मानसून की शुरुआत भीषण गर्मी से तो राहत दिलाती है, लेकिन अपने साथ कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आती है। इनमें सबसे बड़ी चिंता सांपों का रिहायशी इलाकों, खेतों और घरों में दाखिल होना है। जैसे ही तेज बारिश होती है, खेतों और बिलों में पानी जमा होने लगता है, जिससे सांप अपने सुरक्षित और सूखे ठिकाने की तलाश में इधर-उधर भटकने लगते हैं। इस दौरान वे इंसानी बस्तियों, अनाज के गोदामों, पशुशालाओं और रिहायशी घरों तक पहुँच जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि उनका अधिकतर समय खेतों में काम करते हुए या पशुओं के बीच गुजरता है, जिससे सांप के काटने की आशंका अधिक रहती है।
सांपों की सक्रियता बढ़ने के ठोस कारण
बारिश का मौसम सांपों के व्यवहार को बदलने पर मजबूर कर देता है। लगातार पानी बरसने के कारण उनके जमीन के अंदर बने बिल पूरी तरह भर जाते हैं, जिससे उन्हें दम घुटने का डर सताता है। अस्तित्व बचाने की कोशिश में वे सूखी जमीन की खोज में बाहर निकलते हैं और अनजाने में ही घरों या खलिहानों में शरण ले लेते हैं। इसके साथ ही बरसात में मेंढक, चूहे और अन्य छोटे जीव भी बड़ी संख्या में बाहर निकलते हैं, जो सांपों का पसंदीदा आहार हैं। भोजन की प्रचुरता भी उन्हें उन स्थानों की ओर खींच लाती है जहाँ मानव गतिविधि ज्यादा होती है।
सुरक्षा के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञ कुंज बिहारी ने लोगों को सचेत करते हुए बताया कि मानसून के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि रात के समय बिस्तर से उतरते वक्त सबसे पहले टॉर्च की मदद से आसपास की जांच जरूर करें। कई बार सांप फर्श पर या बिस्तर के नीचे छिपे होते हैं और अंधेरे में उन पर अनजाने में पैर पड़ने से गंभीर हादसा हो सकता है। इसके अलावा, अपने घर के आसपास कबाड़, लकड़ी के ढेर, घास-फूस या झाड़ियों को जमा न होने दें, क्योंकि ये स्थान सांपों के लिए छिपने की सबसे मुफीद जगहें मानी जाती हैं।
सांप काटने की स्थिति में क्या करें?
यदि दुर्भाग्य से किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो घबराने के बजाय तुरंत संयम बनाए रखें और पीड़ित को बिना देरी के नजदीकी अस्पताल ले जाएं। काटे गए हिस्से को बार-बार हिलाने-डुलाने से बचें ताकि शरीर में जहर की गति धीमी रहे। कभी भी झाड़-फूंक, घरेलू टोटकों, जहर चूसने या घाव पर चीरा लगाने जैसे अंधविश्वासों में अपना कीमती समय बर्बाद न करें। समय रहते अस्पताल पहुंचकर एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) का उपचार लेना ही सांप के काटने से बचने का एकमात्र वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीका है।













