असम सरकार ने राज्य के हरित आर्थिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (RVSF) को अब राज्य के पात्र औद्योगिक ढांचे के अंतर्गत लाया जाएगा। इस रणनीतिक निर्णय का मुख्य उद्देश्य अनुपयोगी और पुराने वाहनों को नष्ट करने के लिए एक अत्यधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और स्वच्छ प्रणाली का निर्माण करना है।
पर्यावरण अनुकूल स्क्रैपिंग और संसाधनों की रीसाइक्लिंग
वाहन कबाड़ केंद्रों को औद्योगिक दर्जा मिलने से असम में पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण और उनके निपटान से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी समाधान मिल सकेगा। स्वीकृत स्क्रैपिंग इकाइयां अब एक नियंत्रित और वैज्ञानिक नियमों के तहत काम करेंगी। इससे पुराने और अनफिट वाहनों को सुरक्षित तरीके से काटा जा सकेगा, जिससे खतरनाक रसायनों और तत्वों को पर्यावरण में फैलने से रोका जा सकेगा। इसके साथ ही, इन वाहनों से निकलने वाले लोहे, प्लास्टिक और अन्य उपयोगी कलपुर्जों को पुनः चक्रित करना भी काफी आसान हो जाएगा।
औद्योगिक निवेश और नए रोजगार के अवसर
इस नीतिगत बदलाव के जरिए असम सरकार का लक्ष्य राज्य में बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करना है। इस क्षेत्र को औद्योगिक मान्यता मिलने से रीसाइक्लिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास को नई गति मिलेगी। आधुनिक और विशेषीकृत स्क्रैपिंग इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह कदम असम को पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक गतिविधियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर सकता है।
पारदर्शी ट्रैकिंग और नीतिगत क्रियान्वयन
असम में अब तक पुराने वाहनों के स्थायी निपटान की कोई केंद्रीकृत और पारदर्शी ट्रैकिंग प्रणाली नहीं थी। RVSF के औपचारिक नेटवर्क के माध्यम से अब वाहनों के पूरे जीवनचक्र पर नजर रखी जा सकेगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 14 सितंबर, 2026 को X पर लिखा कि इस फैसले से पुराने वाहनों को हटाने की प्रक्रिया अधिक स्वच्छ और सुरक्षित हो जाएगी। इस नए फ्रेमवर्क को पूरे राज्य में कैसे लागू किया जाएगा, इसके लिए पात्रता नियमों और मिलने वाले प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।



















