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डेविड ब्रो की हत्या के बाद परिवार ने चुना माफी का रास्तास्वास्थ्य
2 जुल॰ 2026, 9:15 pm (26 दिन पहले)· 2

डेविड ब्रो की हत्या के बाद परिवार ने चुना माफी का रास्ता

डेविस, कैलिफोर्निया में करुणा का प्रतीक बन चुके डेविड ब्रो की चाकू मारकर हत्या के बाद उनके भाई-बहन ने उनकी आखिरी गुजारिश पूरी करने के लिए माफी को एक रोज़ का अभ्यास बनाया।

अप्रैल 2023 में डेविस, कैलिफोर्निया में 'द कम्पैशन गाय' यानी करुणा वाले शख्स के नाम से मशहूर डेविड ब्रो की उस वक्त चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जब वे शहर के सेंट्रल पार्क की एक बेंच पर सो रहे थे। इस हादसे ने उनके भाई-बहन के सामने एक ऐसी परीक्षा खड़ी कर दी, जिसे पार करना नामुमकिन सा लग रहा था, डेविड की उस पुरानी गुजारिश को निभाना जिसमें उन्होंने अपने हत्यारे को माफ करने की बात कही थी।

करुणा को समर्पित एक जिंदगी

डेविड को यह उपनाम यूं ही नहीं मिला था। पूरे 14 साल तक उन्होंने डेविस की सड़कों पर आने-जाने वाले अजनबियों से 'करुणा' शब्द की परिभाषा पूछी और उसे अपनी नोटबुक या वीडियो में दर्ज किया। इस सफर की शुरुआत 2009 में हुई, जब उन्हें एक निजी जागृति का अनुभव हुआ और उन्होंने अपनी लगभग सारी संपत्ति दूसरों को दान कर दी। उन्होंने एक अलग तरह की जिंदगी चुनी, बिना किसी स्थायी घर के, बिना किसी उम्मीद के हर दिन को जीना, और सादगी व न्यूनतमवाद को अपना उसूल बना लिया।

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जो इंसान एक दशक से भी ज्यादा समय तक शांति और करुणा का जीता-जागता उदाहरण रहा, उसकी मौत इतनी हिंसक तरीके से होना परिवार को एक क्रूर विडंबना जैसा लगा। डेविड के भाई-बहन ने इस सदमे को बेहद तकलीफदेह बताया। शोक के शुरुआती दिनों में ही उन्हें डेविड का भेजा एक पुराना संदेश याद आया, जो शायद डेविड ने इसलिए लिखा था क्योंकि वे डेविस में एक पहचाना हुआ चेहरा बनते जा रहे थे: 'अगर मुझे कभी नुकसान पहुंचे या मैं खुद बोलने की हालत में न रहूं, तो अपराधी को माफ कर देना और दूसरों को भी उसे माफ करने में मदद करना।'

हत्यारे से चंद गज दूर बैठे अदालत में

कुछ ही समय बाद डेविड के भाई-बहन खुद को एक अदालत के कमरे में उस युवक से महज कुछ गज की दूरी पर बैठा पाते हैं, जिस पर डेविड की जान लेने का आरोप था। सवाल यही था कि इतने करीब से, शोक की प्रक्रिया अभी बहुत गहरी होते हुए भी, डेविड की इच्छा को कैसे पूरा किया जाए।

जवाब यही निकला कि माफी को एक फैसला नहीं बल्कि एक रोज़ का अभ्यास मानना होगा, वह भी असल समय में। यह किसी और के दुख पर थोपा जाने वाला मानदंड नहीं हो सकता था, बल्कि सिर्फ खुद के लिए तय किया गया एक निजी रास्ता था।

दूसरों से माफी की सीख

इस अभ्यास को गढ़ने के लिए डेविड के भाई-बहन ने उन लोगों की कहानियां खंगालीं, जो इतनी ही भयानक त्रासदी से गुजरकर भी करुणा और दया तक पहुंचे। उन्होंने होलोकॉस्ट से बची ईवा कोर की कहानी पढ़ी, जिन्होंने अपने परिवार को मारने वालों को माफ कर दिया था। उन्होंने जैक कॉर्नफील्ड के 'माफी के 12 सिद्धांत' सुने और फ्रेड लस्किन की उस सीख को अपनाया, जिसमें कहा गया था कि माफी के लिए इंसानी जिंदगी में मौजूद कमजोरी के साथ सहज होना जरूरी है।

