आजकल कम उम्र में ही चेहरे पर झुर्रियां और थकान दिखने लगी है। भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल, गड़बड़ खानपान, बढ़ता स्ट्रेस और अधूरी नींद, इन सबकी वजह से शरीर पर बुढ़ापे के लक्षण समय से पहले नजर आने लगते हैं। डॉक्टर सलीम ज़ैदी का कहना है कि अगर सुबह की दिनचर्या में कुछ आसान और सस्ती देसी चीजें शामिल कर ली जाएं तो एजिंग की रफ्तार को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है। उन्होंने तीन अलग-अलग रेमेडी बताई हैं, जिन्हें सही क्रम और सही तरीके से लेने पर शरीर को अंदर से मजबूती मिलती है।
कलौंजी, मेथी दाना और काले चने का कॉम्बिनेशन कैसे बनाएं
पहली रेमेडी में कलौंजी, मेथी दाना और काला चना, इन तीनों को रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है और अगली सुबह खाली पेट खाया जाता है। कलौंजी में थाइमोक्विनोन नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो शरीर में होने वाली सूजन यानी इन्फ्लेमेशन को कम करने का काम करता है। डॉक्टर सलीम ज़ैदी बताते हैं कि शरीर में जितनी ज़्यादा सूजन रहती है, एजिंग की प्रक्रिया उतनी ही तेज़ी से बढ़ती है। मेथी दाना ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के साथ-साथ पाचन तंत्र यानी गट हेल्थ को भी दुरुस्त बनाए रखता है। वहीं काले चने में पौधों से मिलने वाला प्रोटीन सबसे ज़्यादा मात्रा में होता है, जो हड्डियों को मजबूत करता है और स्किन को टाइट रखने में मदद करता है। इस रेमेडी को बनाने का तरीका बेहद आसान है, एक चौथाई चम्मच कलौंजी, एक छोटा चम्मच मेथी दाना और एक बड़ा चम्मच काला चना लेकर इन्हें एक गिलास पानी में भिगो देना है। अगली सुबह खाली पेट यह तीनों चीजें खा लें और साथ में वह पानी भी पी लें जिसमें यह भीगी हुई थीं।
भीगे हुए ड्राईफ्रूट्स कब और कैसे खाएं
पहली रेमेडी लेने के करीब पंद्रह से बीस मिनट बाद, भीगे हुए ड्राईफ्रूट्स का सेवन करने की सलाह दी गई है। इसके लिए रात को ही अलग-अलग गिलासों में पांच बादाम, एक अखरोट, पांच किशमिश और एक सूखा अंजीर भिगोकर रख देना चाहिए। डॉक्टर सलीम ज़ैदी के मुताबिक अखरोट दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, जबकि सूखा अंजीर आयरन, फाइबर और पोटेशियम का बेहतरीन स्रोत है। किशमिश में मौजूद नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और इस तरह एजिंग की गति को धीमा करने में मदद करते हैं। बादाम में विटामिन ई भरपूर मात्रा में होता है, जो त्वचा यानी स्किन के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। सुबह उठते ही बादाम का छिलका उतारकर उसे खाना चाहिए और बाकी सभी ड्राईफ्रूट्स के साथ उनका पानी भी पी लेना चाहिए। हालांकि एक बात का खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है, अखरोट और बादाम को भिगोने वाला पानी नहीं पीना चाहिए क्योंकि इसमें एंटी न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं जो फायदे की जगह नुकसान कर सकते हैं।
खाना खाने के बाद सौंफ, जीरा और अजवाइन क्यों ज़रूरी
तीसरी रेमेडी बाकी दोनों से अलग है क्योंकि इसे खाली पेट नहीं बल्कि खाना खाने के बाद लिया जाता है। सौंफ, जीरा और अजवाइन को हल्का सा भूनकर रख लिया जाता है और खाना खाने के बाद इसमें से एक चम्मच अच्छी तरह चबाकर खाना होता है। डॉक्टर सलीम ज़ैदी के अनुसार करीब नब्बे प्रतिशत बीमारियों की जड़ पेट की गड़बड़ी में छुपी होती है। जब पाचन तंत्र यानी गट हेल्थ सही तरीके से काम नहीं करता तो इसका सीधा असर सबसे पहले त्वचा पर दिखाई देता है। ऐसे में चाहे कितनी भी महंगी क्रीम या प्रोडक्ट इस्तेमाल कर लिए जाएं, अगर अंदर से पाचन ठीक नहीं है तो एजिंग की प्रक्रिया उसी रफ्तार से चलती रहेगी। यही वजह है कि खाने के बाद सौंफ, जीरा और अजवाइन का यह मिश्रण पाचन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी बताया गया है।











