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छत्तीसगढ़ में जंगली मशरूम खाने से दो परिवारों के 16 लोग बीमार, 13 अस्पताल में भर्तीस्वास्थ्य
7 जुल॰ 2026, 11:04 am (45 दिन पहले)· 2

छत्तीसगढ़ में जंगली मशरूम खाने से दो परिवारों के 16 लोग बीमार, 13 अस्पताल में भर्ती

कोंडागांव और बलरामपुर जिलों में जंगल से तोड़कर लाए गए देसी मशरूम की सब्जी खाने के बाद दो परिवारों के 16 लोग बीमार पड़ गए, जिनमें से 13 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

बारिश शुरू होते ही छत्तीसगढ़ के जंगलों और बाजारों में देसी मशरूम की मांग बढ़ जाती है, लेकिन सही पहचान न होने पर यही स्वाद की चीज जानलेवा बन सकती है। राज्य के कोंडागांव और बलरामपुर जिलों से फूड पॉइजनिंग की दो घटनाएं सामने आई हैं, जहां जंगल से तोड़कर लाए गए मशरूम खाने के बाद दो अलग-अलग परिवारों के कुल 16 लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। हालत बिगड़ने पर 13 लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। स्थानीय भाषा में इस जंगली मशरूम को 'फुटू' कहा जाता है।

कोंडागांव के पलारी गांव में देवांगन परिवार बीमार

यह पहला मामला कोंडागांव जिले के पलारी गांव का है। यहां रहने वाले देवांगन परिवार के कुछ सदस्य रविवार को पास के जंगल से देसी मशरूम तोड़कर घर लाए थे। रात के खाने में इसी मशरूम की सब्जी बनाई गई और परिवार के 8 सदस्यों ने साथ बैठकर इसे खाया। खाना खाने के बाद सब लोग सोने चले गए, लेकिन रात करीब 2 बजे अचानक सभी के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। इसके तुरंत बाद उल्टी और दस्त की शिकायत भी शुरू हो गई। परिवार की हालत तेजी से बिगड़ती देख पड़ोसी मदद के लिए आगे आए और देर रात ही एक निजी गाड़ी का इंतजाम कर सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बीमार पड़ने वालों में 2 बच्चे, 3 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल थे।

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डॉक्टरों के मुताबिक इनमें से 5 मरीजों पर जहर का असर सबसे ज्यादा था, इसलिए उन्हें स्पेशल वॉर्ड में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है, जबकि बाकी 3 लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

बलरामपुर के स्याही गांव में भी परिवार की तबीयत बिगड़ी

दूसरी घटना बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र के स्याही गांव में सामने आई। यहां भी एक परिवार जंगली मशरूम की सब्जी खाने के बाद फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गया। इस परिवार के 3 बच्चों समेत कुल 8 सदस्य बीमार पड़ गए। पेट दर्द और उल्टी की शिकायत बढ़ने पर सभी को तुरंत वाड्रफनगर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों ही मामलों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने की वजह से उनकी जान बच सकी, वरना यह जहर बेहद खतरनाक साबित हो सकता था।

कैसे पहचानें जहरीला मशरूम, एक्सपर्ट ने बताए संकेत

मशरूम विशेषज्ञ और कृषि वैज्ञानिक डॉ एके सिंह के मुताबिक, बारिश के मौसम में जंगलों में उगने वाले कई जहरीले मशरूम दिखने में बिल्कुल आम खाने योग्य मशरूम जैसे ही लगते हैं, यही वजह है कि लोग इन्हें पहचान न पाने के कारण खा लेते हैं और बीमार पड़ जाते हैं। डॉ सिंह ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई मशरूम बहुत ज्यादा चमकीला, रंग-बिरंगा या चिपचिपा और लसलसा दिखाई दे, तो उसे भूलकर भी न खाएं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोग मशरूम को शराब के साथ चखने के तौर पर खाते हैं, जो सबसे ज्यादा खतरनाक आदत है, क्योंकि इससे मशरूम का जहर सीधे खून में मिलकर पूरे शरीर में तेजी से फैल जाता है। इसके अलावा मशरूम की पहचान का एक और आसान तरीका बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर मशरूम को काटकर उबाला जाए और इस दौरान बर्तन का रंग काला पड़ जाए या उसमें से अजीब तरह का झाग निकलने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि वह मशरूम जहरीला है और उसे खाना खतरे से खाली नहीं है।

सवाल-जवाब

छत्तीसगढ़ में मशरूम खाने से फूड पॉइजनिंग की घटनाएं कहां-कहां हुईं?
यह घटनाएं कोंडागांव जिले के पलारी गांव और बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र के स्याही गांव में हुईं।
कुल कितने लोग बीमार पड़े और कितने अस्पताल में भर्ती हुए?
दोनों परिवारों के कुल 16 लोग बीमार पड़े, जिनमें से 13 लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
लोग बीमार क्यों पड़े?
जंगल से तोड़कर लाए गए देसी मशरूम, जिसे स्थानीय भाषा में 'फुटू' कहा जाता है, की सब्जी खाने के बाद लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई।
कोंडागांव के मामले में मरीजों की क्या स्थिति है?
डॉक्टरों के मुताबिक 5 मरीजों पर जहर का असर ज्यादा था, इसलिए उन्हें स्पेशल वॉर्ड में रखा गया है, जबकि 3 लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
बलरामपुर के मामले में कितने लोग बीमार पड़े?
बलरामपुर जिले के स्याही गांव में 3 बच्चों समेत कुल 8 लोग बीमार पड़े और उन्हें वाड्रफनगर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जहरीले मशरूम की पहचान कैसे करें?
एक्सपर्ट डॉ एके सिंह के मुताबिक अगर मशरूम बहुत चमकीला, रंगीन या लसलसा दिखे, या उबालने पर बर्तन काला पड़ जाए या झाग निकले, तो उसे जहरीला समझकर न खाएं।
मशरूम खाने का सबसे खतरनाक तरीका कौन सा बताया गया है?
डॉ एके सिंह के मुताबिक मशरूम को शराब के साथ चखने के तौर पर खाना सबसे खतरनाक है, क्योंकि इससे जहर सीधे खून में मिलकर तेजी से फैल जाता है।
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