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अचानक चॉकलेट या नमकीन खाने की इच्छा का असली कारण, न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा से समझिए क्रेविंग का गणितस्वास्थ्य
4 अग॰ 2026, 3:30 pm (39 दिन पहले)· 0

अचानक चॉकलेट या नमकीन खाने की इच्छा का असली कारण, न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा से समझिए क्रेविंग का गणित

चॉकलेट, मीठा या चिप्स खाने की क्रेविंग शरीर में खास पोषक तत्वों की कमी का संकेत दे सकती है। न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा के अनुसार, अस्वास्थ्यकर खान-पान के बजाय सही न्यूट्रिएंट्स चुनकर आप क्रेविंग्स को शांत कर सकते हैं।

दिन के समय अचानक चॉकलेट, पेस्ट्री या चिप्स खाने की तेज इच्छा होना एक बेहद आम अनुभव है। कई बार लोग जानते हैं कि अत्याधिक मीठा और प्रसंस्कृत आहार सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है, फिर भी क्रेविंग्स के सामने वे हार मान लेते हैं। हालांकि, पोषण विज्ञान के अनुसार इस तरह की अवांछित इच्छाएं केवल स्वाद की भूख नहीं होतीं, बल्कि यह हमारे शरीर का आंतरिक संदेश हो सकता है। जब शरीर में किसी विशेष पोषक तत्व की कमी होने लगती है, तो वह विभिन्न स्वादों के माध्यम से इसका संकेत देता है। न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में इस बात पर जोर दिया है कि रोजाना होने वाली इन क्रेविंग्स को समझकर हम अपने शरीर को सही पोषण दे सकते हैं। उनके अनुसार क्रेविंग्स वास्तव में बेहतर पोषक तत्वों की मांग करने का शारीरिक तरीका हैं, जिन्हें समझदारी से सुनना आवश्यक है।

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह और शरीर की भाषा

अक्सर देखा जाता है कि जब भी लोगों को तनाव होता है या ऊर्जा का स्तर गिरता है, तो वे तुरंत जंक फूड या पैकेज्ड स्नैक्स की ओर भागते हैं। लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा का मानना है कि इन इच्छाओं के पीछे शरीर की जैविक जरूरतें छिपी होती हैं। जब हम इन संकेतों का सही विश्लेषण करते हैं, तो हम हानिकारक खान-पान से बचकर स्वस्थ विकल्पों का चयन कर सकते हैं। अपनी क्रेविंग्स से लड़ने के बजाय यदि हम यह समझने की कोशिश करें कि शरीर किस चीज की मांग कर रहा है, तो वजन नियंत्रण और समग्र स्वास्थ्य सुधारना काफी आसान हो जाता है। अलग-अलग प्रकार के स्वाद की इच्छा अलग-अलग पोषक तत्वों की कमी से जुड़ी होती है।

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चॉकलेट की इच्छा और मैग्नीशियम का संतुलन

यदि आपको बार-बार चॉकलेट खाने का तीव्र मन करता है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी है। मैग्नीशियम एक अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है जो मांसपेशियों के कामकाज, तंत्रिका तंत्र और ऊर्जा उत्पादन में मदद करता है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो दिमाग चॉकलेट का विकल्प चुनता है। यद्यपि चॉकलेट में मैग्नीशियम की कुछ मात्रा पाई जाती है, लेकिन इसके साथ ही इसमें रिफाइंड शुगर और फैट का स्तर भी काफी अधिक होता है। अत्यधिक चीनी और वसा का सेवन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए केवल मैग्नीशियम पाने के लिए चॉकलेट खाना सही समाधान नहीं है।

इस कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों का चयन किया जाना चाहिए। काजू, कद्दू के बीज, पालक और बीन्स जैसी चीजों में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है। इन प्राकृतिक और पौष्टिक चीजों का नियमित सेवन करने से चॉकलेट की क्रेविंग धीरे-धीरे कम होने लगती है और शरीर को रिफाइंड शुगर के नुकसान से बचाया जा सकता है।

मीठा खाने की तलब और प्रोटीन की भूमिका

खाना खाने के बाद या दिन में किसी भी समय मिठाई, टॉफी या मीठे व्यंजनों को खाने की तीव्र तलब होना एक अन्य आम समस्या है। न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा के अनुसार, यदि आपको लगातार मिठाई की क्रेविंग हो रही है, तो इसका मतलब है कि आपके शरीर को उस समय पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की आवश्यकता है। जब आहार में प्रोटीन का स्तर कम होता है, तो रक्त शर्करा का स्तर तेजी से ऊपर-नीचे होता है, जिससे मीठा खाने की इच्छा जागती है।

