साइबर सिटी गुरुग्राम में एक महिला बाइक सवार को टक्कर मारकर फरार होने वाले आरोपी कल्याण बैसला (कल्याण सिंह) ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई पेश की है। घटना के बाद पुलिस के डर से अपना मोबाइल फोन बंद करके गायब होने वाले आरोपी ने अब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और पुलिस द्वारा मामले का स्वतः संज्ञान लेने के बाद अपनी बात रखी है। आरोपी ने दावा किया है कि उसने यह टक्कर जानबूझकर नहीं मारी थी, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य बाइक सवारों के व्यवहार के कारण यह दुर्घटना हुई।
आरोपी ने बाइक सवारों पर लगाया परेशान करने का आरोप
कल्याण बैसला का कहना है कि सड़क पर चल रहे बाइक सवार उसे लगातार परेशान कर रहे थे और उसकी गाड़ी को आगे नहीं निकलने दे रहे थे। इस तरह की सफाई पर गंभीर सवाल उठते हैं कि क्या सड़क पर ओवरटेक करने का रास्ता न मिलने पर किसी की जान लेने की कोशिश की जा सकती है। गाड़ी आगे निकालने की होड़ में इस तरह का जानलेवा कदम उठाना किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता।
खुद को बताया पूर्व राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी और जिम ट्रेनर
अपनी सफाई में आरोपी ने खुद को राष्ट्रीय स्तर का पूर्व कबड्डी खिलाड़ी और एक जिम ट्रेनर बताया है। हालांकि, खेल भावना और अनुशासन की बात करने वाले एक खिलाड़ी का इस तरह से दुर्घटना के बाद मौके से भाग जाना और अपना फोन बंद कर लेना उसके दावों पर सवाल खड़े करता है। इस मामले में कार के असली मालिक मनीष ने पहले ही खुलासा कर दिया था कि कल्याण बैसला दो दिन पहले उससे गाड़ी मांग कर ले गया था। घटना के बाद से ही आरोपी का फोन बंद था और उसने पुलिस के सामने आकर सच बताने के बजाय छिपने का रास्ता चुना।
अधूरे वीडियो का रोना और मारपीट का डर
आरोपी कल्याण बैसला का दावा है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, वह अधूरा है। उसने मांग की है कि इस घटना का पूरा फुटेज सामने लाया जाए ताकि असल सच्चाई लोगों को पता चल सके। उसने अपनी सफाई में आगे कहा कि जब उसकी गाड़ी एक रेड लाइट पर रुकी, तो उसे पीछे से आ रहे लोगों द्वारा मारपीट किए जाने का डर सताने लगा था, जिसके कारण वह वहां से भाग खड़ा हुआ। आरोपी ने माना कि कार और बाइक के बीच टक्कर हुई थी, लेकिन उसका कहना है कि उसे बाद में पता चला कि बाइक चलाने वाली एक महिला थी, जिस पर उसने गहरा दुख व्यक्त किया है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि क्या पुरुष हो या महिला, किसी भी व्यक्ति की जान को इस तरह खतरे में डालने का अधिकार किसी को दिया जा सकता है।

















