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मुरादाबाद जिला अस्पताल में बढ़े हाई बीपी के मामले, डॉक्टर सपना सिंह ने बताए नियंत्रण के खास उपायस्वास्थ्य
13 अग॰ 2026, 4:19 pm (12 घंटे पहले)· 2

मुरादाबाद जिला अस्पताल में बढ़े हाई बीपी के मामले, डॉक्टर सपना सिंह ने बताए नियंत्रण के खास उपाय

मुरादाबाद जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज उच्च रक्तचाप की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। आहार विशेषज्ञ डॉ. सपना सिंह ने कम नमक, कम वसा और संतुलित दिनचर्या अपनाने के कई आसान स्वास्थ्य टिप्स साझा किए हैं।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिला अस्पताल में इन दिनों उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन की समस्या से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों मरीज ब्लड प्रेशर से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। मरीजों की इस बढ़ती तादाद को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। मरीजों को इस गंभीर स्थिति से राहत दिलाने के लिए अस्पताल की वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ (डाइटिशियन) डॉ. सपना सिंह विशेष काउंसलिंग और खान-पान के टिप्स प्रदान कर रही हैं, ताकि लोग अपनी जीवनशैली में मामूली बदलाव करके बीपी को सामान्य रख सकें।

उच्च रक्तचाप के बढ़ते खतरे और खान-पान का संबंध

डॉ. सपना सिंह के अनुसार ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में हमारे दैनिक खान-पान की सबसे प्राथमिक और महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आज की आधुनिक जीवनशैली में लोग अत्यधिक सोडियम और संतृप्त वसा का सेवन कर रहे हैं, जो धमनियों पर दबाव बढ़ाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भोजन में नमक की अतिरिक्त मात्रा और अत्यधिक तैलीय या तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन बीपी को अचानक बढ़ा सकता है। यदि खान-पान पर तुरंत ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या स्थायी रूप से शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है।

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अनियंत्रित बीपी से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिम

रक्तचाप नियंत्रित न रहने के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए आहार विशेषज्ञ ने चेतावनी दी कि हाई बीपी को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर शरीर के कई प्रमुख अंगों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण मस्तिष्क आघात यानी ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा गुर्दे (किडनी) की कार्यप्रणाली प्रभावित होकर किडनी फेलियर की नौबत आ सकती है और आंखों की सूक्ष्म रक्तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचने से आंखों की रोशनी भी हमेशा के लिए जा सकती है। इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही सतर्क होना आवश्यक है।

सुबह की दिनचर्या में शामिल करें ये सेहतमंद आदतें

बीपी को स्वाभाविक रूप से नियंत्रित रखने के लिए डॉ. सपना सिंह ने सुबह की दिनचर्या में कुछ सरल और असरदार आदतों को शामिल करने की सलाह दी है।

  • गुनगुना पानी: सुबह सोकर उठते ही सबसे पहले एक गिलास गुनगुना पानी पीना शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन और रक्त परिसंचरण के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
  • नींबू का प्रयोग: इच्छा होने पर इस गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिया जा सकता है, जो पाचन क्रिया को सुदृढ़ बनाता है।
  • भीगे हुए बादाम: रात को चार से पांच बादाम पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट उनका छिलका उतारकर सेवन करें।
  • अखरोट का सेवन: बादाम के साथ-साथ अखरोट को भी अपनी नियमित डाइट में जगह दें, क्योंकि इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल की सेहत के लिए उत्तम माना जाता है।

परहेज और जीवनशैली में बदलाव है सबसे जरूरी

आहार विशेषज्ञ ने बताया कि बीपी मरीजों के लिए दवाइयों जितनी ही अहमियत सख्त परहेज की है। बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद स्नेक्स, नमकीन और जंक फूड में प्रिजर्वेटिव्स तथा नमक की मात्रा अत्यधिक होती है। इसलिए बीपी के मरीजों को फ़ास्ट फ़ूड से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। इसके स्थान पर ताजे फल, हरी सब्जियां और कम तेल-मसाले वाला सुपाच्य घर का बना खाना ही अपनी थाली में शामिल करना चाहिए। अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम और संतुलित आहार को जगह देकर उच्च रक्तचाप पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

सवाल-जवाब

मुरादाबाद जिला अस्पताल में बीपी मरीजों को क्या सलाह दी जा रही है?
मुरादाबाद जिला अस्पताल की डाइटिशियन डॉ. सपना सिंह बीपी नियंत्रित करने के लिए कम नमक, कम वसायुक्त भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दे रही हैं।
अनियंत्रित बीपी से शरीर को क्या नुकसान हो सकता है?
ब्लड प्रेशर नियंत्रित न रहने पर ब्रेन स्ट्रोक, किडनी खराब होने और आंखों की रोशनी प्रभावित होने जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
बीपी मरीजों के लिए सुबह की सबसे अच्छी डाइट क्या है?
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी (आधे नींबू के साथ), रातभर भिगोए गए 4 से 5 बादाम और अखरोट का सेवन बीपी मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है।
बीपी कम करने के लिए किन चीजों से तुरंत परहेज करना चाहिए?
हाई बीपी से पीड़ित लोगों को अत्यधिक नमक, बाहर के तले-भुने भोजन, पैकेटबंद खाद्य पदार्थों और फ़ास्ट फ़ूड से पूरी तरह बचना चाहिए।
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