हलीम के बीज को अक्सर महिलाओं की सेहत के लिए एक छोटा लेकिन दमदार सुपरफूड कहा जाता है, और गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वात्स्य ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में इसकी वजह विस्तार से समझाई है। सोशल मीडिया पर पोषण से जुड़ी जानकारी को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है, और इसी कड़ी में उन्होंने बताया कि यह छोटा सा बीज महिलाओं की सेहत के लिए किस तरह मददगार साबित हो सकता है। उनके मुताबिक 100 ग्राम हलीम के बीज में करीब 90 से 100 मिलीग्राम आयरन पाया जाता है, जो इसे पौधों से मिलने वाले आयरन के सबसे बेहतरीन स्रोतों में से एक बनाता है। यही वजह है कि यह शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ाता है और आयरन की कमी को दूर करने में मदद करता है, जो खासतौर पर महिलाओं में एक आम समस्या मानी जाती है।
महिलाओं में हीमोग्लोबिन बार-बार क्यों गिरता है?
डॉक्टर शुभम वात्स्य बताते हैं कि महिलाओं में सामान्य हीमोग्लोबिन का स्तर 12 से 15 ग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच होना चाहिए। लेकिन पीरियड्स के दौरान ज्यादा रक्तस्राव और प्रेग्नेंसी की वजह से यह स्तर अक्सर इस दायरे से नीचे चला जाता है। इससे शरीर में आयरन की मात्रा घटती है, थकान और कमजोरी जैसी दिक्कतें बढ़ती हैं और एनीमिया होने की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में हलीम के बीज का नियमित सेवन हीमोग्लोबिन को दोबारा सामान्य स्तर तक लाने में सहायक साबित हो सकता है।
पीरियड्स में आयरन की कमी की भरपाई कैसे होती है?
महिलाओं में वैसे भी हीमोग्लोबिन का स्तर आमतौर पर पुरुषों के मुकाबले कम रहता है, इसलिए आयरन की कमी की समस्या उनमें ज्यादा देखने को मिलती है। हलीम के बीज आयरन से भरपूर होते हैं और इनमें फोलिक एसिड भी पाया जाता है। ये दोनों तत्व मिलकर हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाते हैं और पीरियड्स के दौरान होने वाली आयरन की कमी की भरपाई करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर में कमजोरी महसूस होने की समस्या भी कम हो सकती है।
बालों के झड़ने पर भी दिखता है असर
शरीर में आयरन की कमी को बालों के झड़ने की एक बड़ी वजह माना जाता है, क्योंकि इससे बालों की जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता। डॉक्टर शुभम वात्स्य के अनुसार हलीम के बीज खाने से स्कैल्प तक ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और हेयर फॉल की समस्या धीरे-धीरे नियंत्रित हो सकती है।
कब्ज और हड्डियों के लिए भी फायदेमंद
हलीम के बीज में मौजूद फाइबर स्टूल मूवमेंट यानी मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाता है, जिससे कब्ज की शिकायत कम होती है और पेट भी साफ रहता है। इसके अलावा इन बीजों में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस भी पाया जाता है। ये तीनों मिनरल हड्डियों की डेंसिटी बेहतर करने के साथ-साथ मांसपेशियों को भी मजबूत बनाने में मदद करते हैं, जिसका फायदा लंबे समय में जोड़ों के दर्द जैसी दिक्कतों से बचने में भी मिल सकता है।
सेवन का सही तरीका क्या है?
डॉक्टर शुभम वात्स्य के मुताबिक हलीम के बीज का फायदा तभी पूरा मिलता है जब इसे सही तरीके से खाया जाए। इसके लिए हर रात सोने से पहले एक चम्मच हलीम के बीज को एक गिलास पानी में भिगोकर रख देना चाहिए। अगली सुबह उठते ही इस पानी को पी लेना चाहिए और भीगे हुए बीजों का भी सेवन करना चाहिए। ऐसा नियमित रूप से करने पर ही शरीर को इसके पूरे पोषक तत्व मिल पाते हैं और असर दिखने में समय भी कम लगता है।
किन महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए?
डॉक्टर शुभम वात्स्य ने यह भी साफ किया है कि हलीम के बीज हर किसी के लिए बिना सोचे-समझे सही नहीं हैं। अगर किसी महिला को किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है, वह गर्भवती है या उसे थायरॉइड से जुड़ी दिक्कत है, तो उसे हलीम के बीज का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके। कुल मिलाकर, हलीम के बीज को रोजाना की डाइट में शामिल करना एक आसान और किफायती तरीका हो सकता है, बशर्ते इसे सही मात्रा और सही तरीके से लिया जाए।











