मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे छात्रों के लिए देश के कई राज्यों में आर्थिक राहत का ऐलान किया गया है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न्स के मासिक स्टाइपेंड को संशोधित करते हुए सीधे 25,000 रुपये कर दिया है। पहले इन छात्रों को हर महीने केवल 12,300 रुपये मिलते थे, जिससे इस एक बड़े फैसले के बाद उनके वेतन में 12,700 रुपये प्रतिमाह की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस विशेष लाभ के दायरे में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स यानी एफएमजीएस को भी शामिल किया गया है।
जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड दोगुने से ज्यादा हुआ
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से मेडिकल छात्र अपने भत्ते को बढ़ाने की मांग को लेकर संघर्षरत थे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से स्टाइपेंड में भारी वृद्धि किए जाने की आधिकारिक घोषणा की। नई और बढ़ी हुई दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, जिसका अर्थ है कि इस तारीख के बाद पात्र इंटर्न्स को इसी नए पैमाने पर भुगतान मिलेगा। प्रतिशत के दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह लगभग 103.3 प्रतिशत की भारी वृद्धि है, जिससे यह राशि दोगुनी से भी अधिक हो गई है। यदि कोई पात्र इंटर्न पूरे एक साल तक इस नई दर का लाभ उठाता है, तो उसे सालाना कुल 3 लाख रुपये प्राप्त होंगे, जबकि पुरानी व्यवस्था में यह रकम मात्र 1 लाख 47 हजार 600 रुपये बनती थी।
हड़ताल और आंदोलन के बाद सरकार का फैसला
जम्मू-कश्मीर के मेडिकल छात्रों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए सितंबर 2026 में हड़ताल का रास्ता चुना था। शुरुआती विरोध प्रदर्शन के बाद 8 सितंबर को सरकार ने छात्रों से काम पर लौटने की अपील की थी और एक महीने के भीतर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। हालांकि तय समय के भीतर आदेश जारी न होने के कारण छात्रों में असंतोष बना रहा और उन्होंने मंगलवार को एक बार फिर हड़ताल शुरू कर दी। छात्रों के इस दबाव के ठीक अगले दिन यानी बुधवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्टाइपेंड बढ़ोतरी का बहुप्रतीक्षित आदेश जारी कर दिया।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी बढ़ा भत्ता
केवल जम्मू-कश्मीर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने यहां मेडिकल इंटर्न्स के हितों को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 25 अगस्त 2026 को एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न्स के मासिक स्टाइपेंड को 12,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मंजूरी दी थी। इस निर्णय से राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण ले रहे लगभग 3,928 मेडिकल और डेंटल इंटर्न्स को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद जताई गई थी। इस प्रकार उत्तर प्रदेश में करीब 108.3 प्रतिशत का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। इसी तरह उत्तराखंड सरकार ने भी अपने पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस स्टूडेंट्स का स्टाइपेंड 17,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है। इस प्रस्ताव पर 11 सितंबर 2026 को कैबिनेट की मुहर लगी थी, जिससे छात्रों को हर महीने 8,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ में भी मेडिकल छात्रों को आर्थिक संबल
देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष मेडिकल इंटर्न्स के वित्तीय हालातों में सुधार किया गया है। उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे एमबीबीएस इंटर्न्स का मासिक स्टाइपेंड 15,900 रुपये से बढ़ाकर सीधा 25,000 रुपये तय कर दिया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद से छात्रों को प्रतिमाह 9,100 रुपये अतिरिक्त मिलने लगे हैं, जो कि लगभग 57.2 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। पिछले दो वर्षों के दौरान पंजाब, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी इसी तरह मेडिकल इंटर्न्स के मानदेय में संशोधन किए गए हैं, जिससे देश भर के प्रशिक्षु डॉक्टरों को बड़ी राहत मिली है।





















