झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रसिद्ध अल्बर्ट एक्का चौक पर शुक्रवार को छात्रों के उग्र प्रदर्शन के दौरान अचानक अफरा तफरी मच गई। परीक्षा प्रणालियों में बदलाव की मांग कर रहे युवाओं और वहां मौजूद कुछ अन्य लोगों के बीच तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई और धक्का मुक्की में बदल गई। इस घटना के बाद शहर के सबसे व्यस्त चौराहे पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
अल्बर्ट एक्का चौक पर पुतला दहन के दौरान भड़की झड़प
मिली जानकारी के मुताबिक, जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले दर्जनों छात्र अपनी पुरानी मांगों को लेकर अल्बर्ट एक्का चौक पर एकत्र हुए थे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शनकारी छात्र अधिकारियों और व्यवस्था के खिलाफ पुतला दहन करने की तैयारी में जुटे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों के साथ छात्रों की कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच धक्का मुक्की होने लगी। चौराहे पर अचानक हुई इस घटना से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों के बीच हड़कंप मच गया। माहौल बिगड़ता देख मौके पर मौजूद अन्य नागरिकों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
परीक्षा सुधारों की मांग और पुलिस की पैनी नजर
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि वे जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं तथा परीक्षा संचालन के नियमों में व्यापक सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। छात्रों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था से अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, इसलिए रिफॉर्म मंच के माध्यम से विरोध दर्ज कराने के लिए पुतला दहन का आयोजन किया गया था। अल्बर्ट एक्का चौक शहर का एक मुख्य केंद्र होने की वजह से घटना के समय वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस धक्का मुक्की में किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट आने की सूचना नहीं है। अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात है और पूरे इलाके में स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।
झारखंड हाईकोर्ट के फैसले से फिर गरमाया मुद्दा
उल्लेखनीय है कि झारखंड में बीते 2 सप्ताह से भी अधिक समय से छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। राज्य भर में बढ़ते असंतोष और छात्रों के उग्र विरोध को देखते हुए हेमंत सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का बड़ा निर्णय लिया था। लेकिन इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने वाले फैसले पर रोक लगा दी। अदालत के इस आदेश के बाद परीक्षा रद्द होने की आस लगाए बैठे छात्रों का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा है और अल्बर्ट एक्का चौक पर हुआ यह बवाल उसी बढ़ते असंतोष की कड़ी माना जा रहा है।



