ये सारी सीखें धीरे-धीरे आत्मसात हुईं और अभ्यास में उतरीं, हालांकि शुरुआत में यह कहने से कहीं ज्यादा मुश्किल था। डेविड के अपने शब्दों के साथ-साथ यही सीखें एक ढांचा बन गईं। इसी दौरान डेविड के भाई-बहन को उस युवक के बारे में भी कई बातें पता चलीं जिस पर हत्या का आरोप था, और हैरानी की बात यह रही कि उनकी और उसकी जिंदगी में कई समानताएं निकल आईं।

हत्या के आरोपी में अपनी ही कहानी की झलक

यह सुनने में अजीब लग सकता है कि कोई अपने परिवार के किसी सदस्य की हत्या के आरोपी में साझा इंसानियत तलाशे। लेकिन मई और जून 2025 में चले मुकदमे के दौरान डेविड के भाई-बहन के साथ बिल्कुल यही हुआ। इस मामले में आरोपी का नाम कार्लोस रीयलेस डोमिंगेज़ है।

समानताएं एक के बाद एक सामने आती गईं। उनकी मां को सिजोफ्रेनिया था, और कार्लोस भी सिजोफ्रेनिया से पीड़ित निकला, हालांकि इससे पहले उसका कभी निदान नहीं हुआ था, यह बात मुकदमे के दौरान हुए एक मनोरोग परीक्षण में सामने आई। उनकी मां जमैका से थीं, तो कार्लोस अल साल्वाडोर से आया था। दोनों परिवारों की जड़ें प्रवासी थीं और दोनों ही खतरनाक मोहल्लों में निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों में पले-बढ़े। डेविड, कार्लोस और उनके भाई-बहन, तीनों ही अपने-अपने स्कूलों में मेधावी छात्र रहे। अपने-अपने तरीके से तीनों ही किसी न किसी संघर्ष से बचकर निकले थे। तीनों को कॉलेज में दाखिला मिला था, और कार्लोस व डेविड के भाई-बहन दोनों ही अपने परिवार में कॉलेज जाने वाली पहली पीढ़ी थे।

इतना कुछ पार करके आगे बढ़ने की इस समानता ने डेविड के भाई-बहन का कार्लोस को देखने का नजरिया बदल दिया। अब वे कार्लोस को सिर्फ अपने और डेविड के अनुभवों के आईने में ही नहीं, बल्कि अपने साथ पले-बढ़े उन तमाम बच्चों की नजर से भी देखने लगे, जिनकी जिंदगी में घरेलू हिंसा, यौन शोषण और भोजन की असुरक्षा जैसी दिक्कतें जमा होकर उन्हें बचपन के प्रतिकूल अनुभवों (एडवर्स चाइल्डहुड एक्सपीरियंसेज) की चपेट में ले आती हैं। शोध बताते हैं कि ऐसे अनुभव बड़े होने पर नकारात्मक नतीजों की आशंका को बढ़ा देते हैं।

खुला दिल रखने के लिए क्या करना पड़ा

ये मिलती-जुलती कहानियां सुनना गहराई से झकझोर देने वाला अनुभव था, लेकिन डेविड के भाई-बहन ने यह भी महसूस किया कि इन्हें सुनने भर के लिए दिल खुला रखना अपने आप में एक अभ्यास मांगता है। इसमें सक्रिय रूप से सुनना शामिल था, जो वैसे भी मुकदमे की गवाही और सबूतों की प्रक्रिया का हिस्सा होता है, साथ ही माइंडफुलनेस और लगातार आत्म-चिंतन भी। इन औजारों ने बिना जजमेंट के अपनी भावनाओं को पहचानने, अपने पूर्वाग्रहों को समझने, और सिर्फ गवाही ही नहीं बल्कि उसके पीछे छिपे व्यापक दुख को भी सुनने में मदद की।

इस पूरी प्रक्रिया ने शोक को कहीं से भी रोका नहीं, और यह मकसद भी कभी नहीं था। उनके थेरेपिस्ट ने तो यहां तक कहा कि शोक को इस तरह टाल देना खास तौर पर सेहतमंद तरीका नहीं होता। लेकिन इस अभ्यास ने उन्हें थोड़ा जल्दी उबरने, दर्द को थोड़ा कम महसूस करने और सहानुभूति कहीं ज्यादा महसूस करने में मदद जरूर की।

