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कैंसर और अल्जाइमर में भी कारगर, पूसा के वैज्ञानिकों ने खोले मशरूम की 3 किस्मों के राज़स्वास्थ्य
6 जुल॰ 2026, 11:08 pm (45 दिन पहले)· 2

कैंसर और अल्जाइमर में भी कारगर, पूसा के वैज्ञानिकों ने खोले मशरूम की 3 किस्मों के राज़

समस्तीपुर के पूसा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. दया राम सिंह ने बताया कि मशरूम की तीन किस्में होती हैं और सिटाके, किंग ऑयस्टर जैसे औषधीय मशरूम कैंसर, अल्जाइमर और ट्यूमर जैसी बीमारियों में फायदेमंद पाए गए हैं।

बिहार में मशरूम अब सिर्फ सब्जी की थाली तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि आने वाले समय में यह दवा बनाने के काम भी आएगा। समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मशरूम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दया राम सिंह ने इसकी अलग-अलग किस्मों और उनके इस्तेमाल को लेकर अहम जानकारी दी है।

जापान और फ्रांस में पहले से चलन में

डॉ. सिंह के मुताबिक जापान और फ्रांस जैसे देशों में मशरूम से बनी दवाइयों का इस्तेमाल लंबे समय से हो रहा है। भारत में भी कुछ कंपनियों ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। बिहार की जलवायु भी मशरूम की खेती के लिए मुफीद मानी जाती है। इसकी एक बड़ी खासियत यह है कि इसे सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे इसका इस्तेमाल और आसान हो जाता है।

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मशरूम की तीन किस्में, पहचान क्यों जरूरी

वैज्ञानिक डॉ. दया राम सिंह के अनुसार मशरूम मुख्य रूप से तीन तरह के होते हैं। पहली किस्म सामान्य खाद्य मशरूम की है, जिसे लोग रोजमर्रा में सब्जी और दूसरे खाने-पीने की चीजों में इस्तेमाल करते हैं। दूसरी किस्म ऐसी होती है जो खाने लायक नहीं होती और कई बार सेहत के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती है। तीसरी किस्म मेडिसिनल यानी औषधीय मशरूम की है, जिसे सेहत के लिहाज से बेहद फायदेमंद माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन तीनों किस्मों को सही तरीके से पहचानना और उनके इस्तेमाल को समझना बेहद जरूरी है, वरना गलत मशरूम खाने से नुकसान हो सकता है।

सिटाके और किंग ऑयस्टर जैसे मशरूम से मिलेगा फायदा

डॉ. दया राम सिंह ने बताया कि सिटाके और किंग ऑयस्टर जैसे औषधीय मशरूम कई गंभीर बीमारियों में लाभकारी माने जाते हैं। इनके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कैंसर, अल्जाइमर और ट्यूमर जैसी गंभीर समस्याओं में भी यह मशरूम फायदेमंद पाए गए हैं।

सवाल-जवाब

यह जानकारी किसने दी है?
समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मशरूम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दया राम सिंह ने यह जानकारी दी है।
मशरूम कितने प्रकार के होते हैं?
वैज्ञानिकों के अनुसार मशरूम मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं, सामान्य खाद्य मशरूम, न खाने योग्य मशरूम और औषधीय मशरूम।
कौन से मशरूम औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं?
सिटाके और किंग ऑयस्टर जैसे मशरूम औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं।
औषधीय मशरूम किन बीमारियों में फायदेमंद पाए गए हैं?
कैंसर, अल्जाइमर और ट्यूमर जैसी बीमारियों में यह फायदेमंद पाए गए हैं।
कौन से देश पहले से मशरूम आधारित दवाइयों का इस्तेमाल कर रहे हैं?
जापान और फ्रांस जैसे देशों में मशरूम आधारित दवाइयों का इस्तेमाल पहले से हो रहा है।
बिहार मशरूम की खेती के लिए क्यों अनुकूल माना जाता है?
बिहार का वातावरण मशरूम की खेती के लिए अनुकूल बताया गया है और इसे सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है।
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