बादाम को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है, जिसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन E और मैग्नीशियम जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं। नियमित रूप से बादाम का सेवन करने से शरीर को आवश्यक पोषण की प्राप्ति होती है और इन्हें एक बेहतरीन हेल्दी स्नैक के रूप में भी खाया जाता है। कई लोग अपनी दिनचर्या की शुरुआत सुबह खाली पेट भीगे हुए बादाम खाकर करते हैं। हालांकि, यह भी सच है कि किसी भी पौष्टिक चीज का अत्यधिक सेवन सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है, और यह नियम बादाम पर भी पूरी तरह लागू होता है।
रोजाना कितने बादाम खाना है सुरक्षित
विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति आम तौर पर रोजाना 20 से 30 ग्राम यानी लगभग 8 से 12 बादाम का सेवन कर सकता है। लगभग 28 ग्राम बादाम में करीब 160 से 170 कैलोरी पाई जाती हैं, इसलिए अपनी दैनिक आहार योजना में इन्हें शामिल करते समय कुल कैलोरी इंटेक का ध्यान रखना बेहद आवश्यक हो जाता है। बच्चों को बादाम उनकी उम्र और पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर ही देने चाहिए। छोटे बच्चों को कभी भी साबुत बादाम नहीं खिलाने चाहिए क्योंकि इससे उनके गले में बादाम अटकने का गंभीर खतरा रहता है। बच्चों के लिए बादाम को बारीक पीसकर या पाउडर के रूप में देना ज्यादा सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जाता है।
अधिक बादाम खाने के संभावित नुकसान
बादाम में कैलोरी और फैट की मात्रा काफी अधिक होती है, जिसके कारण यदि जरूरत से ज्यादा इनका सेवन किया जाए तो वजन तेजी से बढ़ सकता है। इसके अलावा, अत्यधिक मात्रा में बादाम खाने से पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है जिससे गैस, पेट फूलना, कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बादाम में ऑक्सलेट नामक तत्व पाया जाता है, इसलिए जिन लोगों को कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन की शिकायत है, उन्हें डॉक्टरों की सलाह के बाद ही इनका सेवन करना चाहिए। बादाम में मौजूद फाइटिक एसिड शरीर में आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स के अवशोषण की प्रक्रिया को कुछ हद तक बाधित कर सकता है। कुछ संवेदनशील लोगों में बादाम खाने के बाद त्वचा पर खुजली, सूजन या सांस लेने में तकलीफ जैसी एलर्जी के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, और ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।
बादाम खाने का सही तरीका और सावधानियां
बादाम का पूरा फायदा उठाने के लिए इन्हें रात के समय लगभग 6 से 8 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखना चाहिए और फिर अगले दिन खाना चाहिए। भीगने के बाद बादाम नरम हो जाते हैं जिससे इन्हें आसानी से चबाया जा सकता है। लोग चाहें तो इनका छिलका उतार सकते हैं, लेकिन बादाम के छिलके में भी प्रचुर मात्रा में फायदेमंद एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, इसलिए छिलका हटाना कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं है। बादाम को सुबह के वक्त या दोपहर के नाश्ते के दौरान अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसके अलावा, बादाम को हमेशा किसी ठंडी और सूखी जगह पर एयरटाइट डिब्बे के अंदर स्टोर करके रखना चाहिए ताकि वे लंबे समय तक ताजे बने रहें। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें और एक संतुलित आहार लें। यदि आपको पहले से ही किडनी स्टोन, नट्स से किसी भी प्रकार की एलर्जी या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो अपने लिए बादाम की उचित और सुरक्षित मात्रा तय करने के लिए किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से जरूर सलाह लें।























