मानसून का मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है, जिनमें डायरिया सबसे प्रमुख है। बारिश के दौरान दूषित पानी और बाहर के खान-पान की वजह से पेट का संक्रमण फैलना बहुत सामान्य बात हो गई है। डायरिया के कारण शरीर में मौजूद पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होने लगते हैं, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को थकान, कमजोरी और डिहाइड्रेशन का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में, रिकवरी को तेज करने के लिए खान-पान का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। दिल्ली-एनसीआर की मशहूर क्लीनिकल डायटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट सोनिया नारंग का कहना है कि डायरिया के दौरान शरीर को हल्के और आसानी से पचने वाले आहार की जरूरत होती है, जो न केवल ऊर्जा दें बल्कि पाचन तंत्र को भी शांत रखने में सहायक हों।
क्या खाएं और पिएं
डायरिया के दौरान अपने आहार में उन चीजों को प्राथमिकता दें जो पेट पर दबाव न डालें। न्यूट्रिशनिस्ट ने रिकवरी में मदद करने वाले निम्नलिखित खाद्य पदार्थों के सुझाव दिए हैं:
- केला: डायरिया में केला सबसे उपयुक्त फलों में से एक माना जाता है। इसमें पेक्टिन और पोटैशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो ढीले मल को सामान्य करने और शरीर में कम हुए इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करने में काफी प्रभावी है।
- गाजर: सब्जियों में आप अच्छी तरह उबली या पकी हुई गाजर का सेवन कर सकते हैं। पकी हुई गाजर पचने में बेहद आसान होती है और इसमें मौजूद पोषक तत्व कमजोर शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और आंतों को आराम देते हैं।
- चावल: डायरिया होने पर भारी अनाज जैसे रोटी के बजाय सादे उबले हुए चावल खाना बेहतर रहता है। यह पाचन के लिए बहुत हल्का होता है। इसे आप दही या मूंग दाल के सूप के साथ ले सकते हैं, बशर्ते डॉक्टर ने ऐसा करने से मना न किया हो।
- नारियल पानी: डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नारियल पानी एक बेहतरीन विकल्प है। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और सोडियम तथा पोटैशियम जैसे जरूरी तत्वों की पूर्ति करता है, जो दस्त के दौरान शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
सावधानी और परहेज
बीमारी की स्थिति में सही परहेज करना भी इलाज का हिस्सा है। डायरिया के दौरान पर्याप्त मात्रा में ORS का घोल और पानी का सेवन निरंतर करते रहना चाहिए। इस अवधि में तले-भुने, मसालेदार और बाहर मिलने वाले जंक फूड से पूरी तरह परहेज बरतें। साथ ही, डायरिया में ड्राई फ्रूट्स खाने से भी बचना चाहिए क्योंकि ये पचने में बहुत भारी होते हैं और स्थिति को बिगाड़ सकते हैं। यदि आपके दस्त 2 से 3 दिनों से अधिक समय तक बने रहते हैं, तेज बुखार आता है, मल के साथ खून आता है या गंभीर डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई देते हैं, तो बिना देरी किए किसी योग्य डॉक्टर से संपर्क करना अनिवार्य है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य उद्देश्य के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आहार योजना को अपनाने या किसी विशेष बीमारी के उपचार के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव करने से पहले हमेशा किसी डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।











