आज के दौर में गलत खान-पान और अव्यवस्थित जीवनशैली के कारण यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या काफी आम हो गई है। जब शरीर में इसका स्तर ऊपर जाता है, तो जोड़ों में असहनीय दर्द, सूजन और पैर के अंगूठे में तेज तकलीफ जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं, जिससे रोजमर्रा का चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में अपने आहार पर सख्त नियंत्रण रखना अनिवार्य हो जाता है। यद्यपि दालें प्रोटीन की बेहतरीन स्रोत मानी जाती हैं, लेकिन हर तरह की दाल हर किसी के स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं होती। यदि आपका यूरिक एसिड स्तर बढ़ा हुआ है, तो यह समझना बहुत आवश्यक है कि किस प्रकार की दाल का चयन करना चाहिए और कहां सावधानी बरतनी है।
कौन सी दालें हैं बेहतर विकल्प
विशेषज्ञों के अनुसार, मूंग दाल को सबसे सुपाच्य दालों की श्रेणी में रखा गया है। इसमें प्यूरीन की मात्रा अन्य विकल्पों की तुलना में काफी कम होती है, इसलिए सीमित मात्रा में इसका सेवन एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जाता है। वहीं, मसूर दाल की बात करें तो इसमें आयरन और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। यदि आपका यूरिक एसिड स्तर नियंत्रण में है, तो आप अपने डॉक्टर या किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ के परामर्श से सीमित मात्रा में मसूर दाल का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा, धुली उड़द या कई दालों के मिश्रण (मिक्स दाल) का सेवन भी कभी-कभी किया जा सकता है, लेकिन इनकी मात्रा पर नजर रखना अनिवार्य है।
किन चीजों से करना है परहेज
अगर आपका यूरिक एसिड का स्तर काफी अधिक है या आपको अक्सर गाउट के दर्द का सामना करना पड़ता है, तो आपको कुछ खास फलियों के सेवन में कटौती करनी चाहिए। चना दाल, काबुली चना, राजमा, लोबिया और साबुत उड़द दाल का सेवन बहुत ही कम मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इनमें यूरिक एसिड बढ़ाने वाले तत्व अधिक हो सकते हैं।
क्या दालों को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए
दालें फाइबर, प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्वों का भंडार होती हैं। अधिकांश लोगों के लिए इन्हें अपनी डाइट से पूरी तरह बाहर निकाल देने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, यदि आप यूरिक एसिड या गाउट की समस्या से जूझ रहे हैं, तो सबसे उचित यही है कि किसी पंजीकृत डायटीशियन या डॉक्टर की सलाह लें। उनके मार्गदर्शन में ही दालों की सही मात्रा और प्रकार का चयन करें। संतुलित आहार के साथ-साथ भरपूर पानी पीना और एक सक्रिय जीवनशैली बनाए रखना यूरिक एसिड के स्तर को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में काफी मददगार साबित हो सकता है।













