शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना आजकल एक आम सेहत की समस्या बनती जा रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह हमारा गलत खान-पान और बिगड़ती लाइफस्टाइल है। यूरिक एसिड असल में शरीर में बनने वाला एक वेस्ट प्रोडक्ट है, जो सामान्य मात्रा में हो तो शरीर के लिए नुकसानदेह नहीं है, लेकिन जब यह तय सीमा से ज्यादा बढ़ जाए तो जोड़ों में दर्द, सूजन और गाउट जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है। डॉक्टर्स के मुताबिक सही दवाओं के साथ-साथ डाइट में थोड़ा बदलाव करके भी इस समस्या को काफी हद तक काबू में रखा जा सकता है।
प्यूरीन के टूटने से बनता है यूरिक एसिड
नोएडा स्थित डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के मुताबिक यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन नाम के तत्व के टूटने से बनता है, जो कई खाने-पीने की चीजों में मौजूद होता है। सामान्य स्थिति में यह किडनी के जरिए पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है। दिक्कत तब शुरू होती है जब शरीर में यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगता है या किडनी इसे ठीक तरह से बाहर नहीं निकाल पाती। ऐसे में यह खून में जमा होने लगता है और धीरे-धीरे तकलीफ बढ़ाने लगता है।
ये लक्षण दिखें तो न करें नजरअंदाज
यूरिक एसिड बढ़ने पर सबसे पहले जोड़ों में तेज दर्द महसूस होता है, इसके साथ जोड़ों में जकड़न आ जाती है और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है। बार-बार दर्द का लौटना और कभी-कभी बुखार जैसा महसूस होना भी इसके लक्षण हैं। कामिनी सिन्हा के मुताबिक इन संकेतों को हल्के में लेने की बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए, क्योंकि इस समस्या को लंबे समय तक अनदेखा करना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
पानी, फाइबर और एक्सरसाइज पर भी दें ध्यान
डाइटिशियन के मुताबिक यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखने के लिए प्यूरीन से भरपूर चीजों से दूरी बनाना सबसे जरूरी कदम है। इसके अलावा शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। लो-प्यूरीन डाइट अपनाना, हरी सब्जियां और फाइबर से भरपूर चीजें खाना, रोजाना कसरत करना और वजन को कंट्रोल में रखना भी इस समस्या से निपटने में मददगार साबित होता है।
1. रेड मीट और ऑर्गन मीट से बनाएं दूरी
बीफ, मटन जैसे रेड मीट और ऑर्गन मीट में प्यूरीन की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इन्हें खाने से शरीर में यूरिक एसिड तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए जिन लोगों को पहले से यूरिक एसिड की शिकायत है, उन्हें इनका सेवन सीमित करना या पूरी तरह बंद करना बेहतर माना जाता है।
2. शराब यूरिक एसिड निकलने की रफ्तार धीमी करती है
शराब यूरिक एसिड का स्तर बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है, क्योंकि यह शरीर की यूरिक एसिड बाहर निकालने की क्षमता को कमजोर कर देती है। बीयर और दूसरी अल्कोहलिक ड्रिंक्स गाउट का खतरा और बढ़ा सकती हैं, यही वजह है कि डॉक्टर इसे पूरी तरह अवॉइड करने की सलाह देते हैं।
3. मीठी और शुगरी ड्रिंक्स से भी परहेज जरूरी
सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैक्ड जूस और हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप वाली ड्रिंक्स भी यूरिक एसिड बढ़ाने में योगदान देती हैं। ये सिर्फ वजन ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करती हैं, जिससे यूरिक एसिड का स्तर असंतुलित हो सकता है।













