थायराइड आज एक आम परेशानी बन चुकी है और यह पुरुष तथा महिला, दोनों को अपनी चपेट में लेती है। फर्क सिर्फ इतना है कि महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित होती हैं। शरीर में पोषक तत्वों की कमी और हार्मोनल इम्बैलेंस मिलकर इस दिक्कत को और बढ़ा देते हैं। अच्छी बात यह है कि घर पर रहकर ही, सही डाइट और रोजाना की शारीरिक क्रियाओं के सहारे इसके प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है।
घरेलू इलाज नहीं, लेकिन असर पर लगाम मुमकिन
मंडलीय अस्पताल की डाइटीशियन डॉ. ज्योति सिंह ने TrendKia को बताया कि थायराइड को पूरी तरह खत्म करने वाला कोई घरेलू उपाय मौजूद नहीं है, मगर इसके प्रभाव को जरूर कम किया जा सकता है। इसके लिए शरीर और डाइट, दोनों पर बराबर ध्यान देना जरूरी है। वे बताती हैं कि लोगों के बीच कई भ्रांतियां फैली हुई हैं, जैसे यह कि पत्ता गोभी या सोयाबीन खाने से थायराइड बढ़ जाता है। हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। हां, इन्हें दवा के साथ लेने पर थोड़ी दिक्कत जरूर महसूस हो सकती है।
कौन से खाद्य पदार्थ हैं फायदेमंद
डॉ. ज्योति सिंह के मुताबिक सोयाबीन जैसी चीजों को 8 घंटे भिगोकर और फिर पकाकर खाना सबसे उत्तम रहता है। इसके अलावा ब्राजील नट को भी डाइट में शामिल किया जा सकता है, जिसमें सेलेनियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है। यह थायराइड के असर को घटाने में बेहद कारगर है और हार्मोन्स को भी सक्रिय करता है। हालांकि इसकी एक दिक्कत है कि यह महंगा पड़ता है।
अगर ब्राजील नट उपलब्ध न हो तो उसकी जगह तीसी का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे शरीर को ओमेगा 3 मिलता है। इसी तरह नारियल का उपयोग भी बहुत लाभदायक माना गया है। डॉ. ज्योति सिंह सलाह देती हैं कि ताजे नारियल को ही चुनें और रोजाना उसका करीब दो इंच का टुकड़ा खाएं। इससे भी ओमेगा 3 मिलता है और शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है।
शारीरिक सक्रियता और खान-पान पर ध्यान जरूरी
डॉ. ज्योति सिंह दोहराती हैं कि थायराइड महिला और पुरुष, दोनों में होता है, लेकिन महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित रहती हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि महिलाओं में हार्मोन्स से जुड़ी समस्याएं अधिक होती हैं, इसलिए उन्हें खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है।
थायराइड से बचाव के लिए सिर्फ डाइट ही नहीं, बल्कि शारीरिक क्रिया पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए। डॉ. ज्योति सिंह के अनुसार रोजमर्रा के खाने में ताजे फल, प्रोटीन, भरपूर पानी और फाइबर की मात्रा अधिक रखनी चाहिए। उनका कहना है कि जब शरीर से जुड़ी सारी चीजें हेल्दी बनी रहती हैं, तो हार्मोन्स से जुड़ी दिक्कतें भी पैदा नहीं होतीं।













