूचित किया कि उसने हथौड़े से वार करके राम की हत्या कर दी है। यह सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य सन्न रह गए और तुरंत मौके पर पहुंचे।

कमरे का दृश्य और राम के शरीर पर गंभीर चोटें

जब हंसाबेन और अन्य परिजन आनन-फानन में घर पहुंचे, तो अंदर का दृश्य अत्यंत भयावह था। राम घर के दूसरे कमरे में खून से पूरी तरह लथपथ अवस्था में पड़ा हुआ था। उसके सिर पर जानलेवा और गंभीर चोटों के कई निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। विशेष रूप से उसकी बाईं आंख के ठीक ऊपर एक अत्यंत गहरा और गंभीर जख्म था। इसके अतिरिक्त उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी प्रहार किए जाने के निशान मौजूद थे और पूरे कमरे में खून फैला हुआ था। राम की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी।

पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास और बाद में कबूलनामा

वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी पिता बाबूभाई खुद पुलिस स्टेशन पहुंच गया। हालांकि, शुरुआती दौर में उसने पुलिसकर्मियों को गुमराह करने की नीयत से मनगढ़ंत कहानी सुनाई। उसने पुलिस को बताया कि उसका बेटा बहुत बीमार है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता हेतु अस्पताल ले जाने की आवश्यकता है। परंतु, उसके बयानों में मौजूद विषमताओं के कारण पुलिस को तुरंत संदेह हो गया। जब अधिकारियों ने उससे गहनता से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने स्वीकार किया कि उसने ही हथौड़े से हमला करके अपने बेटे राम की हत्या की है।

भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज और आगे की कार्रवाई

घटना की पुष्टि होते ही पुलिस की टीम तुरंत न्यू नेहरूनगर स्थित घटनास्थल पर पहुंची और वैज्ञानिक जांच हेतु जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। मृतक की मां हंसाबेन द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी बाबूभाई रघाभाई सवसेटा के विरुद्ध विधिवत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), धारा 223 और गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135(1) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी को अभिरक्षा में ले लिया है और अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि हत्या का यह कृत्य तात्कालिक आवेश का परिणाम था अथवा इसे किसी पूर्व नियोजित योजना के तहत अंजाम दिया गया था।

सवाल-जवाब

राजकोट में हत्या की यह घटना किस स्थान पर हुई?
यह घटना गुजरात के राजकोट शहर के न्यू नेहरूनगर इलाके की गली नंबर 7 में हुई।
पिता और बेटे के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या थी?
मृतक बेटा राम अपने पिता बाबूभाई को चोरी की आदत छोड़ने और सुधरने की सलाह देता था, जिससे पिता नाराज रहता था।
वारदात में किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था?
आरोपी पिता ने अपने बेटे की हत्या करने के लिए लोहे के हथौड़े का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किन धाराओं में मामला दर्ज किया है?
पुलिस ने आरोपी बाबूभाई के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), धारा 223 और गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135(1) के तहत मामला दर्ज किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·39 मिनट पहले

राजकोट की यह घटना पारिवारिक विघटन और घरेलू हिंसा के एक भयावह रूप को उजागर करती है, जहाँ अपराध की प्रवृत्ति ने खून के रिश्ते को भी तार-तार कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी का पहले से ही आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा होना और घर में हथियारों का संग्रहण इस बात का संकेत है कि यह संघर्ष अचानक उपजा आवेश नहीं, बल्कि लंबे समय से सुलगते अंतर्द्वंद्व का परिणाम था। ऐसे मामलों में काउंसलिंग और शुरुआती पारिवारिक हस्तक्षेप पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है ताकि मामूली विवाद घातक रूप न लें।

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 मिनट पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह मामला क्रिमिनल ज्यूरिप्रूडेंस के उस पहलू को रेखांकित करता है जहाँ आरोपी का सरेंडर करने का कृत्य कानूनी प्रक्रिया में सजा के निर्धारण के समय प्रासंगिक हो सकता है, हालांकि यह अपराध की क्रूरता को कम नहीं करता। आगे की न्यायिक कार्यवाही में फोरेंसिक साक्ष्य और हथियार की बरामदगी अभियोजन पक्ष के लिए कनविक्शन सुनिश्चित करने में निर्णायक साबित होंगे।

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