हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अंतर्गत आने वाले सरूरपुर गांव में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहां स्थित नारायण गैस एजेंसी के परिसर में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे आसपास के पूरे इलाके में भारी हड़कंप मच गया। घटना 21 अक्तूबर की शाम की है, जब आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एजेंसी के भीतर रखे एक के बाद एक कई एलपीजी सिलेंडर तेज धमाकों के साथ फटने लगे।
सिलेंडरों के फटने की गूंज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक आवाज सुनाई दी, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई। अपनी और अपने परिवार की जान बचाने के लिए आसपास के मकानों में रहने वाले लोग तुरंत अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले। कुछ ही पलों में घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी बस्तियों से बाहर सड़क पर आ गए।
दमकल विभाग की मशक्कत और राहत कार्य
इस खतरनाक घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत हरकत में आ गईं। दमकल विभाग की कई टीमें तेजी से मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के अभियान को युद्धस्तर पर शुरू किया। हालांकि, लगातार हो रहे सिलेंडरों के विस्फोट और आग की भयंकर लपटों के बीच दमकलकर्मियों के लिए स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी। इसके बावजूद कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया। इस दौरान पूरा इलाका घंटों तक भारी तनाव और डर के साये में रहा।
दो लोगों के झुलसने की खबर और अस्पताल में भर्ती
इस ভয়াবহ हादसे के बीच दो लोगों के झुलसने की प्रारंभिक सूचना सामने आई है। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, इस दुर्घटना में एक व्यक्ति का हाथ झुलस गया है, जबकि दूसरे व्यक्ति के शरीर पर भी जलने के गंभीर निशान पाए गए हैं। घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को फौरन इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक दोनों घायलों की आधिकारिक पहचान और उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
आग लगने के कारणों की पुलिस जांच शुरू
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नारायण गैस एजेंसी में यह भयानक आग किन कारणों से लगी थी। शुरुआती चर्चाओं में गैस लीक होने की बात सामने आ रही है, जिसके बाद चिंगारी से आग भड़की होगी। स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गहन जांच के पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आग लगने की असल परिस्थितियां क्या थीं और सिलेंडरों में विस्फोट किस वजह से हुए। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है।



















