सूर्य ग्रहण और राहु के नक्षत्र में मंगल गोचर, कन्या, मकर और तुला राशि के जातकों को होगा बड़ा लाभआवारापन 2 रिव्यू (2026): 19 साल पुरानी डिजास्टर फिल्म का सीक्वल, इमरान हाशमी की वापसी और मेकर्स का बड़ा दांवमूलांक 5 राशिफल 11 अगस्त 2026: हर दस्तावेज को दो बार परखें, जरा सी चूक से बढ़ सकती हैं मुश्किलेंमूलांक 7 राशिफल 11 अगस्त 2026: भावनाओं में बहकर फैसला ना लें, पहले सच्चाई समझेंमूलांक 4 राशिफल 11 अगस्त 2026: अटके काम पूरे होने के योग, ज्यादा वादों से बचें और संतुलन बनाएंमूलांक 6 राशिफल 11 अगस्त 2026: रिश्तों में दूरी का अहसास और फिजूलखर्ची से बचने की सलाहसूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है सूतक काल, जानें क्या करें और क्या न करेंसिंह राशि में सूर्य का गोचर और केतु की युति, जानिए किन राशियों को उठानी होगी हानिमूलांक 3 राशिफल 11 अगस्त 2026: काम में टालमटोल से बचें और छोटी जिम्मेदारियां पहले निभाएंशशि थरूर ने साझा किया सोनिया गांधी का लेख, डॉ. मनमोहन सिंह की विरासत पर की चर्चा
मानसून की बारिश के साथ ही क्यों बढ़ जाता है सांपों का डर? विशेषज्ञों से जानें सुरक्षा के अचूक टिप्सस्वास्थ्य
27 जून 2026, 12:18 pm (45 दिन पहले)· 4

मानसून की बारिश के साथ ही क्यों बढ़ जाता है सांपों का डर? विशेषज्ञों से जानें सुरक्षा के अचूक टिप्स

बरसात के दिनों में सांपों के घरों में घुसने की घटनाएं क्यों बढ़ जाती हैं और काट लेने पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जानें पूरी जानकारी।

मानसून की शुरुआत भीषण गर्मी से तो राहत दिलाती है, लेकिन अपने साथ कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आती है। इनमें सबसे बड़ी चिंता सांपों का रिहायशी इलाकों, खेतों और घरों में दाखिल होना है। जैसे ही तेज बारिश होती है, खेतों और बिलों में पानी जमा होने लगता है, जिससे सांप अपने सुरक्षित और सूखे ठिकाने की तलाश में इधर-उधर भटकने लगते हैं। इस दौरान वे इंसानी बस्तियों, अनाज के गोदामों, पशुशालाओं और रिहायशी घरों तक पहुँच जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि उनका अधिकतर समय खेतों में काम करते हुए या पशुओं के बीच गुजरता है, जिससे सांप के काटने की आशंका अधिक रहती है।

सांपों की सक्रियता बढ़ने के ठोस कारण

बारिश का मौसम सांपों के व्यवहार को बदलने पर मजबूर कर देता है। लगातार पानी बरसने के कारण उनके जमीन के अंदर बने बिल पूरी तरह भर जाते हैं, जिससे उन्हें दम घुटने का डर सताता है। अस्तित्व बचाने की कोशिश में वे सूखी जमीन की खोज में बाहर निकलते हैं और अनजाने में ही घरों या खलिहानों में शरण ले लेते हैं। इसके साथ ही बरसात में मेंढक, चूहे और अन्य छोटे जीव भी बड़ी संख्या में बाहर निकलते हैं, जो सांपों का पसंदीदा आहार हैं। भोजन की प्रचुरता भी उन्हें उन स्थानों की ओर खींच लाती है जहाँ मानव गतिविधि ज्यादा होती है।

ये भी पढ़ें

सुरक्षा के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

विशेषज्ञ कुंज बिहारी ने लोगों को सचेत करते हुए बताया कि मानसून के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि रात के समय बिस्तर से उतरते वक्त सबसे पहले टॉर्च की मदद से आसपास की जांच जरूर करें। कई बार सांप फर्श पर या बिस्तर के नीचे छिपे होते हैं और अंधेरे में उन पर अनजाने में पैर पड़ने से गंभीर हादसा हो सकता है। इसके अलावा, अपने घर के आसपास कबाड़, लकड़ी के ढेर, घास-फूस या झाड़ियों को जमा न होने दें, क्योंकि ये स्थान सांपों के लिए छिपने की सबसे मुफीद जगहें मानी जाती हैं।

सांप काटने की स्थिति में क्या करें?

यदि दुर्भाग्य से किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो घबराने के बजाय तुरंत संयम बनाए रखें और पीड़ित को बिना देरी के नजदीकी अस्पताल ले जाएं। काटे गए हिस्से को बार-बार हिलाने-डुलाने से बचें ताकि शरीर में जहर की गति धीमी रहे। कभी भी झाड़-फूंक, घरेलू टोटकों, जहर चूसने या घाव पर चीरा लगाने जैसे अंधविश्वासों में अपना कीमती समय बर्बाद न करें। समय रहते अस्पताल पहुंचकर एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) का उपचार लेना ही सांप के काटने से बचने का एकमात्र वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीका है।

सवाल-जवाब

बरसात के मौसम में सांप घरों में क्यों घुसते हैं?
लगातार बारिश से सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, इसलिए वे सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों की ओर आते हैं।
सांपों के लिए कौन से स्थान सुरक्षित होते हैं?
अनाज के गोदाम, लकड़ी के ढेर, घास-फूस, पशुशालाएं और घर के आसपास की झाड़ियां सांपों के छिपने के लिए सुरक्षित स्थान होते हैं।
सांप के काटने पर क्या करना चाहिए?
काटने के बाद घबराएं नहीं, प्रभावित अंग को ज्यादा हिलाएं नहीं और तुरंत अस्पताल जाकर एंटी-स्नेक वेनम का उपचार लें।
सांप के काटने पर किन चीजों से बचना चाहिए?
झाड़-फूंक, घाव पर चीरा लगाना, जहर चूसना या किसी भी घरेलू उपचार पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR