बाजार में मिलने वाली एक साधारण सी दिखने वाली सब्जी जिमीकंद, जिसे कई इलाकों में सूरन या हाथी पांव कंद भी कहा जाता है, पोषण के मामले में किसी सुपरफूड से कम नहीं है। कभी इसे सिर्फ गांव या जंगल में मिलने वाली मामूली सब्जी माना जाता था, लेकिन अब यह भारत के साथ साथ दुनिया के कई देशों की थाली में जगह बना चुकी है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसमें मौजूद पोषक तत्वों की भरमार, फाइबर, विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन बी1, फोलेट, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और फास्फोरस जैसे तत्व इसे संतुलित भोजन का एक अहम हिस्सा बनाते हैं। आयुर्वेद में भी सदियों से जिमीकंद का इस्तेमाल होता आया है, और सही मात्रा में तथा सही तरीके से पकाकर खाया जाए तो यह शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचा सकता है।
दिमाग की सेहत में मिल सकता है सहारा
जिमीकंद में मौजूद मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक और अन्य मिनरल सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि मस्तिष्क के लिए भी जरूरी माने जाते हैं। जब इसे संतुलित आहार के हिस्से के तौर पर खाया जाता है, तो यह ध्यान लगाने, याददाश्त बनाए रखने और मानसिक ऊर्जा को सहारा देने में मदद कर सकता है। हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि सिर्फ जिमीकंद खा लेने से दिमाग तेज हो जाएगा, लेकिन स्वस्थ भोजन की थाली का हिस्सा बनने पर यह शरीर को जरूरी पोषण जरूर मुहैया कराता है।
पाचन तंत्र को मिलती है राहत
जिमीकंद में अच्छी खासी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह फाइबर भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है और कब्ज जैसी आम परेशानी का खतरा घटा सकता है। जिन लोगों को अक्सर पेट भारी लगने या पाचन से जुड़ी सामान्य दिक्कतें रहती हैं, उनके लिए संतुलित मात्रा में जिमीकंद खाना फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे अच्छी तरह पकाकर खाने से यह पेट पर हल्का असर डालता है और आंतों के सामान्य कामकाज को भी सहारा देता है।
वजन घटाने की कोशिश में भी काम आ सकता है
अगर आप वजन कम करने की कोशिश में जुटे हैं तो जिमीकंद को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होने की वजह से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार बार भूख लगने की समस्या कम हो जाती है। इसके अलावा संतुलित भोजन का हिस्सा बनकर यह ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स खाने की आदत को भी कम करने में मददगार हो सकता है। बहरहाल, वजन घटाने के लिए सिर्फ किसी एक चीज पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार के साथ साथ नियमित व्यायाम भी उतना ही जरूरी है।
दिल की सेहत और कोलेस्ट्रॉल पर असर
कुछ शोध बताते हैं कि फाइबर से भरपूर भोजन खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मददगार हो सकता है। जिमीकंद में मौजूद फाइबर इसी वजह से दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है। अगर इसे कम तेल में और संतुलित मात्रा में पकाया जाए तो यह हेल्दी भोजन का एक अच्छा हिस्सा बन सकता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हुए इसका नियमित सेवन दिल की सेहत बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को मिलती है मजबूती
जिमीकंद में विटामिन सी अच्छी खासी मात्रा में मौजूद होता है, और विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करता है और कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में भी योगदान देता है। खासकर मौसम बदलने के दौरान संतुलित आहार में जिमीकंद को शामिल करना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।
हार्मोन संतुलन में भी सहायक
जिमीकंद में विटामिन बी6 समेत कई और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित भोजन का हिस्सा बनने पर यह शरीर के सामान्य हार्मोन संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पौष्टिक भोजन महिलाओं की सेहत के लिए खासतौर पर महत्वपूर्ण होता है, और जिमीकंद भी ऐसी ही पोषण देने वाली सब्जियों में गिना जाता है। हालांकि किसी भी हार्मोन संबंधी बीमारी का इलाज सिर्फ भोजन के जरिए संभव नहीं है, इसलिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
जिमीकंद को हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए। कच्चा या अधपका जिमीकंद कुछ लोगों में गले या त्वचा में जलन पैदा कर सकता है। इसे पकाने से पहले अच्छी तरह साफ करें और जरूरत के मुताबिक उबालकर या मसालों के साथ अच्छी तरह पकाएं। जिन लोगों को किसी खास खाद्य पदार्थ से एलर्जी है या पहले से कोई गंभीर बीमारी है, उन्हें इसे नियमित रूप से खाने से पहले अपने डॉक्टर या डाइट विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
कुल मिलाकर जिमीकंद एक सस्ती, आसानी से मिलने वाली और पोषण से भरपूर देसी सब्जी है। इसमें मौजूद फाइबर, विटामिन और मिनरल शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करते हैं। अगर इसे संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ शामिल किया जाए तो यह पाचन, वजन नियंत्रण, रोग प्रतिरोधक क्षमता और शरीर के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है। इसलिए अगली बार जब भी बाजार जाएं, इस देसी सब्जी को अपनी थाली में जरूर जगह दें।