अपनी मीठे की इस क्रेविंग को दूर करने के लिए पेस्ट्री या मिठाइयों के बजाय प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। इसके लिए दही, भुना हुआ चना, प्रोटीन शेक या उबले हुए या पकाए गए अंडे का सेवन एक बेहतरीन विकल्प है। प्रोटीन का सेवन करने से न केवल शरीर में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है, बल्कि पेट भी लंबे समय तक भरा महसूस होता है, जिससे बार-बार अनहेल्दी चीजें खाने की आदत से मुक्ति मिलती है।

नमकीन और चिप्स की क्रेविंग में इलेक्ट्रोलाइट्स की मांग

कई बार लोगों को मीठे के बजाय चटपटा, नमकीन या कुरकुरे चिप्स खाने का मन करता है। नमकीन और प्रसंस्कृत पैकेज्ड स्नैक्स की यह क्रेविंग इस बात का संकेत देती है कि आपके शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत है। इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन को बनाए रखने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और मांसपेशियों के सही संचालन के लिए बहुत आवश्यक होते हैं। पसीने या निर्जलीकरण के कारण जब इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर गिरता है, तो शरीर नमकीन चीजों की मांग करता है।

नमकीन चिप्स या नमकीन स्नैक्स खाने के बजाय, जिनमें अत्यधिक सोडियम और अनहेल्दी फैट होता है, प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त विकल्पों का चयन करना चाहिए। इस कमी को पूरा करने के लिए छाछ, ताजा नारियल पानी, भुना हुआ मखाना और नींबू पानी का सेवन किया जा सकता है। ये पेय और स्नैक्स शरीर को तुरंत ताज़गी देते हैं और बिना किसी नुकसान के इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को संतुलित करते हैं।

कार्बोहाइड्रेट, ब्रेड और ऊर्जा का संतुलन

यदि आपका मन ब्रेड, पेस्ट्री या अन्य रिफ़ाइंड कार्ब्स खाने का कर रहा है, तो इसका सीधा अर्थ यह हो सकता है कि आपके शरीर को तत्काल ऊर्जा की आवश्यकता है। रिफाइंड कार्ब्स शरीर में जाकर तुरंत ग्लूकोज में बदल जाते हैं, जिससे अचानक ऊर्जा तो मिलती है लेकिन उतनी ही तेजी से क्रैश भी आता है। तुरंत पच जाने वाले सिंपल कार्ब्स के बजाय, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है।

कॉम्प्लेक्स कार्ब्स शरीर में धीरे-धीरे पचते हैं और धीरे-धीरे ऊर्जा जारी करते हैं। इससे आपका पेट घंटों तक भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। इसके लिए ताजा फल, शकरकंद, पके हुए चावल या ओट्स का सेवन करना चाहिए। ये खाद्य पदार्थ न केवल टिकाऊ ऊर्जा प्रदान करते हैं बल्कि पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखते हैं।

सही निर्णय से बनाएं बेहतर सेहत

अपनी दैनिक खाने की आदतों में थोड़ा सा बदलाव लाकर आप अपनी सेहत में बड़ा सुधार देख सकते हैं। अगली बार जब भी आपका मन अत्यधिक चीनी, नमकीन चिप्स या चॉकलेट खाने का करे, तो तुरंत कोई भी चीज उठाने के बजाय एक पल के लिए रुकें। अपनी क्रेविंग से बेवजह लड़ने या अस्वास्थ्यकर चीजें खाने के बजाय, अपने शरीर के संकेतों को समझें और उसे वह चीज़ दें जिसकी उसे वास्तव में आवश्यकता है। सही पोषण चुनने से आप न केवल अपनी क्रेविंग्स को शांत कर सकते हैं, बल्कि लंबे समय तक ऊर्जावान और तंदुरुस्त भी रह सकते हैं।

सवाल-जवाब

चॉकलेट खाने का मन करने पर शरीर को किस पोषक तत्व की जरूरत होती है?
चॉकलेट की क्रेविंग होने का मतलब है कि आपके शरीर को मैग्नीशियम की आवश्यकता हो सकती है।
चॉकलेट की जगह मैग्नीशियम की कमी को पूरा करने के लिए क्या खाना चाहिए?
मैग्नीशियम की कमी को पूरा करने के लिए काजू, कद्दू के बीज, पालक और बीन्स का सेवन करना चाहिए।
लगातार मीठा खाने की इच्छा होने पर किस न्यूट्रिएंट का सेवन करना चाहिए?
मीठा खाने की क्रेविंग होने पर शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है, जिसके लिए दही, भुना हुआ चना, प्रोटीन शेक या अंडे खाए जा सकते हैं।
नमकीन या चिप्स खाने का मन करे तो क्या पीना या खाना फायदेमंद होता है?
इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए छाछ, नारियल पानी, भुना हुआ मखाना और नींबू पानी लेना चाहिए।
ब्रेड या पेस्ट्री की जगह कौन से कार्ब्स खाने की सलाह दी जाती है?
ब्रेड या सिंपल कार्ब्स के बजाय फल, शकरकंद, पके हुए चावल या ओट्स जैसे कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन करना चाहिए।
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