चाय के कप के साथ कुछ चटपटा या कुछ मीठा खाने की आदत करीब हर भारतीय घर में देखने को मिलती है। सुबह हो या शाम, कई लोग बिना नमकीन या बिस्किट के चाय पीना अधूरा मानते हैं। लेकिन सेहत को लेकर जागरूक लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि इन दोनों में से कौन सा नाश्ता शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद है। इसका सीधा जवाब नहीं दिया जा सकता, क्योंकि यह पूरी तरह इस बात पर टिका है कि आप किस तरह का नमकीन या बिस्किट खा रहे हैं और कितनी मात्रा में खा रहे हैं।
बिस्किट हल्के लगते हैं, लेकिन अंदर की कहानी अलग है
बिस्किट हर घर में आसानी से मिल जाते हैं और चाय के साथ खाने में झंझट भी नहीं होता, इसलिए ज्यादातर लोग इन्हें ही चुनते हैं। कई लोगों की सोच है कि बिस्किट वजन के हिसाब से हल्के होते हैं तो सेहत के लिए भी हल्के यानी सुरक्षित होंगे। लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर सामान्य बिस्किटों में मैदा, चीनी, रिफाइंड तेल और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा काफी ज्यादा होती है। जो बिस्किट मीठे ज्यादा होते हैं, वे शरीर में तेजी से कैलोरी बढ़ा देते हैं, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है और ब्लड शुगर भी ऊपर-नीचे हो सकता है। खासतौर पर क्रीम बिस्किट या मीठी कुकीज़ को रोज-रोज खाने से शरीर को पोषण के नाम पर लगभग कुछ नहीं मिलता, बल्कि सिर्फ खाली कैलोरी ही मिलती है। हालांकि अगर मल्टीग्रेन, ओट्स या हाई-फाइबर वाले बिस्किट चुने जाएं, तो यह विकल्प इनसे कहीं बेहतर साबित हो सकता है।
नमकीन भी एक जैसे नहीं होते
भुना हुआ चना, मूंगफली, मखाना या बहुत कम तेल में बना मिश्रण खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पोषण के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है। इनमें प्रोटीन और फाइबर के साथ कुछ जरूरी पोषक तत्व भी मौजूद रहते हैं, जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। लेकिन बाजार में बिकने वाला ज्यादातर नमकीन डीप फ्राई करके बनाया जाता है, जिसमें नमक और तेल की मात्रा जरूरत से कहीं ज्यादा होती है। ज्यादा नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है, जबकि ज्यादा तेल शरीर में बिना वजह की एक्स्ट्रा कैलोरी जोड़ देता है। इसलिए रोजाना तला हुआ नमकीन ज्यादा मात्रा में खाना भी सेहत के लिए अच्छी आदत नहीं मानी जाती।
तुलना करें तो किसका पलड़ा भारी
अगर सीधी तुलना सामान्य मीठे बिस्किट और तेल में तले नमकीन के बीच की जाए, तो सच यह है कि दोनों में से कोई भी परफेक्ट चॉइस नहीं है। फिर भी सीमित मात्रा में लिया गया भुना नमकीन, चना, मूंगफली या मखाना सामान्य मीठे बिस्किट के मुकाबले ज्यादा संतुष्टि देने वाला और पोषण से भरा विकल्प हो सकता है। वजह यह है कि इनमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा भी कम होती है। दूसरी तरफ, अगर आपके पास मौजूद नमकीन बहुत ज्यादा तेल और नमक वाला है, तो ऐसी स्थिति में कम चीनी वाला और हाई-फाइबर बिस्किट बेहतर विकल्प बन सकता है।
एक्सपर्ट्स की सलाह, आदत बदलना जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि हर दिन चाय के साथ नमकीन या बिस्किट खाने की आदत की जगह कुछ ज्यादा पौष्टिक विकल्पों को अपनाना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। भुना चना, मूंगफली, मखाना या मल्टीग्रेन और हाई-फाइबर बिस्किट जैसे विकल्प न सिर्फ शरीर को ऊर्जा देते हैं, बल्कि जरूरी पोषण भी पहुंचाते हैं, जो सामान्य मीठे बिस्किट या तेल में तले नमकीन से नहीं मिल पाता। इसलिए अगली बार चाय का कप उठाने से पहले यह जरूर देख लें कि साथ में क्या खा रहे हैं और कितनी मात्रा में खा रहे हैं, क्योंकि सही मात्रा और सही चुनाव ही सेहत का असली राज है।