माफी आसान क्यों लगी, और यह किसी के लिए भी मुमकिन क्यों है

डेविड के भाई-बहन मानते हैं कि हर कोई किसी भी दर्दभरे हालात में अपनी पहचान, पूर्वाग्रह, तकलीफें, चाहतें और जरूरतें साथ लेकर चलता है। डेविड की साफ गुजारिश, 'अपराधी को माफ करना', माफी के अभ्यास को समझने में लगाई गई मेहनत, और अपनी मां के जरिए गंभीर मानसिक बीमारी को करीब से समझने के अनुभव ने शायद उनके लिए माफी की राह थोड़ी आसान बना दी, जितनी शायद किसी और के लिए न हो। फिर भी उनका मानना है कि पर्याप्त समय और स्पेस मिले तो कोई भी इंसान इसी तरह के खुलेपन और सहानुभूति तक पहुंच सकता है। यह रातोंरात नहीं होता, लेकिन उनका कहना है कि अगर कोई इसे ढूंढे, तो यह मुमकिन जरूर है।

मुकदमा जारी है, उपचार भी

कार्लोस रीयलेस डोमिंगेज़ पर चला पहला मुकदमा हंग जूरी की वजह से बिना नतीजे के खत्म हो गया, और अब उस पर दोबारा मुकदमा चल रहा है। डेविड के भाई-बहन कहते हैं कि वे अपनी शोक की प्रक्रिया में अब काफी आगे बढ़ चुके हैं और उन्होंने ऐसे ट्रांसफॉर्मेटिव जस्टिस संगठनों के साथ काम करना शुरू कर दिया है, जो अपराध करने वाले लोगों को भी एक निष्पक्ष मौका देने में यकीन रखते हैं। वे नागरिक अधिकार वकील ब्रायन स्टीवनसन की किताब 'जस्ट मर्सी' की एक पंक्ति का हवाला देते हैं: 'हम में से हर कोई अपने सबसे बुरे काम से कहीं बढ़कर है।'

वे खुद को अभी भी उबरते हुए, फिर भी एक अच्छी जगह पर बताते हैं, जहां वे जिंदगी का मकसद तलाश रहे हैं। इसके बावजूद, इस बार खुद की देखभाल के लिए वे इस दोबारा चल रहे मुकदमे से जान-बूझकर कुछ दूरी बनाए हुए हैं। नतीजा जो भी निकले, उनका कहना है कि वे इसे उन्हीं औजारों और साफ नजर वाली करुणा के साथ देखेंगे, जो उन्होंने इस पूरे सफर में सीखे और आत्मसात किए हैं।

सवाल-जवाब

डेविड ब्रो कौन थे?
वे डेविस, कैलिफोर्निया में 'द कम्पैशन गाय' के नाम से मशहूर थे, जिनकी अप्रैल 2023 में हत्या कर दी गई थी।
डेविड ब्रो की हत्या कैसे हुई?
अप्रैल 2023 में डेविस के सेंट्रल पार्क की एक बेंच पर सोते समय उन्हें चाकू मारकर मार डाला गया था।
उनकी हत्या का आरोपी कौन है?
कार्लोस रीयलेस डोमिंगेज़ पर डेविड की हत्या का आरोप है।
डेविड ने अपने संदेश में क्या लिखा था?
उन्होंने लिखा था कि अगर उन्हें कभी नुकसान पहुंचे तो अपराधी को माफ किया जाए और दूसरों को भी उसे माफ करने में मदद की जाए।
पहला मुकदमा किस नतीजे पर पहुंचा?
पहला मुकदमा हंग जूरी की वजह से बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया था।
अब मामले की क्या स्थिति है?
कार्लोस रीयलेस डोमिंगेज़ पर अब दोबारा मुकदमा चल रहा है।
डेविड के भाई-बहन को आरोपी में क्या समानताएं मिलीं?
दोनों की मां को सिजोफ्रेनिया था, दोनों परिवारों की जड़ें प्रवासी थीं (जमैका और अल साल्वाडोर), दोनों खतरनाक मोहल्लों में निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों में पले-बढ़े और दोनों अपने परिवार में कॉलेज जाने वाली पहली पीढ़ी थे।
माफी का अभ्यास करने में किन बातों से मदद मिली?
ईवा कोर, जैक कॉर्नफील्ड के 12 सिद्धांतों और फ्रेड लस्किन की सीखों के साथ-साथ सक्रिय रूप से सुनना, माइंडफुलनेस और आत्म-चिंतन जैसे अभ्यासों से मदद मिली।
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