करवा चौथ का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में त्योहारी रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और पूरे सोलह श्रृंगार के साथ इस विशेष दिन का उत्सव मनाती हैं। इस पावन अवसर की पूर्व तैयारियों में परिधानों की खरीद सबसे अहम मानी जाती है। इसी सिलसिले में अंबाला शहर स्थित एशिया के सबसे बड़े कपड़ा मार्केट में इन दिनों महिलाओं की भारी चहल-पहल देखी जा रही है। इस बार खरीदारी का रुझान केवल पारंपरिक लाल रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाएं नए दौर के फैशन ट्रेंड, बारीक़ कढ़ाई और अलग-अलग तरह के डिजाइनों को भी खुले दिल से चुन रही हैं।
गहरे रंगों और नए कट्स का क्रेज
बाजार का रुख इस बार काफी बदला हुआ नजर आ रहा है। त्योहार पर हर महिला ऐसा परिधान पहनना चाहती है जो भीड़ में सबसे अलग और आकर्षक दिखे। लाल रंग की सदाबहार मांग तो बनी ही हुई है, इसके साथ ही गुलाबी और भूरे जैसे गहरे रंगों को भी काफी पसंद किया जा रहा है। जिन महिलाओं का विवाह के बाद पहला करवा चौथ है, वे खास तौर पर गहरे लाल रंग के परिधानों को प्राथमिकता दे रही हैं और उनके बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है।
शरारा, प्लाजो और ब्राइडल परिधानों की धूम
बाजार के कारोबारी प्रिंस के अनुसार, इस बार महिलाएं पहले से सोची-समझी डिजाइन लेकर खरीदारी के लिए दुकानों पर पहुंच रही हैं। रेडीमेड कपड़ों के वर्ग में प्लाजो सेट, शरारा सेट, लहंगा, कुर्ती, साड़ी और सूट की भारी मांग बनी हुई है। सूट के मामले में नायरा कट, स्ट्रेट कट और फ्रॉक स्टाइल के परिधान महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। इस पूरे बाजार में कपड़ों की शुरुआती कीमत मात्र 150 रुपये है, जो बेहतरीन कारीगरी के साथ 25 हजार रुपये तक जाती है।
प्रिंस ने बताया कि इस त्योहारी सीजन में ब्राइडल लहंगे और डिजाइनर सूट भी महिलाओं को खूब आकर्षित कर रहे हैं। साधारण ब्राइडल लहनों की शुरुआती कीमत 1500 रुपये रखी गई है। कपड़ों पर गोटा वर्क, मोर पंख डिजाइन, कटवर्क और खास तरह की शिमर शाइनिंग वाली कारीगरी को काफी सराहा जा रहा है।
अन्य शहरों के मुकाबले थोक दरों में बड़ा अंतर
अंबाला कपड़ा बाजार अपनी किफायती दरों के लिए भी जाना जाता है। कटवर्क और शिमर वाले सूट यहां थोक भाव में लगभग 2250 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि अन्य खुदरा बाजारों में इन्हीं सूटों की कीमत 3500 रुपये तक वसूली जाती है। मोर पंख और पत्तियों की नक्काशी वाले बर्बरीक सूट भी इस समय खूब चर्चा में हैं। इन सूटों की थोक कीमत अंबाला में तकरीबन 2400 रुपये है, जबकि चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में इनकी कीमत 5500 रुपये तक पहुंच जाती है। इसके अलावा ढाई मीटर के भारी वेलवेट दुपट्टे वाले ब्राइडल सूट और आधुनिक 3D प्रिंट वाले सूट भी महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।
कश्मीरी, राजस्थानी और देश भर की क्षेत्रीय शैलियों का संगम
बाजार के अन्य कारोबारी जसविंदर के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में कश्मीरी सूट, राजस्थानी पारंपरिक परिधान और सूती कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा देश के अलग-अलग कोनों की खास शैलियां भी यहां उपलब्ध हैं, जिनमें कोलकाता की मशहूर जरदोजी कारीगरी वाली ड्रेसेज, जयपुर के प्रामाणिक सूट, मुंबई की डिजाइनर पोशाकें और सेलिब्रिटी स्टाइल वाली साड़ियां ग्राहकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
युवतियों और महिलाओं के लिए तैयार किए गए गर्लिश लहंगों में बारीक हाथ का काम, चमकते हुए नग और तीन फ्लेयर्स वाले खास घेरेदार डिजाइन को काफी पसंद किया जा रहा है। जसविंदर ने बताया कि इस तरह के डिजाइनर लहंगे अंबाला में करीब 3250 रुपये में मिल रहे हैं, जबकि दूसरे बड़े शहरों में इनके दाम 6000 रुपये तक बोले जाते हैं। पार्टी वियर पंजाबी सूट 1000 रुपये से लेकर 1500 रुपये के बीच बिक रहे हैं, वहीं हाफ बाजू वाली लंबी कुर्तियां 2000 रुपये से 3000 रुपये के बजट में उपलब्ध हैं।
पड़ोसी राज्यों से भी उमड़ रही खरीदारों की भीड़
अंबाला के इस विशाल कपड़ा बाजार की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाली असीम विविधता और हर बजट के अनुकूल विकल्प हैं। इसी कारण यहां केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश से भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता सीधे खरीदारी करने पहुंचते हैं। इसके साथ ही कई छोटे और बड़े व्यापारी अपनी दुकानों के लिए थोक माल उठाने आते हैं, जबकि बुटीक चलाने वाली महिलाएं अपने संग्रह के लिए चुनिंदा डिजाइनर पीस तलाशने अंबाला पहुंचती हैं।





















