हरियाणा के फरीदाबाद में बड़खल क्षेत्र के भाजपा विधायक धनेश अदलखा का गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब उनके कार्यालय में सफाई कर्मचारियों और पार्षदों ने स्थानीय एक्सईएन की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधायक ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फोन पर ही अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की और संबंधित अधिकारी के रवैये पर सवाल खड़े किए।
सफाई दरोगाओं ने की थी एक्सईएन की शिकायत
यह पूरी घटना 4 अक्टूबर की बताई जा रही है, जब विधायक धनेश अदलखा अपने दफ्तर में पार्षदों के साथ मौजूद थे। इसी दौरान बड़खल इलाके के कुछ सफाई दरोगा और इंस्पेक्टर वहां पहुंचे और उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के एक्सईएन मनदीप के खिलाफ धरना देते हुए जमकर शिकायतें कीं। कर्मचारियों का आरोप था कि एक्सईएन उन्हें सफाई कार्यों के लिए आवश्यक जरूरी सामान मुहैया नहीं कराते हैं और उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देते हैं।
फोन पर एडिशनल कमिश्नर को दिए निर्देश
कर्मचारियों और पार्षदों का दर्द सुनने के बाद विधायक धनेश अदलखा काफी आहत हुए और उन्होंने तुरंत नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल से फोन पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान विधायक ने कहा कि एक्सईएन मनदीप बिल्कुल काम नहीं करते हैं और क्षेत्र के सभी पार्षद भी उनके कामकाज के तरीके से बेहद नाराज और खिलाफ हैं। इस दौरान बातचीत में विधायक ने एक्सईएन के लिए कुछ अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया।
अधिकारियों के फेरबदल की रखी मांग
फोन पर हुई इस लंबी बातचीत के दौरान विधायक ने एडिशनल कमिश्नर को निर्देश दिए कि मनदीप को तुरंत हटाया जाए और उनकी जगह दूसरे अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी जाएं। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि संजीव को पूरा चार्ज दिया जाए, लख्मीचंद को हटाया जाए, विनोद मित्तल को अतिरिक्त चार्ज दिया जाए और नितिन कादयान के पास एक्सईएन का चार्ज रखा जाए।
नगर निगम प्रशासन की ओर से मिला आश्वासन
विधायक के तीखे तेवर और स्पष्ट निर्देशों के बाद एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल ने मामले की गंभीरता को समझा और विधायक को आश्वस्त किया कि तुरंत प्रभाव से दूसरे अधिकारी को चार्ज सौंप दिया जाएगा। एडिशनल कमिश्नर ने यह भी कहा कि विधायक के हस्तक्षेप के बाद अब पार्षदों को कार्यालय आने की कोई आवश्यकता नहीं है, जिससे यह मामला फिलहाल शांत होता नजर आया।



















