आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच खानपान का सही ध्यान रखना कई बार काफी मुश्किल साबित होता है। हालांकि, अपनी दैनिक खुराक में महज एक छोटा सा बदलाव करने से आप कई तरह की गंभीर बीमारियों के खतरे को दूर रख सकते हैं। सूखे मेवों में अखरोट को पोषक तत्वों का भंडार माना गया है। यदि कोई व्यक्ति अपनी रोज की आदत में केवल तीन से चार अखरोट खाना शामिल कर ले, तो इससे उसका दिल, मस्तिष्क और पेट पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं।
न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए अखरोट के चमत्कारी गुण
मुंबई की प्रसिद्ध न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से इस सुपरफूड के हैरान करने वाले फायदों पर रोशनी डाली है। उनके अनुसार, अखरोट न केवल शरीर के भीतर की सूजन को कम करने में मददगार है, बल्कि यह हमारी याददाश्त और कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को बेहतर बनाने का सबसे आसान माध्यम भी है।
क्रॉनिक सूजन से मिलती है अचूक राहत
शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली अंदरूनी सूजन कई गंभीर बीमारियों की मुख्य वजह बन जाती है। अखरोट इस तरह की क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन को जड़ से खत्म करने में बेहद असरदार साबित होता है। इसमें इलेगिटैनिन्स नाम का एक बहुत शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी कंपाउंड पाया जाता है, जो आंतरिक अंगों की सूजन को तेजी से घटाने का काम करता है।
पाचन तंत्र और गट हेल्थ के लिए वरदान
यह सूखा मेव पेट और पाचन तंत्र यानी गट हेल्थ के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। अखरोट के छिलकों में भरपूर मात्रा में पॉलीफेनोल्स और फाइबर मौजूद होते हैं, जो आंतों के गुड बैक्टीरिया को सही पोषण प्रदान करते हैं। जब आंतों का माइक्रोबायोम स्वस्थ रहता है, तब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और भोजन को पचाने की शक्ति अपने आप बढ़ जाती है।
तेज दिमाग और बेहतर याददाश्त के लिए
इसकी शारीरिक बनावट काफी हद तक इंसानी मस्तिष्क से मिलती-जुलती है और यह दिमाग के लिए किसी बेहतरीन टॉनिक से कम नहीं है। ओमेगा-3 फैटी एसिड और उच्च गुणवत्ता वाले एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण अखरोट मानसिक कार्यप्रणाली को तीव्र गति प्रदान करता है। आज के तनावपूर्ण दौर में लोगों की एकाग्रता लगातार कम हो रही है, ऐसे में नियमित सेवन से सोचने और समझने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आता है। इसके अलावा, बढ़ती उम्र के साथ होने वाली भूलने की बीमारी जैसे डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी खतरनाक न्यूरोडिजेनरेटिव समस्याओं का जोखिम भी काफी हद तक कम हो जाता है।
हृदय को मजबूती और बैड कोलेस्ट्रॉल पर लगाम
हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए अखरोट एक प्राकृतिक औषधि के रूप में कार्य करता है। यह हमारे शरीर के लिपिड प्रोफाइल में चमत्कारी सुधार लाने के लिए जाना जाता है। खराब खान-पान की आदतों के कारण रक्त धमनियों में जमा होने वाला एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल हार्ट ब्लॉकेज की प्रमुख वजह बनता है। अखरोट इस हानिकारक तत्व को धमनियों से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाता है। साथ ही, इसके निरंतर सेवन से रक्त वाहिकाओं का लचीलापन बना रहता है और ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। जब कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप दोनों संतुलित रहते हैं, तो दिल के दौरे और अन्य गंभीर दिल की बीमारियों की आशंका अपने आप काफी घट जाती है।
खाने का सबसे सही और असरदार तरीका
किसी भी सुपरफूड का पूरा फायदा तभी हासिल होता है जब उसका उपभोग करने का उचित तरीका मालूम हो। अखरोट के सभी विटामिन्स और पोषक तत्व शरीर द्वारा सही प्रकार से अवशोषित किए जा सकें, इसके लिए न्यूट्रिशनिस्ट इसे भिगोकर खाने की सलाह देती हैं। अखरोट को हमेशा रात भर पानी में डुबोकर रखना चाहिए और अगली सुबह खाली पेट तीन से चार भीगे हुए दानों का सेवन करना चाहिए। पानी में भिगोने से इसकी तासीर सामान्य हो जाती है और इसके पोषक तत्व अधिक सुपाच्य बन जाते हैं। इस तरह खाने से शरीर में गर्मी नहीं बढ़ती, पेट से जुड़ी कोई परेशानी नहीं होती और व्यक्ति को इसका पूरा लाभ प्राप्त होता है।



















