जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी और सरेआम गुंडागर्दी का एक अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों से एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद, कुछ गैर-जिम्मेदार बाइक सवार इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर धड़ल्ले से प्रवेश कर रहे हैं। हाल ही में हुई इस ताजा घटना ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। यहाँ नियमों का उल्लंघन करते हुए तीन मोटरसाइकिलों पर सवार सात हुड़दंगियों ने न केवल प्रतिबंधित मार्ग पर तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाईं, बल्कि जब वहां तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने उन्हें रोकने का कर्तव्य निभाया, तो उसे बेरहमी से अपनी गाड़ी से कुचलने की कोशिश की और मौके से भाग निकले।
पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट पर चिपकाया काला टेप
इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले बाइक सवारों ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की नजरों से बचने के लिए पहले से ही एक बेहद शातिर और सुनियोजित योजना तैयार कर रखी थी। उन्होंने अपनी तीनों मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेटों पर काले रंग का टेप चिपका दिया था, ताकि टोल प्लाजा या एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों में उनके वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज न हो सकें। चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक, नियमों को ताक पर रखकर चल रही इन तीनों मोटरसाइकिलों में से दो पर पीछे युवतियां भी सवार थीं। नंबर प्लेट को जानबूझकर छिपाने की यह हरकत इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि ये लोग अनजाने में एक्सप्रेसवे पर नहीं आए थे, बल्कि नियमों को तोड़ने और पकड़े जाने से बचने का पूरा इंतजाम करके निकले थे।
टोलकर्मी को मारी जोरदार टक्कर और भानगढ़ की तरफ हुए फरार
चूंकि एक्सप्रेसवे पर मोटरसाइकिल और अन्य छोटे दोपहिया वाहनों की एंट्री पर सख्त पाबंदी है, इसलिए जैसे ही ये बाइकर्स टोल प्लाजा के नजदीक पहुंचे, वहां मुस्तैद टोलकर्मियों ने उन्हें रोकने के लिए हाथ दिया। हालांकि, अपनी गलती स्वीकार करने और रुकने के बजाय, इन दुस्साहसी बाइक सवारों ने गाड़ियों की रफ्तार को और बढ़ा दिया। गति तेज करते हुए उन्होंने सामने खड़े एक टोलकर्मी को जोरदार टक्कर मार दी। इस अचानक हुए जोरदार हादसे में वह कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इसी अफरा-तफरी और घबराहट का अनुचित लाभ उठाते हुए तीनों बाइक सवार वहां से तेजी से ओझल हो गए। सूत्रों के अनुसार, घटना को अंजाम देने के बाद इन सभी आरोपियों ने बापी इंटरचेंज से एक्सप्रेसवे छोड़ दिया और नीचे उतरकर भानगढ़ की तरफ भाग निकले।
पुलिस के सामने कानूनी अड़चनें और सीसीटीवी की जांच
इस हिंसक घटना की सूचना तुरंत ही स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई ताकि आरोपियों को समय रहते दबोचा जा सके। हालांकि, इस मामले में एक तकनीकी और कानूनी पेच फंस गया है। सैंथल थाना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि घटना को कई घंटे बीत जाने के बाद भी टोल प्रबंधन या घायल टोलकर्मी की तरफ से थाने में कोई भी आधिकारिक लिखित शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि जब तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं होती, तब तक औपचारिक रूप से मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। फिलहाल, पुलिस अपनी सक्रियता दिखाते हुए बापी इंटरचेंज और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सुरक्षा कैमरों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि अज्ञात बदमाशों का कोई सुराग हाथ लग सके।
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा पुख्ता करने और नियमों के पालन की जरूरत
इस घटना ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित किया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस को मिलकर एक विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने की जरूरत है ताकि बिना अनुमति वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करने से पूरी तरह रोका जा सके। नंबर प्लेट को विकृत करने या उस पर टेप लगाने वाले अपराधियों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की सख्त धाराओं के तहत कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए। इसके अलावा, आम जनता को भी यह समझना होगा कि एक्सप्रेसवे अत्यधिक तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए डिजाइन किए गए हैं, जहां हवा के भारी दबाव और गति के अंतर के कारण दोपहिया वाहन चलाना किसी जानलेवा जोखिम से कम नहीं है।



















