अपनी तीखी संवाद अदायगी और संजीदा किरदारों की गढ़ी कहानियों के लिए मशहूर फिल्म निर्देशक मार्टिन मैक्डोना एक बार फिर सिनेमाघरों में वापसी करने जा रहे हैं। द बंशीज ऑफ इनिशेरिन की अपार सफलता के बाद मैक्डोना अपनी नई फिल्म वाइल्ड हॉर्स नाइन लेकर आ रहे हैं। 1970 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म दर्शकों को ईस्टर आइलैंड के रहस्यमय और सुरम्य माहौल में ले जाती है। इस नई फिल्म में हॉलीवुड अभिनेता सैम रॉकवेल और जॉन मालकोविच गुप्तचर संस्था सीआईए के दो ऐसे अधिकारियों की भूमिका निभा रहे हैं, जिनके बीच की तकरार कहानी को आगे बढ़ाती है।
1970 के दशक में ईस्टर आइलैंड का सीआईए मिशन
फिल्म की कहानी अमेरिका की गुप्तचर संस्था सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के दो अधिकारियों के इर्द-गिर्द घूमती है। इस फिल्म में दिग्गज अभिनेता जॉन मालकोविच ने क्रिस नाम के एक अनुभवी सीआईए अधिकारी का किरदार निभाया है, जबकि सैम रॉकवेल ली नाम के अपेक्षाकृत युवा एजेंट की भूमिका में हैं। इन दोनों अधिकारियों को चिली के अधिकार क्षेत्र में आने वाले द्वीप रापा नूई यानी ईस्टर आइलैंड पर एक गुप्त मिशन पर भेजा जाता है, जो अपनी विशाल पाषाण मूर्तियों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। 1970 के दशक के उस दौर में ईस्टर आइलैंड पहुंचे ये दोनों एजेंट कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होते हैं, जिससे उनके बीच आपसी मतभेद और विवाद गहराता चला जाता है।
राजनीतिक विषयों पर मार्टिन मैक्डोना का दृष्टिकोण
यह नई फिल्म निर्देशक मार्टिन मैक्डोना की पिछली रचनाओं की तुलना में एक बड़ा वैचारिक बदलाव दर्शाती है। इन ब्रुग्स और थ्री बिलबोर्ड्स आउटसाइड एबिंग, मिसौरी जैसी प्रशंसित फिल्में बनाने वाले मैक्डोना ने इस बार अमेरिकी विदेश नीति को अपनी कहानी का केंद्र बनाया है। "यह निश्चित रूप से मेरी सबसे राजनीतिक रचना है," मैक्डोना ने फिल्म के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया। उनका उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से 1960 और 1970 के दशक के दौरान दुनिया भर में सीआईए द्वारा चलाए गए गुप्त अभियानों की पड़ताल करना था। कहानी में यह भी दर्शाया गया है कि उस दौर में किए गए कई गुप्त अभियान उतने छिपे हुए नहीं थे, जितना दावा किया जाता था।
आत्मग्लानि और ब्रिटेन में रिलीज की योजना
वैश्विक राजनीति और गुप्तचर गतिविधियों के अलावा, यह फिल्म मुख्य किरदारों के भीतर आने वाले नैतिक बदलाव पर भी गहराई से प्रकाश डालती है। ईस्टर आइलैंड पर मिशन के दौरान सीआईए का एक अधिकारी पहली बार अपने काम पर सवाल उठाना शुरू करता है और उसके मन में किए गए कार्यों को लेकर पछतावा तथा अपराधबोध की भावना जागृत होती है। यही आत्ममंथन फिल्म के मुख्य संदेश को आकार देता है। ब्रिटेन के सिनेमाघरों में दर्शक 6 नवंबर से इस थ्रिलर फिल्म वाइल्ड हॉर्स नाइन को देख सकेंगे।


















