पड़ोसी राज्यों से छुट्टियां बिताने पहाड़ों का रुख करने वाले पर्यटकों की भारी तादाद ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। वीकेंड के लंबे अवकाश के अवसर पर परिवार सहित पहुंचे सैलानियों की वजह से शहर के प्रमुख रास्तों पर दिनभर वाहनों का भारी दबाव बना रहा। छोटा शिमला, संजौली, लक्कड़ बाजार और भट्टाकुफर की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि सर्कुलर रोड पर दिनभर गाड़ियां बेहद धीमी गति से रेंगती नजर आईं। पहले से व्यस्त रहने वाली इन पहाड़ी सड़कों पर अचानक बढ़ी गाड़ियों की संख्या से स्थानीय निवासियों के साथ साथ घूमने आए यात्रियों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग ने बढ़ाई आफत
राजधानी के भीतरी और बाहरी मार्गों पर बने इस गंभीर जाम के पीछे केवल सैलानियों की आमद ही एकमात्र कारण नहीं रही। सड़कों के दोनों किनारों पर अव्यवस्थित ढंग से खड़े किए गए वाहनों ने पहले से संकरे रास्तों को और ज्यादा तंग कर दिया। इस अनधिकृत पार्किंग की वजह से बड़े टूरिस्ट वाहनों और बसों को मोड़ों से गुजरने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। शिमला बाईपास पर भी बड़े वाहनों की आवाजाही घंटों बाधित रही। तीखे मोड़ों और तंग हिस्सों में सड़क किनारे खड़े वाहनों के चलते रुकावट इतनी बढ़ गई कि सामान्य यातायात ठप हो गया। वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट कहना था कि यदि प्रशासन सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों को समय रहते हटवा देता, तो सड़कों पर स्थिति इतनी विकट नहीं होती।
प्रवेश द्वार परवाणू टोल प्लाजा पर 2 किलोमीटर लंबी लाइन
पहाड़ों पर ट्रैफिक का यह संकट केवल शिमला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य के मुख्य प्रवेश द्वार परवाणू में भी शुक्रवार की सुबह से ही विकट स्थिति बन गई। परवाणू स्थित टोल प्लाजा के समीप लगभग 2 किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतार लग गई, जो दोपहर बाद करीब 4 बजे तक लगातार खिंचती रही। इस भारी जाम में स्थानीय लोग और सैलानी दोनों ही फंसे रहे। धूप और घंटों तक वाहनों के स्टार्ट रहने के कारण कई गाड़ियों के इंजन अधिक गर्म होकर बंद पड़ने की शिकायतें भी सामने आईं। टोल प्लाजा पर वाहनों की निकासी के लिए पांच एंट्री लेन मौजूद होने के बावजूद अचानक उमड़े वाहनों के रेले को संभालना मुश्किल साबित हुआ, जिसके बाद व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया।
मनाली और कसौली में भी सड़कों पर भारी दबाव
लंबे सप्ताहांत की हलचल हिमाचल प्रदेश के अन्य लोकप्रिय हिल स्टेशनों में भी साफ दिखाई दी। मनाली और कसौली की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों का तांता लगने से कई इलाकों में ट्रैफिक बेहद सुस्त रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मनाली में महज दो दिनों के भीतर 4 हजार से अधिक पर्यटक वाहन दाखिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में सैलानी रोहतांग, सिस्सू, अटल टनल और सोलंगनाला के दर्शनीय स्थलों की ओर आगे बढ़े, जिससे ऊपरी इलाकों के संपर्क मार्गों पर भी वाहनों का दबाव चरम पर पहुंच गया।
पर्यटन उद्योग में लौटी रौनक, होटलों में 70 फीसदी ऑक्यूपेंसी
एक ओर जहां सड़कों पर घंटों फंसे रहने से यात्रियों और स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, वहीं दूसरी ओर इस भीड़ ने राज्य के पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिला दिए हैं। लंबे अरसे से मंदी और कारोबार में तेजी की उम्मीद लगाए बैठे स्थानीय व्यवसायियों के लिए यह वीकेंड बड़ी राहत लेकर आया। शिमला के होटलों में ऑक्यूपेंसी का आंकड़ा उछलकर लगभग 70 फीसदी तक दर्ज किया गया। वहीं मनाली में भी सप्ताहांत के दौरान होटल ऑक्यूपेंसी 50 फीसदी से ऊपर दर्ज की गई, जिससे आतिथ्य सत्कार से जुड़े व्यापारियों को लंबे समय बाद मजबूत आर्थिक संबल मिला है।





















