झारखंड के धनबाद जिले में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब बरवाअड्डा थाना परिसर में विधायक और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई। डुमरी से विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ फर्जी दस्तावेज मामले में पकड़े गए एक आरोपी की पैरवी करने पहुंचे थे। वहीं बड़ा पिछड़ी पंचायत की मुखिया के परिजन और समर्थक भी वहां मौजूद थे। दोनों गुटों के बीच पहले जुबानी जंग हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया, जिससे थाना परिसर में अफरा तफरी मच गई।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा है पूरा विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ फर्जी दस्तावेजों के सहारे जाति प्रमाण पत्र बनवाने का मामला है। बड़ा पिछड़ी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का दुरुपयोग कर प्रमाणपत्र जारी कराए जा रहे थे। इस बात का खुलासा होने के बाद मुखिया प्रतिनिधि ने बरवाअड्डा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए गणेश दास नाम के एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और थाने लेकर आई थी।
थाने में धक्का मुक्की और गला दबाने का आरोप
जब विधायक जयराम महतो हिरासत में लिए गए आरोपी की पैरवी के सिलसिले में थाने पहुंचे, तब वहां माहौल गरमा गया। उसी समय 21 अगस्त की रात करीब 10 बजे मुखिया यशोदा देवी के बेटे प्रदीप रजक भी बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे। उनके पिता आशुतोष रजक को कांड संख्या 129/26 के तहत पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। प्रदीप रजक का आरोप है कि थाने में पहले से मौजूद विधायक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।
पुलिस के सामने हुआ हंगामा और लिखित शिकायत
प्रदीप रजक ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि विधायक जयराम महतो ने जान से मारने की नीयत से उनका गला दबा दिया, जिससे उनकी गर्दन पर खरोंच के निशान आ गए। इसके अलावा विधायक समर्थक सुशील मंडल और अन्य सहयोगियों पर लात, घूंसे और थप्पड़ से हमला करने के गंभीर आरोप लगे हैं। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। घटना के बाद मुखिया समर्थकों ने थाने में हंगामा करते हुए विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।





















