सितंबर की शुरुआत में शुक्र का राशि परिवर्तन, मिथुन, धनु और मीन जातकों के लिए बढ़ेगी आर्थिक व पारिवारिक चुनौतीहिमालयी क्षेत्र में बर्फ खिसकने से नेपाल की सड़कें और बिजली तंत्र तबाह, गंभीर आर्थिक संकट में घिरा देशजैक्सन होल सम्मेलन से पहले वैश्विक मुद्रा बाजार में सुस्ती, यूरो और पाउंड में सीमित दायरे का कारोबाररीवा में रक्षाबंधन की खरीदारी से लौट रहे दादा और दो पोतियों समेत 4 लोगों की दर्दनाक हादसे में मौतबिहार के 3 लाख छात्रों को मिलेगी 24 घंटे मुफ्त ऑनलाइन शिक्षक सहायता, सीएम सम्राट चौधरी ने पेश किया विद्या साथी ऐपगोल्ड में $4,600 के ऊपर मजबूती की लहर, क्या $4,850 का नया स्तर छूएगा सोना?बेंगलुरु में बेस्कॉम बिजली बिल में नाम बदलने की ऑनलाइन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और फीससाप्ताहिक राशिफल 30 अगस्त से 5 सितंबर 2026: इन 5 राशियों का चमकेगा भाग्य, मिलेगी तरक्की और धन लाभचीफ जस्टिस सूर्यकांत की मौजूदगी पर उपजे विवाद के बीच नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी ने 34वां दीक्षांत समारोह वापस लियास्वार्थी दोस्तों के व्यवहार को समझने और रिश्ते में सही सीमाएं तय करने के आसान तरीके
क्या रूस यूक्रेन युद्ध में हार की ओर है? पुतिन ने माना देश मुश्किल दौर से गुजर रहा हैपड़ताल
14 जुल॰ 2026, 7:25 am (45 दिन पहले)· 4

क्या रूस यूक्रेन युद्ध में हार की ओर है? पुतिन ने माना देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है

यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष के बीच व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार स्वीकार किया है कि रूस कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है। क्रीमिया पर बढ़ते दबाव और ईंधन की किल्लत के बीच युद्ध की दिशा बदलती दिख रही है।

यूक्रेन के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष को 4 साल, 4 महीने और 18 दिन बीत चुके हैं। 24 फरवरी 2022 को जब रूस ने हमला शुरू किया था, तब अंतरराष्ट्रीय सैन्य विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि यूक्रेन 24 घंटे के भीतर घुटने टेक देगा। हालांकि, आज स्थिति बिल्कुल अलग नजर आती है और रूस खुद को कमजोर और जर्जर महसूस कर रहा है।

पुतिन का कबूलनामा

व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार खुले तौर पर माना है कि उनका देश एक कठिन दौर से गुजर रहा है। यह बयान उस समय आया है जब रूस के भीतर कई मोर्चों पर चुनौतियां बढ़ गई हैं। रूसी प्रशासन पर अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरा दबाव है।

ये भी पढ़ें

क्रीमिया की स्थिति और रसद का संकट

रूस के कब्जे वाले क्रीमिया पर यूक्रेनी सेना का दबाव लगातार बढ़ रहा है। हालिया घटनाओं में वहां ईंधन की भारी कमी देखी गई है, जिसके चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्रीमिया पर रूस का नियंत्रण कमजोर होता है, तो यह युद्ध के परिणाम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। क्रीमिया तक जाने वाले रसद के पुलों और रास्तों को बाधित करना यूक्रेनी रणनीति का बड़ा हिस्सा रहा है।

युद्ध का बदलता स्वरूप

रूस न केवल यूक्रेन के मोर्चे पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपने प्रभाव में गिरावट देख रहा है। माली जैसे क्षेत्रों में भी रूस की पकड़ ढीली पड़ती जा रही है। रूसी अर्थव्यवस्था और सैन्य संसाधन युद्ध के बढ़ते खर्च के कारण भारी दबाव में हैं। जहां यूक्रेन अब आक्रामक रुख अपनाते हुए क्रीमिया को पुनः प्राप्त करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है, वहीं क्रेमलिन के सामने खुद को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है।

सवाल-जवाब

रूस-यूक्रेन युद्ध कब शुरू हुआ था?
रूस और यूक्रेन के बीच यह सैन्य संघर्ष 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था।
क्या पुतिन ने युद्ध को लेकर कोई स्वीकारोक्ति दी है?
हां, व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार यह माना है कि रूस वर्तमान में कठिन दौर से गुजर रहा है।
क्रीमिया में ईंधन की स्थिति कैसी है?
क्रीमिया में ईंधन की किल्लत देखी जा रही है और वहां पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं।
क्या यूक्रेन क्रीमिया वापस ले सकता है?
सैन्य विशेषज्ञों और विश्लेषकों के अनुसार, क्रीमिया पर दबाव बढ़ रहा है और यूक्रेन वहां अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR