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आषाढ़ के दौरान इन 10 सब्जियों का करें सेवन, मानसून की बीमारियों से मिलेगी सुरक्षास्वास्थ्य
9 जुल॰ 2026, 12:30 pm (45 दिन पहले)· 3

आषाढ़ के दौरान इन 10 सब्जियों का करें सेवन, मानसून की बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा

मानसून के आगमन के साथ पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, ऐसे में आषाढ़ के महीने में सही सब्जियों का चयन करना बेहद जरूरी है। यहां 10 ऐसी सब्जियों की सूची दी गई है जो शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से लड़ने में मदद करती हैं।

बारिश का आगमन मन को सुकून देता है, लेकिन अपने साथ कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी लाता है। आषाढ़ का महीना शुरू होते ही हवा में आर्द्रता यानी नमी बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर हमारी पाचन क्रिया पर पड़ता है। इस मौसम में पाचन की गति धीमी हो जाती है और पेट से संबंधित समस्याएं अक्सर लोगों को घेरने लगती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आयुर्वेद के जानकारों का मानना है कि इस दौरान केवल स्वाद के आधार पर भोजन का चयन करना भारी पड़ सकता है। यदि हम अपनी थाली में मौसमी और सुपाच्य सब्जियों को प्राथमिकता दें, तो न केवल पाचन बेहतर बना रहेगा, बल्कि शरीर को आवश्यक पोषण भी आसानी से मिलता रहेगा।

बरसात में खानपान में बदलाव क्यों जरूरी है?

आषाढ़ और मानसून के दौरान वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से शरीर की चयापचय क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग अपच, गैस, एसिडिटी, पेट फूलने और कई तरह के संक्रमणों से परेशान रहते हैं। ऐसी स्थिति में भारी और गरिष्ठ भोजन के बजाय हल्की, ताजी और आसानी से पचने वाली सब्जियों का सेवन करना चाहिए। ये सब्जियां शरीर पर अतिरिक्त भार नहीं डालतीं। यदि दैनिक आहार में मौसम के अनुसार सही बदलाव किए जाएं, तो शरीर को कई छोटी-बड़ी मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है।

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मानसून में स्वास्थ्य की रक्षा करने वाली 10 सब्जियां

लौकी: मानसून के दौरान लौकी सबसे हल्की और सुपाच्य सब्जियों में से एक है। इसमें जल की मात्रा काफी अधिक होती है, जो शरीर में पानी की कमी नहीं होने देती। लौकी पेट को ठंडक प्रदान करती है और पाचन तंत्र को सहज रखती है। इस मौसम में कम मसालों के साथ पकाई गई लौकी या इसका सूप स्वास्थ्य के लिए एक उत्तम विकल्प है।

परवल: फाइबर से भरपूर परवल पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में कारगर है। जिन लोगों को अक्सर पेट भारीपन या गैस की शिकायत रहती है, उनके लिए परवल का सेवन काफी लाभदायक माना जाता है।

तुरई: इसे कुछ स्थानों पर गिलकी या नेनुआ के नाम से भी जाना जाता है। यह बहुत ही सरलता से पच जाती है और पेट की जलन या एसिडिटी को नियंत्रित करने में सहायता करती है। कम तेल-मसाले में बनी तुरई स्वादिष्ट भी होती है और सेहत के लिए हल्की भी।

करेला: हालांकि करेला कड़वा होता है, लेकिन यह पोषक तत्वों का भंडार है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए इसे संतुलित मात्रा में लेना फायदेमंद होता है।

कद्दू: इसमें विटामिन ए, फाइबर और कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। कद्दू पेट को आराम देता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में सक्षम है। इसे सब्जी के रूप में या सूप बनाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

कुंदरू: बरसात के समय उपलब्ध कुंदरू फाइबर से भरपूर होता है। यह कब्ज से राहत दिलाने और पाचन को सुचारू रखने में सहायक है। इसकी सूखी सब्जी टिफिन के लिए भी एक अच्छा और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प मानी जाती है।

टिंडा: कई लोग टिंडा खाने से बचते हैं, लेकिन इसमें मौजूद पानी और एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करते हैं। यह एक हल्की सब्जी है, जो वजन को नियंत्रित रखने के इच्छुक लोगों के लिए बेहतरीन चुनाव है।

भिंडी: ताजी भिंडी में प्राकृतिक लस या चिपचिपापन होता है, जो आंतों की आंतरिक परत की सुरक्षा करता है। यह पाचन की प्रक्रिया को आसान बनाती है। भिंडी को तलने के बजाय हल्के मसालों में पकाना स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर है।

कच्चा केला: यदि मानसून के दौरान पेट बार-बार खराब होता है, तो कच्चे केले की सब्जी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह पेट को शांति प्रदान करने और शरीर को जरूरी खनिजों की आपूर्ति करने में मदद करती है।

ग्वार फली: ग्वार फली फाइबर, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों का उत्तम स्रोत है। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने में भी प्रभावी मानी जाती है।

सब्जियों को पकाने का सही तरीका

मानसून में केवल सही सब्जियों का चुनाव ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें तैयार करने का तरीका भी पोषण सुनिश्चित करता है। सब्जियों को पकाने से पहले अच्छी तरह धोना अनिवार्य है। कोशिश करें कि अधिक तेल, तीखे मसालों और तली-भुनी चीजों का सेवन न करें। हमेशा ताजी सब्जियां ही खरीदें और लंबे समय तक फ्रिज में रखी गई सब्जियों के उपयोग से बचें। स्थानीय और मौसमी सब्जियां इस मौसम में सबसे अधिक गुणकारी होती हैं, इसलिए उन्हें अपनी नियमित डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं।

सवाल-जवाब

मानसून के दौरान पाचन कमजोर क्यों हो जाता है?
बरसात और आषाढ़ के महीने में वातावरण में नमी बढ़ने के कारण शरीर की पाचन क्षमता धीमी हो जाती है, जिससे गैस और अपच जैसी समस्याएं होती हैं।
मानसून में कौन सी 10 सब्जियां सबसे फायदेमंद हैं?
इस मौसम के लिए लौकी, परवल, तुरई, करेला, कद्दू, कुंदरू, टिंडा, भिंडी, कच्चे केले और ग्वार फली को सबसे स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है।
बरसात के मौसम में सब्जियां पकाने का सही तरीका क्या है?
सब्जियों को अच्छी तरह धोकर साफ करना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि उनमें कम से कम तेल और मसालों का प्रयोग हो। तली हुई चीजों से परहेज करना ही बेहतर है।
क्या फ्रिज में रखी सब्जियां मानसून में खाना सुरक्षित है?
लंबे समय तक फ्रिज में रखी सब्जियों का उपयोग करने से बचना चाहिए। इस दौरान हमेशा ताजा और स्थानीय रूप से उपलब्ध सब्जियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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