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बार-बार दांतों में झनझनाहट होती है? जानें इसकी असली वजह और डेंटिस्ट की सलाहस्वास्थ्य
7 जुल॰ 2026, 10:21 am (45 दिन पहले)· 3

बार-बार दांतों में झनझनाहट होती है? जानें इसकी असली वजह और डेंटिस्ट की सलाह

ठंडा या गर्म पीते ही दांतों में झनझनाहट होना डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी का संकेत हो सकता है। बेगूसराय के प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार ने बताया कि टूथपेस्ट से आराम न मिले तो तुरंत दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।

ठंडा पानी पीते ही या गर्म चाय की पहली घूंट लेते ही अगर आपके दांतों में अचानक बिजली जैसी झनझनाहट दौड़ जाती है, तो इसे मामूली समझकर टालना भारी पड़ सकता है। बेगूसराय के प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार का कहना है कि यह लक्षण अक्सर दांतों की एक गंभीर समस्या की तरफ इशारा करता है, जिसे समय रहते पहचानना जरूरी है।

इसे कहते हैं डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी

डॉ. अमित कुमार के मुताबिक इस समस्या का मेडिकल नाम डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी है। उन्होंने बताया कि जब किसी व्यक्ति के दांत में लंबे समय से डेंटल कैरीज यानी सड़न मौजूद हो और उसका इलाज समय पर न कराया जाए, तो यह सड़न धीरे-धीरे गहरी होती चली जाती है। एक समय के बाद यह सड़न दांत की नस के बेहद करीब पहुंच जाती है, और यहीं से असली परेशानी शुरू होती है।

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ठंडा-गर्म पीते ही सीधा असर नस पर

प्रोफेसर के अनुसार जब सड़न नस के नजदीक पहुंच चुकी होती है, तो ठंडा या गर्म पानी पीते ही उसका तापमान सीधे नस तक पहुंच जाता है। यही वजह है कि दांतों में तेज सेंसिटिविटी और कनकनाहट महसूस होती है। यह दर्द अक्सर इतना तेज होता है कि व्यक्ति को पानी पीना या खाना खाना तक मुश्किल लगने लगता है।

पहला कदम, एंटी-सेंसिटिविटी टूथपेस्ट का इस्तेमाल

डॉ. अमित कुमार बताते हैं कि इस समस्या के शुरुआती इलाज में सबसे पहले मरीज को एंटी-सेंसिटिविटी टूथपेस्ट इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। उनका कहना है कि कई मामलों में सिर्फ इतना करने और उसे नियमित रूप से इस्तेमाल करने से ही राहत मिल जाती है। हालांकि अगर इससे भी आराम न मिले, तो देर किए बिना नजदीकी दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि दांत में लंबे समय से सड़न तो नहीं है या कोई और वजह तो नहीं छिपी है।

गलत तरीके से ब्रश करना भी बन सकता है वजह

डॉक्टर ने यह भी बताया कि दांतों की सेंसिटिविटी सिर्फ सड़न से ही नहीं होती। कई बार गलत तरीके से ब्रश करने की आदत भी इसकी बड़ी वजह बनती है। फॉल्टी ब्रशिंग टेक्निक की वजह से दांत की ऊपरी डेंटिन परत धीरे-धीरे घिसने लगती है, जिससे दांत संवेदनशील हो जाते हैं और ठंडा-गर्म खाने-पीने पर कनकनाहट होने लगती है।

आखिरी स्टेज में दंत चिकित्सक से मिलना जरूरी

प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार की सलाह है कि अगर घरेलू उपायों और टूथपेस्ट से भी राहत न मिले, तो आखिरी स्टेज में बिना देर किए अपने नजदीकी दंत चिकित्सक के पास जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दंत चिकित्सक सिर्फ निजी क्लीनिक में ही नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों में भी मौजूद रहते हैं, इसलिए इलाज कराने में पैसों की वजह से देरी करने की जरूरत नहीं है।

सवाल-जवाब

ठंडा या गर्म पीते ही दांतों में झनझनाहट होने की मेडिकल वजह क्या कहलाती है?
इसे डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी कहा जाता है।
यह समस्या होती क्यों है?
लंबे समय से इलाज न कराई गई दांत की सड़न धीरे-धीरे नस के करीब पहुंच जाती है, जिससे ठंडा-गर्म पीते ही तेज कनकनाहट महसूस होती है।
इस समस्या का पहला इलाज क्या है?
डॉ. अमित कुमार के मुताबिक सबसे पहले एंटी-सेंसिटिविटी टूथपेस्ट के नियमित इस्तेमाल की सलाह दी जाती है।
टूथपेस्ट से राहत न मिले तो क्या करना चाहिए?
बिना देर किए नजदीकी दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
क्या गलत तरीके से ब्रश करना भी इसकी वजह हो सकता है?
हां, फॉल्टी ब्रशिंग टेक्निक से दांत की डेंटिन परत घिसने लगती है, जिससे दांत संवेदनशील हो जाते हैं।
क्या इसका इलाज सरकारी अस्पतालों में भी मिलता है?
हां, डॉ. अमित कुमार ने बताया कि दंत चिकित्सक निजी क्लीनिक के अलावा सरकारी अस्पतालों में भी मौजूद रहते हैं।
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