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बारिश और धूप की आंख-मिचौली से चित्रकूट में बढ़े बीमार, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीकेस्वास्थ्य
7 जुल॰ 2026, 6:18 pm (21 दिन पहले)· 2

बारिश और धूप की आंख-मिचौली से चित्रकूट में बढ़े बीमार, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके

चित्रकूट में बदलते मौसम के चलते डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, हैजा और वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं, डॉक्टर ने साफ पानी पीने और हाथ धोकर खाना खाने की सलाह दी है।

चित्रकूट जिले में इन दिनों मौसम पल भर में बदल रहा है। कभी झमाझम बारिश गर्मी से राहत देती है तो कुछ ही घंटों बाद तेज धूप और उमस लोगों का पसीना छुड़ा देती है। मौसम के इसी उतार-चढ़ाव का असर अब सीधे लोगों की सेहत पर दिखने लगा है और जिले के अस्पतालों में डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, हैजा और वायरल बुखार के मरीजों की कतार लंबी होती जा रही है। समय रहते सावधानी बरती जाए तो इन मौसमी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।

क्यों बढ़ रहे हैं बीमारियों के मामले

डॉक्टरों का कहना है कि बरसात के मौसम में दूषित पानी, गंदा भोजन और साफ-सफाई में लापरवाही ही संक्रमण फैलने की सबसे बड़ी वजह बनती है। बारिश का पानी नालियों और तालाबों में मिलकर पीने के पानी को दूषित कर देता है, वहीं नमी और उमस के चलते खाने-पीने की चीजें भी जल्दी खराब होने लगती हैं। यही कारण है कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग रोजाना इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

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हाथ धोकर खाएं, उबला पानी पिएं, डॉक्टर की सलाह

मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. सत्येंद्र कुमार ने बताया कि बरसात के दिनों में लोगों को अपनी दिनचर्या और खान-पान पर खास ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक बिना हाथ धोए खाना खाने, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ खाने और दूषित पानी पीने से डायरिया, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियां बहुत तेजी से फैलती हैं। डॉ. सत्येंद्र कुमार ने सलाह दी कि हमेशा साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिया जाए और भोजन करने से पहले साबुन से अच्छी तरह हाथ धोए जाएं। उनका कहना है कि यह छोटी सी सावधानी भी संक्रमण से बचाव में बड़ा असर डालती है।

बारिश थमते ही निकलने वाली तेज धूप से भी खतरा

डॉ. सत्येंद्र कुमार ने आगे बताया कि बारिश रुकने के कुछ ही देर बाद जब तेज धूप निकलती है तो वातावरण में उमस काफी बढ़ जाती है और ऐसे मौसम में शरीर जल्दी डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है। उनकी सलाह है कि बारिश रुकने के तुरंत बाद तेज धूप में बेवजह बाहर निकलने से बचा जाए। अगर किसी काम से बाहर निकलना जरूरी हो तो पर्याप्त मात्रा में पानी साथ रखकर पिया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह लगातार बदलते मौसम में सेहत को लेकर काफी सतर्क रहने की जरूरत होती है, ताकि डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, हैजा और वायरल बुखार जैसी मौसमी बीमारियों की चपेट में आने से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

चित्रकूट में इन दिनों कौन सी बीमारियां बढ़ रही हैं?
डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, हैजा और वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं।
यह बीमारियां क्यों फैल रही हैं?
दूषित पानी, गंदा भोजन और साफ-सफाई की कमी के कारण बरसात में संक्रमण तेजी से फैलता है।
डॉक्टर ने बचाव के लिए क्या सलाह दी है?
डॉ. सत्येंद्र कुमार ने हमेशा साफ, उबला या फिल्टर किया पानी पीने और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोने की सलाह दी है।
बारिश के बाद तेज धूप में क्या सावधानी बरतें?
बारिश रुकने के तुरंत बाद तेज धूप में बेवजह बाहर न निकलें और जरूरी होने पर पर्याप्त पानी साथ रखकर पिएं, क्योंकि उमस से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
यह सलाह किस डॉक्टर ने दी है?
यह सलाह मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. सत्येंद्र कुमार ने दी है।
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