फिटनेस वॉच खरीदने की प्रक्रिया में अक्सर डिस्प्ले तकनीक को लेकर बड़ी बहस देखने को मिलती है। आज के समय में लगभग सभी नई स्मार्टवॉच एमोलेड (AMOLED) स्क्रीन के साथ आती हैं, जो काफी चमकदार, रंगीन और आधुनिक होती हैं। इसके विपरीत, कई पुराने उपयोगकर्ता एमआईपी (MIP) या एलसीडी (LCD) आधारित स्क्रीन के दीवाने हैं। यदि आप अपनी अगली घड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन दोनों के बीच के तकनीकी अंतर और व्यावहारिक उपयोग को समझना जरूरी है।
एमआईपी और एमोलेड डिस्प्ले के बीच बुनियादी अंतर
एमोलेड डिस्प्ले में छोटे पिक्सल होते हैं जो खुद चमकते हैं। जब पिक्सल बंद होते हैं, तो वे काले रंग का अहसास कराते हैं। अधिकांश स्मार्टफोन में एमोलेड तकनीक का ही उपयोग होता है। ये डिस्प्ले काफी ब्राइट और स्पष्ट होते हैं, लेकिन बहुत तेज सीधी धूप में इनका प्रदर्शन थोड़ा फीका पड़ सकता है।
वहीं, एमआईपी (मेमोरी-इन-पिक्सल) डिस्प्ले खुद से नहीं चमकते। ये पुराने एलसीडी वॉच की तरह काम करते हैं और रोशनी को रिफ्लेक्ट करके दिखाई देते हैं। इसलिए, धूप में ये बेहद साफ नजर आते हैं, लेकिन अंधेरे में इन्हें देखने के लिए बैकलाइट की जरूरत होती है। एमोलेड के मुकाबले ये कम जीवंत होते हैं और इनका रिजोल्यूशन भी थोड़ा कम होता है।
किस वॉच में कौन सा डिस्प्ले मिलता है?
बाजार अब धीरे-धीरे पूरी तरह एमोलेड की ओर बढ़ चुका है। एप्पल वॉच, सैमसंग गैलेक्सी वॉच, पिक्सेल वॉच और फिटबिट चार्ज 5 और 6 जैसे सभी लोकप्रिय मॉडल एमोलेड का उपयोग करते हैं। गार्मिन (Garmin) के लेटेस्ट मॉडल जैसे फॉररनर (Forerunner) सीरीज के 165, 265, 170, 570 और 970 भी अब एमोलेड के साथ आते हैं।
एमआईपी स्क्रीन मुख्य रूप से उन मॉडल्स में मिलती है जो थोड़े पुराने हैं, जैसे गार्मिन फॉररनर 55, 255 और 955। गार्मिन की सोलर (Solar) चार्जिंग वाली घड़ियाँ अभी भी एमआईपी का ही उपयोग करती हैं, क्योंकि सोलर पैनल एमोलेड तकनीक के साथ पूरी तरह अनुकूल नहीं है।
एमआईपी का ऑलवेज-ऑन लाभ
एमआईपी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसका डिस्प्ले हमेशा चालू रहता है और इसके लिए बैटरी की अतिरिक्त खपत नहीं होती। आप कंप्यूटर पर काम करते समय बिना कोई बटन दबाए अपनी कलाई को थोड़ा घुमाकर समय देख सकते हैं। एमोलेड डिस्प्ले में ऑलवेज-ऑन मोड बैटरी की खपत बहुत बढ़ा देता है। यदि आप एमोलेड का उपयोग करते हैं, तो अक्सर बैटरी लाइफ 13 दिन से घटकर 5 दिन तक रह सकती है।
धूप और रोशनी में प्रदर्शन
सीधी तेज धूप में एमआईपी स्क्रीन काफी शानदार प्रदर्शन करती है और चमकती हुई दिखाई देती है। लेकिन जब आप छांव में जाते हैं, तो एमोलेड अधिक बेहतर और स्पष्ट नजर आता है। व्यावहारिक अनुभव यह बताता है कि एमोलेड घड़ियाँ धूप हो या छांव, हर स्थिति में अच्छी तरह से दिखाई देती हैं, जबकि एमआईपी को कभी-कभी सूरज की रोशनी के कोण के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है।
बैटरी लाइफ पर विचार
अक्सर यह माना जाता है कि एमआईपी स्क्रीन बैटरी के लिए अधिक कुशल है। हालांकि, आधुनिक वॉच में एमोलेड के साथ भी बैटरी लाइफ का संतुलन काफी अच्छा है। उदाहरण के लिए, गार्मिन फॉररनर 965 (एमोलेड) और 955 (एमआईपी) की बैटरी लाइफ समान है। स्मार्टवॉच मोड में 965 तो एमआईपी मॉडल से भी अधिक समय तक चलती है। यदि आप बैटरी को लेकर चिंतित हैं, तो केवल स्क्रीन के नाम पर फैसला न करें, बल्कि घड़ी की समग्र विशिष्टताओं (specs) की जांच करें।
सही चुनाव कैसे करें?
यदि आप हमेशा चालू (always-on) डिस्प्ले चाहते हैं और धूप में अधिक समय बिताते हैं, तो एमआईपी एक व्यावहारिक विकल्प है। वहीं, यदि आपको उच्च रिजोल्यूशन, ब्राइट रंग और आधुनिक शार्प डिस्प्ले पसंद है, तो एमोलेड सबसे अच्छा विकल्प है। यदि आप कोई पुरानी घड़ी कम बजट में खरीद रहे हैं और उसमें एमआईपी है, तो वह भी एक बेहतरीन निवेश साबित हो सकती है। अंततः, यदि आप इस उलझन में हैं कि क्या चुनें, तो आज के दौर में अधिकांश नई घड़ियाँ एमोलेड ही हैं और आप उसी के साथ सबसे अधिक संतुष्ट रहेंगे।











